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Chandigarh News: पीयू में 23 दिसंबर को वैश्विक पूर्व विद्यार्थी सम्मेलन, संस्थान छात्रों के संपर्क में नहीं
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से 23 दिसंबर को वैश्विक पूर्व विद्यार्थी सम्मेलन का आयोजन कराया जाएगा। नए विभागों को छोड़कर पुराने किसी भी विभाग के पास पुरातन छात्रों की जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ही पुरातन छात्रों को कार्यक्रम की सूचना दी जा रही है। हालांकि पीयू ने चार वर्ष से ही पुरातन छात्रों का रजिस्ट्रेशन कराना शुरू किया है। संस्थान के पास इससे पहले के पुरातन छात्रों के साथ भी कोई जुड़ाव नहीं है।पंजाब यूनिवर्सिटी चुनिंदा पुरातन छात्र राजनेता, एंटरप्रेन्योर, खिलाड़ियों व अभिनेताओं के संपर्क में ही है, जबकि पीयू से खेल के क्षेत्र, ज्यूडिशरी, आईटी और मैनेजमेंट कंपनियों के प्रमुख, वैज्ञानिक और लेखक निकले हैं लेकिन संस्थान का जुड़ाव न होने के कारण विद्यार्थियों को सम्मेलन का फायदा नहीं हो रहा है। पीयू के विभाग सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ही पूर्व विद्यार्थी सम्मेलन के कार्यक्रम की सूचना पहुंचाने पर काम करते हैं, वन टू वन पुरातन छात्र के साथ संपर्क साधने पर काम नहीं हो पा रहा है। संस्थान की ओर से पुरातन छात्र रजिस्ट्रेशन करने वाले को ही सिर्फ कार्यक्रम की सूचना की ई-मेल आती है।
पुरातन छात्र से संपर्क न होने से नए विद्यार्थियों का हो रहा नुकसान
पीयू के हर विभाग से अपने क्षेत्र के बेहतरीन लोग निकले हैं लेकिन विभागों का अपने पुराने छात्रों से कोई संपर्क ही नहीं है और न ही विभागों की ओर से इस क्षेत्र में कोई खास प्रयास किया जा रहा है। छात्रों के लिए पुरातन छात्र के साथ संवाद सबसे अधिक प्रेरणादायक होता है। कैसे उनके सीनियर्स ने उनके क्षेत्र में बेहतरीन पदों पर पहुंचे और जिंदगी की चुनौतियों को कैसे पार किया लेकिन पीयू के छात्र इन सब अनुभवों से वंचित रहते है। चुनिंदा विभाग ही पुरातन छात्रों के साथ संवाद करवाते हैं। -जितेंद्र सिंह, अध्यक्ष, छात्रसंघ पीयू
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पुरातन छात्र से संपर्क न होने से नए विद्यार्थियों का हो रहा नुकसान
पीयू के हर विभाग से अपने क्षेत्र के बेहतरीन लोग निकले हैं लेकिन विभागों का अपने पुराने छात्रों से कोई संपर्क ही नहीं है और न ही विभागों की ओर से इस क्षेत्र में कोई खास प्रयास किया जा रहा है। छात्रों के लिए पुरातन छात्र के साथ संवाद सबसे अधिक प्रेरणादायक होता है। कैसे उनके सीनियर्स ने उनके क्षेत्र में बेहतरीन पदों पर पहुंचे और जिंदगी की चुनौतियों को कैसे पार किया लेकिन पीयू के छात्र इन सब अनुभवों से वंचित रहते है। चुनिंदा विभाग ही पुरातन छात्रों के साथ संवाद करवाते हैं। -जितेंद्र सिंह, अध्यक्ष, छात्रसंघ पीयू
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