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जर्मनी भेजने के नाम पर 5.35 लाख की ठगी
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चंडीगढ़। मोहाली के एसएएस नगर निवासी एक युवक को जर्मनी भेजने का झांसा देकर 5.35 लाख रुपये की चपत लगाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सेक्टर-37 की एक इमिग्रेशन कंपनी ने युवक को जर्मनी भेजने की बजाय यूक्रेन भेज दिया और तीन महीने वहां रहने के बाद उसे भारत वापस लौटा दिया गया। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सेक्टर-39 थाना पुलिस ने कांसल निवासी एजेंट राजेश कुमार और सेक्टर-37 निवासी पुष्प महाजन के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
एफआईआर के मुताबिक, शिकायत को दी शिकायत में मोहाली के एसएएस नगर स्थित गांव खिलावर निवासी हमीर सिंह ने बताया कि वह अक्सर पंचकूला में ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर माथा टेकने जाया करते हैं। दरगाह पर जून 2018 में राजेश कुमार नामक एक शख्स मिला। उसने बताया कि वह लोगों को विदेश भेजने का काम करता है और उसका दफ्तर चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में है। इसके बाद वह उसके दफ्तर पहुंचे, जहां राजेश ने बताया कि उसके साथ पुष्प महाजन भी भी काम करते हैं। शिकायत में बताया गया कि उन दोनों से हमीर सिंह ने अपने बेटे पवन कुमार को जर्मनी भेजने की बात की और सौदा आठ लाख में तय हुआ। दोनों ने वादा किया कि अगले 15 दिनों में फ्लाइट की टिकट करवा देंगे। जुलाई 2018 में हमीर सिंह ने उक्त आरोपियों के खाते में 5 लाख और सितंबर में 35 हजार रुपये डाल दिए। 30 अगस्त 2018 को पवन दिल्ली से यूक्रेन गया, लेकिन वहां एजेंटों ने कोई प्रबंध नहीं किया था और पवन वहां से रोमानिया होते हुए तीन महीने बाद 14 नवंबर को भारत लौट आया। दोबारा 10 मई 2019 को पवन फिर यूक्रेन गया, लेकिन वहां की पुलिस ने उसे प्रवेश नहीं करने दिया। अब उक्त आरोपी न उसे जर्मनी भेज रहे हैं और न ही रुपये वापस लौटा रहे हैं। परेशान होकर शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है।
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एफआईआर के मुताबिक, शिकायत को दी शिकायत में मोहाली के एसएएस नगर स्थित गांव खिलावर निवासी हमीर सिंह ने बताया कि वह अक्सर पंचकूला में ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर माथा टेकने जाया करते हैं। दरगाह पर जून 2018 में राजेश कुमार नामक एक शख्स मिला। उसने बताया कि वह लोगों को विदेश भेजने का काम करता है और उसका दफ्तर चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में है। इसके बाद वह उसके दफ्तर पहुंचे, जहां राजेश ने बताया कि उसके साथ पुष्प महाजन भी भी काम करते हैं। शिकायत में बताया गया कि उन दोनों से हमीर सिंह ने अपने बेटे पवन कुमार को जर्मनी भेजने की बात की और सौदा आठ लाख में तय हुआ। दोनों ने वादा किया कि अगले 15 दिनों में फ्लाइट की टिकट करवा देंगे। जुलाई 2018 में हमीर सिंह ने उक्त आरोपियों के खाते में 5 लाख और सितंबर में 35 हजार रुपये डाल दिए। 30 अगस्त 2018 को पवन दिल्ली से यूक्रेन गया, लेकिन वहां एजेंटों ने कोई प्रबंध नहीं किया था और पवन वहां से रोमानिया होते हुए तीन महीने बाद 14 नवंबर को भारत लौट आया। दोबारा 10 मई 2019 को पवन फिर यूक्रेन गया, लेकिन वहां की पुलिस ने उसे प्रवेश नहीं करने दिया। अब उक्त आरोपी न उसे जर्मनी भेज रहे हैं और न ही रुपये वापस लौटा रहे हैं। परेशान होकर शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है।
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