अमृतसर-दिल्ली ट्रैक पर जमे किसान, अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नारेबाजी
- जालंधर में यूथ कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में निकाली ट्रैक्टर रैली
- फरीदकोट भाजपा उपाध्यक्ष ने विधेयकों के विरोध में दिया इस्तीफा
विस्तार
केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों के खिलाफ सूबे में किसान शनिवार को भी रेल पटरयों पर डटे रहे। किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के बैनर तले अमृतसर में अमृतसर-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर अर्धनग्न होकर मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
गुरदासपुर में भी किसानों ने रेलवे ट्रैक पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। जबकि जालंधर में उन्होंने परिवार की महिलाओं के साथ पटरी पर धरना देते हुए कैंट स्टेशन पर कब्जा कर लिया है। फिरोजपुर में किसानों ने भाजपा सांसदों और विधायकों को गांवों में नहीं घुसने देने का एलान किया है।
किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने अमृतसर में कहा कि किसानों की बात प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंचे, इसलिए वे अर्धनग्न होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। फिर भी मांग न मानी गई तो ट्रैक पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि नाभा में बौडां गेट पुल के नीचे ट्रैक पर बैठे किसानों ने अपना धरना-प्रदर्शन शनिवार शाम समाप्त कर दिया। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि कृषि विधेयकों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
फिरोजपुर में किसानों ने घोषणा की है कि बिल वापस लिए जाने तक भाजपा सांसदों और विधायकों को गांवों में नहीं घुसने दिया जाएगा। साथ ही मांग उठाई कि पंजाब के सभी 13 सांसदों को इस्तीफा देकर किसान आंदोलन में शामिल हो जाना चाहिए।
जालंधर में यूथ कांग्रेस ने ट्रैक्टर रैली निकाली
जालंधर में यूथ कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में ट्रैक्टर रैली निकाली। चब्बेवाल में विधायक डॉ. राजकुमार की अगुवाई में यह रैली फुगलाना मंडी से फगवाड़ा गेहूं मंडी तक निकाली गई। इसमें लगभग 500 ट्रैक्टर और गाड़ियों का काफिला शामिल था।
एकजुट होकर लड़ें सभी राजनीतिक दल: सुखबीर
पटियाला के गुरुद्वारा श्री बहादुरगढ़ साहिब में शनिवार को शिरोमणि अकाली दल (बादल) की बैठक में पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि खेती विधेयकों को रद्द करने की यह लड़ाई सभी राजनीतिक पार्टियों को एकजुट होकर लड़नी चाहिए। विधेयकों को रद्द कराने के लिए अकाली दल आर-पार की लड़ाई लड़ेगा।
फरीदकोट भाजपा उपाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
कृषि विधेयकों के विरोध में शनिवार को फरीदकोट भाजपा उपाध्यक्ष व कोटकपूरा के वरिष्ठ नेता महिंदर सिंह जोड़ा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वे विधेयकों के विरोध और किसानों के समर्थन में यह कदम उठा रहे हैं।
नाभा में रेलवे ट्रैक से हटे किसान, आर-पार की लड़ाई का एलान
नाभा में बौडां गेट पुल के नीचे रेलवे ट्रैक को जाम करके किसानों के चल रहे धरना-प्रदर्शन को शनिवार शाम समाप्त कर दिया गया। साथ ही एलान किया गया कि एक अक्तूबर से इसी ट्रैक पर अनिश्चितकालीन जाम लगाकर आंदोलन शुरू किया जाएगा। किसानों ने साफ किया कि केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। अब सरकार की मनमानियों खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
भारतीय किसान यूनियन एकता (उगहारां) के बैनर तले 24 सितंबर से नाभा में रेलवे ट्रैक जाम कर चल रहे धरना-प्रदर्शन को शनिवार शाम को समाप्त किया गया। यूनियन के प्रदेश कार्यकारी प्रधान जसविंदर सिंह लौंगोवाल, मनजीत सिंह न्याल, जोगिंदर सिंह उगराहां, करनैल सिंह लंग ने कहा कि केंद्र सरकार के कृषि विधेयक किसानों व मजदूरों को तबाह कर देंगे।
गुरदासपुर में रेलवे ट्रैक पर पर बैठे किसान
कृषि विधेयकों के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों ने शनिवार को रेलवे ट्रैक पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार जब तक पास किया गया विधेयक वापस नहीं लेती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। किसानों के धरने का नेतृत्व किसान नेता सविंदर सिंह कर रहे थे। किसानों ने कहा कि राष्ट्रपति को किसानों के हितों को मुख्य रखते हुए इस पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को अपने वादे के अनुसार स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करनी चाहिए। गेहूं-धान समेत सभी फसलों का खरीद मूल्य जारी कर खरीद की गारंटी दी जाए। गन्ने की बकाया 681 करोड़ रुपये राशि जारी ब्याज समेत दी जाए। डीजल पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर नकेल कसी जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार किसान विरोधी सरकार है। किसान अपना हक लेने के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं।
फिरोजपुर: 'भाजपा सांसदों-विधायकों को गांवों में नहीं घुसने देंगे'
किसानों ने घोषणा की है कि भाजपा सांसदों और विधायकों को गांवों में नहीं घुसने दिया जाएगा। साथ ही मांग उठाई कि पंजाब के सभी तेरह सांसद इस्तीफा देकर किसानों के आंदोलन में शामिल हों। शनिवार को तीसरे दिन भी छावनी रेलवे स्टेशन के नजदीक बस्ती टैंका वाली के पास से दिल्ली, लुधियाना व जालंधर रेल पटरी पर टेंट लगाकर बैठे किसान जत्थेबंदियों के नेताओं ने कहा कि इन कृषि विधेयकों के कारण देश के 85 फीसदी अन्नदाता खेतीबाड़ी धंधे से बाहर हो जाएंगे। किसान जत्थेबंदी के नेता सतनाम सिंह पन्नू ने कहा कि कृषि विधेयक से किसानों के साथ-साथ कई वर्ग प्रभावित होंगे। कुछ समय बाद इसके नतीजे देखने को मिलेंगे। किसान ही नहीं बल्कि आम जनता भी इस विधेयक से प्रभावित होगी।
जालंधर: कैंट रेलवे स्टेशन पर किसानों का कब्जा
जालंधर कैंट स्टेशन पर किसानों ने परिवार की महिलाओं के साथ पटरी पर धरना लगाकर पूरे कैंट स्टेशन पर कब्जा कर लिया है। वहीं यूथ कांग्रेस ने भी किसानों के समर्थन में ट्रैक्टर रैली निकाली। यूथ कांग्रेस जालंधर शहरी के प्रधान अंगद दत्ता ने कहा कि कृषि विधेयक किसानों को बर्बाद करने की साजिश है और पंजाब से किसानी को खत्म किया जा रहा है।
कैंट रेलवे स्टेशन पर पटरी पर मोर्चा लगाकर बैठे किसानों का कहना है कि इन कृषि विधेयकों से खेतीबाड़ी का ढांचा पूरी तरह से खराब हो जाएगा। खेतीबाड़ी का नियंत्रण बड़े घरानों के हाथों में चला जाएगा। मंडीकरण के लिहाज से किसानों के पास सिर्फ गेहूं और धान की फसल बची है, बाकी सारी फसलें सरकार पहले ही मंडीकरण व्यवस्था से किसानों से छीन चुकी है। किसान आगे ही कर्ज के नीचे दब चुका है और उसकी आर्थिक हालत कमजोर होती जा रही है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के सरवण सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार मार्केट कमेटियों को बर्बाद कर रही है। इससे 4000 करोड़ सालाना बर्बाद होंगे।