बारिश से चंडीगढ़ बेहालः सड़कों पर पानी, कहीं बिजली गुल तो कहीं पानी की किल्लत, दूध-ब्रेड की भी कमी
मौसम विभाग के अनुसार चंडीगढ़ में सुबह 10:30 बजे तक 147 एमएम बारिश हुई है। पिछले 50 घंटे में कुल 449 एमएम बारिश हुई है। ये पूरे साल की बारिश का 40 फीसदी है। ये अपने आप में रिकॉर्ड है। अभी पूरे ट्राइसिटी में तेज बारिश जारी है।
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चंडीगढ़ में भारी बारिश ने तबाही मच रही है। कई इलाकों में बिजली नहीं है। पानी नहीं आया। कहीं आया है तो बहुत गंदा है। बदबू आ रही है। कई वेरका बूथ बंद पड़े हैं। सुखना लेक में पिछले दो दिन से पानी खतरे के निशान के उपर बह रहा है। लेक का फ्लड गेट भी खोला गया है। पानी छोड़ा जा रहा है। मोहाली और पंचकूला के डीसी को सूचना दे दी गई है। कई सड़कें बंद हैं। जहां पर पुलिस तैनात की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार चंडीगढ़ में सुबह 10:30 बजे तक 147 एमएम बारिश हुई है। पिछले 50 घंटे में कुल 449 एमएम बारिश हुई है। ये पूरे साल की बारिश का 40 फीसदी है। ये अपने आप में रिकॉर्ड है। अभी पूरे ट्राइसिटी में तेज बारिश जारी है। अचानक हुई भारी बारिश की वजह से शहर के कई इलाकों में जलभराव हुआ है।
कई सड़कें धंस गई और पाइप लाइनें फट गई हैं। कई जगह सीवर प्रणाली भी ध्वस्त हुई है। नगर निगम क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को बहाल करने के लिए लगातार काम कर रहा है और कर्मचारी जुटे हुए हैं। बता दें कि आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए नगर निगम ने इमरजेंसी सेवाओं के सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और सभी को काम पर लगाया है।
चंडीगढ़: भारी बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए हैं, सड़कों पर गड्ढे बन गए और जलभराव में वाहन डूबे दिखे। pic.twitter.com/LpOwrBvZdR
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 10, 2023
यहां पानी भरा हुआ है...
- मलोया बस स्टैंड
- सेंट्रा मॉल लाइट
- सेक्टर-15/11 अंडरपास
- किशनगढ़ गांव और शास्त्री नगर के ब्रिज के दोनों तरफ की सड़क
- अरोमा लाइट प्वाइंट
- मक्खनमाजरा से जीरकपुर की सड़क
- सेक्टर-14/15 लाइट
- CTU वर्कशॉप अंडरपास
- सेक्टर-23/24 लाइट
नगर निगम की 18 टीमें राहत कार्यों में जुटीं
बारिश की वजह से हुए जलभराव, गिरे हुए पेड़ों को हटाने, पेयजल आपूर्ति को बहाल करने, बिजली और अन्य समस्याओं से निपटने के लिए नगर निगम की तरफ से 18 क्विक रिएक्शन टीम का गठन किया गया। ये टीमें भारी बारिश के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगी।
निगम के अधिकारियों ने बताया कि जहां ज्यादा जलभराव था, वहां मशीनें तैनात की गईं और पानी को निकाला गया। डड्डूमाजरा में लीचेट को सड़कों पर बहने से रोकने के लिए सक्शन टैंकर भी तैनात किए गए थे। हालांकि वो नाकाफी साबित हुए और सड़कों पर काफी गंदा पानी बहा, जिसमें कई लोग फिसलकर गिर भी गए।

नगर निगम ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
नागरिकों की सुरक्षा के लिए नगर निगम ने शहर के तीन महत्वपूर्ण स्थान सेक्टर-15, मनीमाजरा और सेक्टर 17-आईसीसीसी में हेल्पलाइन व 24 घंटे आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। लोग 2540200/ 8146985714, 2738082/9056344434 और 2787200/ 8194977201 नंबरों पर बारिश की वजह से हुए किसी भी तरह के नुकसान की शिकायत कर सकते हैं। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी समस्याओं को रखा है।

मौली गांव में घुसा पानी
उधर, पंचकूला की सीमा से सटे मौली गांव के पीछे से निकलने वाले बरसाती नाले का पानी अब गांव की गलियों में घुस गया है। गलियों ने नदी का रूप धारण कर लिया है। वहीं मकानों में पानी पांच फुट तक घुस जाने से लोगों का समान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। उधर, पंचकूला में माता श्री मनसा देवी मंदिर के पास सड़क पर बनी पुलिया बह गई है। इससे मुख्य मार्ग पर आवाजाही ठप हो गई है।
