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Chandigarh: कालीबाड़ी में दुर्गा पूजा के लिए तैयार हुआ भव्य पंडाल, दिखी बंगाल की सांस्कृतिक झलक
Sat, 21 Oct 2023 07:59 AM IST
निवेदिता वर्मा
नीरज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
नीरज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 21 Oct 2023 07:59 AM IST
सार
भव्य पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। मां दुर्गा के भक्त जब पंडाल में जाएंगे तो उन्हें बंगाल की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। पंडाल को विविध रंगों से भी सजाया गया है। कलाकार बलराम पुरकायथ की निगरानी में पंडाल का निर्माण किया गया है।
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कालीबाड़ी में लगा भव्य पंडाल।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चंडीगढ़ में दुर्गा पूजा के लिए बंगाल की संस्कृति से ओतप्रोत भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है। कालीबाड़ी को जगमग रोशनी से सजाया गया है। नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की तैयारियां पूरी हो गई हैं। शुक्रवार को महाषष्ठी पर पूजा की शुरुआत होगी। पूजा पंडाल को भव्य और दिव्य रूप दिया गया है। कालीबाड़ी में इस बार 54 वीं दुर्गापूजा मनाई जा रही है।
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भव्य पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। मां दुर्गा के भक्त जब पंडाल में जाएंगे तो उन्हें बंगाल की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। पंडाल को विविध रंगों से भी सजाया गया है। कलाकार बलराम पुरकायथ की निगरानी में पंडाल का निर्माण किया गया है। सजावट का सामान भी कोलकाता से मंगाया गया है। पंडाल के प्रवेश द्वार को भी भव्य रूप दिया गया है।
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कालीबाड़ी में अगमनी पूजा ..
कालीबाड़ी के मुख्य पुजारी स्वप्न चक्रवर्ती ने बताया कि षष्ठी तिथि को माता की बेल के पेड़ की पूजा होती है। षष्ठी के दिन माता धरती पर आती हैं। उन्होंने कहा कि बेल के पेड़ में महादेव का निवास होता है। सुबह 9.30 से लेकर 11.30 बजे तक बोधन पूजा होगी। शाम में आमंत्रण और अधिवास पूजा होगी। कलश स्थापना के उपरांत भगवती की प्राण प्रतिष्ठा होगी।
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सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा
पूजा के बाद शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। इसमें महिषासुर मर्दिनी का मंचन होगा। इसमें 5 वर्ष से लेकर 60 वर्ष के 80 कलाकार हैं। अंकना दास गुप्ता दुर्गा का स्वरूप
धारण मर महिषासुर का वध करेंगी। पिछले दो महीने से रिहर्सल चली। गुरुवार शाम को अंतिम रिहर्सल हुई। अंकना दास गुप्ता पीयू में माइक्रोबायोलॉजी की विद्यार्थी हैं।
इसका निर्देशन अमृता गांगुली कर रही हैं। नृत्य का डिजाइन अर्चिता पालित ने किया है।
दुर्गा पंडाल में बंगाल की संस्कृति की झलक दिख रही है। पंडाल को भव्य रूप दिया गया है। महाषष्ठी से लेकर महानवमी तक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। कोलकाता से
भी कलाकार प्रस्तुति देंगे। महादशमी को मां की विदाई होगी। इस दिन दर्पण विसर्जन और सिंदूर खेला होगा। - पीयूष नंदी, सदस्य मैनेजिंग कमेटी कालीबाड़ी।
नृत्य नाटिका में दिखेगा महिषासुरमर्दिनी का स्वरूप...
सेक्टर 35 के बंग भवन में शाम को पूजा के उपरांत के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसका उद्घाटन रामकृष्ण मिशन सेक्टर के सचिव स्वामी भितिहरानंद
महाराज करेंगे। पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा विराजमान कराया गया है। माता की पूजा और भव्य आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आगमनी में रूपचरित महिमा की नृत्य
नाटिका के माध्यम से आयोजन होगा। एक घंटा 15 मिनट के सांस्कृतिक कार्यक्रम में महिषासुर मर्दिनी को दिखाया जाएगा। इस कार्यक्रम में 60 से 70 लोगों की भागीदारी
होगी। आकर्षक पंडाल सजाया गया है। भव्य स्टेज पर नृत्य नाटिका के माध्यम से मां दुर्गा के रूपों को दिखाया जाएगा। 12 वीं की छात्रा गार्वी दत्ता मां दुर्गा का स्वरूप धरकर
अभिनय करेंगी जबकि 12 कक्षा का स्वर्णाभ डे महिषासुर की भूमिका निभएंगे।
सेक्टर- 35 स्थित बंग भवन में भी भव्य आयोजन की तैयारी कर ली गई है। बंगिया सांस्कृतिक सम्मिलनी की ओर से हर वर्ष यह आयोजन होता है। बंगिया संस्कृतिक
सम्मिलनी के सांस्कृतिक उपाध्यक्ष भवानी पाल ने बताया कि दुर्गा पूजा का शुक्रवार की शाम को शुभारंभ होगा।