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Chandigarh News: ग्रीन कॉरिडोरः हरियाणा सीएम आवास के पास से एंट्री, बोगनविला-लेजर वैली से होते हुए पहुंचेंगे मोहाली सीमा
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चंडीगढ़। यूटी प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग शहर के बीचोबीच एक ग्रीन कॉरिडोर बनाने जा रहा है। जिस पर मोटर वाहनों की अनुमति नहीं होगी। इस कॉरिडोर में लोग सिर्फ साइकिल और पैदल चल सकेंगे। कॉरिडोर में एंट्री हरियाणा सीएम निवास के पास से होगी, जो बोगनविला गार्डन और लेजर वैली से होते हुए मोहाली सीमा तक पहुंचेगा। इस कॉरिडोर को बनाने की अनुमानित लागत करीब पांच करोड़ है। यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि यह पूरा ग्रीन कॉरिडोर (नॉन मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर) करीब साढ़े आठ किलोमीटर का होगा। कॉरिडोर हरियाणा सीएम आवास से शुरू होगा, जो बोगनविला गार्डन, लेजर वैली व अन्य गार्डन से होते हुए पंजाब के गुरुद्वारा साहिब बॉर्डर तक जाएगा। यह सीमेंट कंक्रीट का ट्रैक होगा, जो विभिन्न गार्डन के अंदर से होकर गुजरेगा। लोग साइकिल चलाते हुए अपने दोनों तरफ हरियाली का आनंद उठा सकेंगे। बताया कि ट्रैक के साथ एक केबल डक भी बनाया जाएगा, ताकि आने वाले समय में जब 5जी के लिए टेलीकॉम कंपनियों को अंडरग्राउंड तार डालने की जरूरत हुई तो ट्रैक को दोबारा खोदना नहीं पड़ेगा। ओझा ने बताया कि कॉरिडोर के बीच कुछ जगह पर क्रॉसओवर भी बनाए जाएंगे और जहां भी मुख्य सड़क आएगी, वहां से ट्रैक को मोड़ कर दूसरी तरफ ले जाया जाएगा। बताया कि पूरे कॉरिडोर पर लाइट की व्यवस्था होगी, ताकि रात के समय में भी लोग पैदल या ट्रैक पर चल सकें।
सेक्टर-42 से लेकर सेक्टर-53 तक भी बनेगा कॉरिडोर, जल्द काम होगा शुरू
यूटी प्रशासन एन-चो के साथ करीब सात किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाने जा रहा है। ये कॉरिडोर सेक्टर-42 से लेकर सेक्टर-53 तक बनेगा। इसका काम एक कंपनी को आवंटित किया जा चुका है और जल्द की काम शुरू होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इस कॉरिडोर का काम पहले पूरा होगा। चंडीगढ़ मास्टर प्लान 2031 के तहत यूटी प्रशासन ने 11 ग्रीन कॉरिडोर बनाने हैं, जिनमें से पहले चरण में दो कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। हर ग्रीन कॉरिडोर 7 से 9 किलोमीटर का होगा। इन कॉरिडोर की चौड़ाई लगभग तीन मीटर होगी। प्लान के तहत ग्रीन कॉरिडोर में स्मार्ट पोल लगाए जाएंगे। इससे रूट सुरक्षित व सुविधाजनक होगा।
-वर्जन-- -
नॉन मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। काम आवंटित होने के छह महीने में कॉरिडोर को बनाने का कार्य पूरा होगा। कॉरिडोर के बन जाने के बाद लोगों को इस पर साइकिल चलाने व पैदल चलने पर अलग ही अनुभव प्राप्त होगा।
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- सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, यूटी प्रशासन
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सेक्टर-42 से लेकर सेक्टर-53 तक भी बनेगा कॉरिडोर, जल्द काम होगा शुरू
यूटी प्रशासन एन-चो के साथ करीब सात किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाने जा रहा है। ये कॉरिडोर सेक्टर-42 से लेकर सेक्टर-53 तक बनेगा। इसका काम एक कंपनी को आवंटित किया जा चुका है और जल्द की काम शुरू होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इस कॉरिडोर का काम पहले पूरा होगा। चंडीगढ़ मास्टर प्लान 2031 के तहत यूटी प्रशासन ने 11 ग्रीन कॉरिडोर बनाने हैं, जिनमें से पहले चरण में दो कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। हर ग्रीन कॉरिडोर 7 से 9 किलोमीटर का होगा। इन कॉरिडोर की चौड़ाई लगभग तीन मीटर होगी। प्लान के तहत ग्रीन कॉरिडोर में स्मार्ट पोल लगाए जाएंगे। इससे रूट सुरक्षित व सुविधाजनक होगा।
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नॉन मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। काम आवंटित होने के छह महीने में कॉरिडोर को बनाने का कार्य पूरा होगा। कॉरिडोर के बन जाने के बाद लोगों को इस पर साइकिल चलाने व पैदल चलने पर अलग ही अनुभव प्राप्त होगा।
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- सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, यूटी प्रशासन