{"_id":"5a23863f4f1c1baf678bf709","slug":"educational-qualification-set-for-mp-mla-haryana-cm-letter-to-center","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा की बड़ी पहल, केंद्र को पत्र लिखा- MP MLA के लिए निर्धारित हो शैक्षणिक योग्यता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा की बड़ी पहल, केंद्र को पत्र लिखा- MP MLA के लिए निर्धारित हो शैक्षणिक योग्यता
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 03 Dec 2017 10:36 AM IST
विज्ञापन
haryana cm
- फोटो : File Photo
हरियाणा सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं में चुनाव लड़ने के लिए शैक्षणिक योग्यता निर्धारित करने के बाद एक और बड़ा कदम उठाया उठाया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर एमपी और एमएलए के लिए चुनाव लड़ने की शैक्षणिक योग्यता निर्धारित करने की मांग की है।
बीते कुछ वर्षों से इन दोनों उच्च पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता तय करने की मांग उठ रही है। इसे अब हरियाणा की बीजेपी शासित सरकार का भी समर्थन मिल गया है। सीएम मनोहर लाल के एमपी और एमएलए के चुनाव में शैक्षणिक योग्यता लागू करने की मांग के बाद ये मुद्दा जोर पकड़ सकता है। हरियाणा में पंचायत चुनाव में शैक्षणिक योग्यता पहले से लागू है। देश में यह एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पढ़ी-लिखी पंचायतें हैं ।
प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनाव में पुरुषों के लिए 10वीं, महिलाओं के लिए आठवीं तथा दलित महिलाओं के लिए पांचवीं पास होने की योग्यता निर्धारित की हुई है। सरकार के इस फैसले के बाद देश में बहस छिड़ी और इस फैसले का यह कहते हुए विरोध किया गया था कि विधायक और सांसद बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता तय नहीं है, लेकिन पंचायत चुनाव में इसे लागू किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते कुछ वर्षों से इन दोनों उच्च पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता तय करने की मांग उठ रही है। इसे अब हरियाणा की बीजेपी शासित सरकार का भी समर्थन मिल गया है। सीएम मनोहर लाल के एमपी और एमएलए के चुनाव में शैक्षणिक योग्यता लागू करने की मांग के बाद ये मुद्दा जोर पकड़ सकता है। हरियाणा में पंचायत चुनाव में शैक्षणिक योग्यता पहले से लागू है। देश में यह एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पढ़ी-लिखी पंचायतें हैं ।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनाव में पुरुषों के लिए 10वीं, महिलाओं के लिए आठवीं तथा दलित महिलाओं के लिए पांचवीं पास होने की योग्यता निर्धारित की हुई है। सरकार के इस फैसले के बाद देश में बहस छिड़ी और इस फैसले का यह कहते हुए विरोध किया गया था कि विधायक और सांसद बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता तय नहीं है, लेकिन पंचायत चुनाव में इसे लागू किया गया।
विज्ञापन
Trending Videos
पक्ष में ये दिए सुझाव
मुख्यमंत्री मनोहर लाल
- फोटो : File Photo
पक्ष में ये दिए सुझाव
मुख्यमंत्री ने शनिवार को केंद्र सरकार को पत्र लिख कर यह मांग की है कि यदि पढ़े लिखे लोग विधायक और सांसद बन कर आएंगे तो देश का अभूतपूर्व विकास होगा। सुझाव दिया गया है कि एमएलए के लिए स्नातक और एमपी के लिए स्नातकोत्तर तक की शिक्षा अनिवार्य की जानी चाहिए।
देश का बड़ा वर्ग इन दोनों अहम पदों के लिए कम से कम स्नातक की शिक्षा को जरूरी मानता है। इसके पीछे दलील है कि देश के 80 फीसदी एमपी और एमएलए बेहद कम पढ़े लिखे हैं और विधानसभा और लोकसभा में कानून बनाने का काम करते हैं, जो उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को केंद्र सरकार को पत्र लिख कर यह मांग की है कि यदि पढ़े लिखे लोग विधायक और सांसद बन कर आएंगे तो देश का अभूतपूर्व विकास होगा। सुझाव दिया गया है कि एमएलए के लिए स्नातक और एमपी के लिए स्नातकोत्तर तक की शिक्षा अनिवार्य की जानी चाहिए।
देश का बड़ा वर्ग इन दोनों अहम पदों के लिए कम से कम स्नातक की शिक्षा को जरूरी मानता है। इसके पीछे दलील है कि देश के 80 फीसदी एमपी और एमएलए बेहद कम पढ़े लिखे हैं और विधानसभा और लोकसभा में कानून बनाने का काम करते हैं, जो उचित नहीं है।