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Hindi News ›   Chandigarh ›   Farmers Protest Live from border Farmers are only waiting for signal from their leaders to march to Delhi

किसान दिल्ली कूच को तैयार: कृषि मंत्री की अपील- बातचीत कर हल निकालें, हरियाणा DGP ने पंजाब DGP को लिखा पत्र

Tue, 20 Feb 2024 10:09 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, पटियाला
अमर उजाला नेटवर्क, पटियाला Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 20 Feb 2024 10:09 PM IST
सार

किसान बॉर्डर पर डटे हुए हैं। सोमवार को किसानों ने भाषणों से जोश भरा। इस दौरान किसानों ने कहा कि समय निकालने के लिए सरकार उलाझा रही है। 

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Farmers Protest Live from border Farmers are only waiting for signal from their leaders to march to Delhi
Farmers Protest Live - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किसान आंदोलन को सात दिन हो गए हैं, लेकिन कई दिक्कतें होने के बावजूद किसानों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। रविवार को केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई बैठक के बाद से किसानों में बैचेनी है। बैठक को लेकर किसान अंसतोष जता रहे हैं। 
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हरियाणा के सात जिलों में इंटरनेट पर पाबंदी एक दिन और बढ़ा दी है। हरियाणा डीजीपी ने पंजाब डीजीपी को इस बारे में पत्र भी लिखा है। जेसीबी और पोक लेन जैसी मशीने राकने की बात कही है। वहीं कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने किसानों से अपील की है कि बातचीत कर हल निकाले। कहा कि हम किसानों की सोच रहे हैं। देश में शांति चाहते हैं। संयम से बातचीत जारी रहनी चाहिए।
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किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार समय निकालने के लिए उलझा रही है। जब मांग 23 फसलों पर एमएसपी देने की है, तो फिर दालों, कपास व मक्की पर एमएसपी पांच वर्षों के लिए ठेके पर देने का प्रस्ताव कैसे मान सकते हैं। किसानों ने कहा कि बस अब उन्हें अपने नेताओं के इशारे का इंतजार है। 

सोमवार को भी शंभू बॉर्डर पर हालात शांतिपूर्ण बने रहे। किसी को भी बाॅर्डर से करीब एक किलोमीटर पहले लगाई रस्सी को फांद कर आगे जाने नहीं दिया जा रहा था। हालांकि, नौजवान आगे जाना चाह रहे थे, लेकिन रस्सी के नजदीक लगाए वाॅलंटियरों की ओर से उन्हें रोक दिया जा रहा था। 



वहीं मंच से आज भी लीडरों की ओर से भाषण करके किसानों में जोश भरा गया। लीडरों ने कहा कि केंद्र की ओर से दिए प्रस्वाव पर माहिरों के साथ विचार-चर्चा जारी है। उसके बाद आगे का फैसला होगा।
 

13 फरवरी से शंभू बॉर्डर पर ट्रैक्टर-ट्रालियों में डेरा जमाए किसान बैठे हैं। हर बीतते दिन के साथ बार्डर पर किसानों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। बॉर्डर से पहले करीब चार किलोमीटर तक ट्रैक्टर-ट्रालियों का लंबा काफिला जुटा है, जिनमें अस्थायी ठहराव बनाकर किसान बैठे हैं। 

 

सोमवार को खराब मौसम के बावजूद आसपास के गांवों से बड़ी गिनती में लोग लंगर लेकर शंभू बाॅर्डर पर पहुंचे हुए थे। किसी ने चाय व ब्रेड पकौड़े तो किसी ने सब्जी व रोटी, तो कहीं खीर व मीठे चावलों के लंगर चल रहे थे। इस मौके बात करते 60 साल की तेजिंदर कौर ने कहा कि सुबह से काफी तेज हवाएं चल रही हैं।

काफी परेशानी हो रही है। लंगर बनाना भी मुश्किल हो रहा है, लेकिन आसपास के गांवों के लोग व गुरुद्वारा कमेटियां किसानों की काफी मदद कर रही हैं और लंगर ला रही हैं। 

गुरदासपुर से पहुंचे किसान सतविंदर सिंह ने कहा कि बैठकें करके केंद्र सरकार बस समय निकाल रही है, लेकिन किसान अटल है और हकों की प्राप्ति करके ही पीछे हटेगा। किसान नेताओं की बैठक केंद्र की ओर से दिए ऑफर पर विचार करने के लिए चल रही हैं। लीडरों के कह देने का इंतजार है।
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