{"_id":"5f7bfb3d8ebc3eb8670be404","slug":"france-delegation-in-chandigarh-for-meeting-on-smart-city-project","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"स्मार्ट सिटीः चंडीगढ़ में अब 24 घंटे सातों दिन 'पेयजल योजना' में महिलाओं को मिलेगा रोजगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्मार्ट सिटीः चंडीगढ़ में अब 24 घंटे सातों दिन 'पेयजल योजना' में महिलाओं को मिलेगा रोजगार
Tue, 06 Oct 2020 10:36 AM IST
खुशबू गोयल
नवदीप मिश्रा, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 06 Oct 2020 10:36 AM IST
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फ्रांसीसी प्रतिनिधितमंडल बैठक करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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फ्रांस का एक शिष्टमंडल पांच दिवसीय दौरे के लिए सोमवार को चंडीगढ़ पहुंचा। इस दौरान स्मार्ट सिटी ने अपने प्रस्तुतिकरण में बताया कि 24 घंटे सातों दिन पेयजल योजना में महिलाओं को रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। इससे महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा। फ्रांस दूतावास के कुछ अधिकारी चंडीगढ़ आए हैं, वहीं कुछ अधिकारी कोरोना के कारण ऑनलाइन प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक में जुड़े।
पहले दिन मुलाकात के बाद स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने अपना प्रस्तुतिकरण दिया। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने बताया कि शहर में 24 घंटे सातों दिन पानी सप्लाई के लिए फ्रांस सरकार 500 करोड़ का लोन दे रही है। वहीं, इस प्रोजेक्ट के लिए फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी (एफडीए) चंडीगढ़ को 80 करोड़ यूरोपियन यूनियन ग्रांट दे रही है, जो वापस नहीं करना है।
फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी दुनियाभर में ऐसी योजनाओं को बढ़ावा देती है, जिसमें प्राकृतिक व सामाजिक दृष्टिकोण से कुछ बेहतर होना हो। प्रस्तुतिकरण में अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के अनुसार अप्रैल 2021 तक इस प्रोजेक्ट का टेंडर होना है। टेंडर लेने वाली कंपनी को ही 15 साल तक इसका संचालन व मेंटीनेंस कार्य देखना होगा।
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पहले दिन मुलाकात के बाद स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने अपना प्रस्तुतिकरण दिया। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने बताया कि शहर में 24 घंटे सातों दिन पानी सप्लाई के लिए फ्रांस सरकार 500 करोड़ का लोन दे रही है। वहीं, इस प्रोजेक्ट के लिए फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी (एफडीए) चंडीगढ़ को 80 करोड़ यूरोपियन यूनियन ग्रांट दे रही है, जो वापस नहीं करना है।
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फ्रांस डेवलपमेंट एजेंसी दुनियाभर में ऐसी योजनाओं को बढ़ावा देती है, जिसमें प्राकृतिक व सामाजिक दृष्टिकोण से कुछ बेहतर होना हो। प्रस्तुतिकरण में अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के अनुसार अप्रैल 2021 तक इस प्रोजेक्ट का टेंडर होना है। टेंडर लेने वाली कंपनी को ही 15 साल तक इसका संचालन व मेंटीनेंस कार्य देखना होगा।
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बिल देने या मीटर रीडिंग में हो सकता है बेहतर विकल्प
फ्रांस के अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं को कैसे इस योजना से जोड़ा जाएगा, इस पर स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने अपने प्रस्तुतिकरण में बताया कि बिल बनाने, मीटर रीडिंग जैसे कुछ विकल्प हैं, जो महिलाओं के लिए बेहतर साबित हो सकते हैं। इस योजना के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण भी दिया जा सकता है।
पर्यावरण को नहीं होगा नुकसान
अधिकारियों ने अपने प्रस्तुतिकरण में बताया कि इस प्रोजेक्ट से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा। योजना में न कोई पेड़ काटना है और न कोई भूमि अधिग्रहीत करनी है। ऐसे में शहर को लाभ मिलने के साथ पर्यावरण पर भी कोई इसका दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा।
कोरोना के कारण देरी से हुई बैठक
स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि शहर को 24 घंटे सातों दिन पेयजल सप्लाई प्रोजेक्ट के लिए शिष्टमंडल 14 से 19 सितंबर तक चंडीगढ़ आना था, लेकिन कोरोना के बढ़ते केसों के कारण बैठक थोड़ा आगे कर दी गई है। इस बार यह प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में है।
इसलिए शिष्टमंडल की मुहर भी इस बार लग जाएगी। इस प्रोजेक्ट से शहर में पेयजल की खपत घटेगी क्योंकि अभी लोग पानी स्टोरेज कर रखते हैं। वहीं, निगम को भी पेयजल स्टोरेज की समस्या नहीं रहेगी।
पर्यावरण को नहीं होगा नुकसान
अधिकारियों ने अपने प्रस्तुतिकरण में बताया कि इस प्रोजेक्ट से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा। योजना में न कोई पेड़ काटना है और न कोई भूमि अधिग्रहीत करनी है। ऐसे में शहर को लाभ मिलने के साथ पर्यावरण पर भी कोई इसका दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा।
कोरोना के कारण देरी से हुई बैठक
स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि शहर को 24 घंटे सातों दिन पेयजल सप्लाई प्रोजेक्ट के लिए शिष्टमंडल 14 से 19 सितंबर तक चंडीगढ़ आना था, लेकिन कोरोना के बढ़ते केसों के कारण बैठक थोड़ा आगे कर दी गई है। इस बार यह प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में है।
इसलिए शिष्टमंडल की मुहर भी इस बार लग जाएगी। इस प्रोजेक्ट से शहर में पेयजल की खपत घटेगी क्योंकि अभी लोग पानी स्टोरेज कर रखते हैं। वहीं, निगम को भी पेयजल स्टोरेज की समस्या नहीं रहेगी।