ढाई करोड़ रिश्वत मामला: ईडी के सहायक निदेशक को सीबीआई कोर्ट से लगा झटका, अग्रिम जमानत याचिका खारिज
हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2012 से 2017 के बीच शिक्षण संस्थानों द्वारा किए गए छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई ने धोखाधड़ी जबकि ईडी ने धन शोधन को लेकर केस दर्ज किया हुआ है। धन शोधन से जुड़े मामले में शिमला ईडी के सहायक निदेशक विशालदीप द्वारा दो शिक्षण संस्थान संचालकों से ढाई करोड़ रुपये रिश्वत मांगी गई थी।
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धन शोधन से जुड़े मामले में ढाई करोड़ की रिश्वत लेने के आरोपी शिमला ईडी के सहायक निदेशक विशालदीप को सीबीआई कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज कर दी है। इसके अलावा उसके सगे भाई विकासदीप व बुआ के लड़के नीरज की जमानत याचिका भी खारिज कर दी है।
विकासदीप के भिवानी घर से सीबीआई ने कुल 1.10 करोड़ रुपये भी रिकवर किए थे। आरोपियों की जमानत याचिका पर मंगलवार को सीबीआई कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2012 से 2017 के बीच शिक्षण संस्थानों द्वारा किए गए छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई ने धोखाधड़ी जबकि ईडी ने धन शोधन को लेकर केस दर्ज किया हुआ है। धन शोधन से जुड़े मामले में शिमला ईडी के सहायक निदेशक विशालदीप द्वारा दो शिक्षण संस्थान संचालकों से ढाई करोड़ रुपये रिश्वत मांगी गई थी। इन संचालकों में चांदपुर ऊना में स्थित देवभूमि ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के संचालक भूपिंद्र कुमार शर्मा को रहीम नाम के व्यक्ति ने फोन करके 55 लाख और कालाअंब स्थित हिमालयन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूशन के चेयरमैन रजनीश बंसल से मुन्नवर नाम के व्यक्ति ने 1.10 करोड़ व 60 लाख रुपये की डिमांड की थी।
विशालदीप को सीबीआई ने एफआईआर नंबर-34 में मुंबई में गिरफ्तार कर वहीं स्थानीय कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड मांगा था जिसे कोर्ट ने खारिज कर उसे जमानत दे दी थी। हालांकि, पंचकूला पुलिस ने भी विशालदीप पर एक अन्य मामला दर्ज कर उसे 8 जनवरी को फिर से गिरफ्तार कर लिया था और मंगलवार को ही रिमांड खत्म होने के बाद उसे पंचकूला कोर्ट में पेश कर अंबाला सेंट्रल जेल भेजा दिया गया था।
दूसरे मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए मांगी थी अग्रिम जमानत
विशालदीप के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर नंबर-33 व 34 दर्ज की थी। एफआईआर नंबर-34 में गिरफ्तारी होने के बाद आरोपी की दूसरे मामले में गिरफ्तारी होना बाकी थी लेकिन उससे पहले ही 8 जनवरी को विशालदीप ने चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दी थी। इस पर कोर्ट में तीन बार सुनवाई हुई और बुधवार को सीबीआई की जांच टीम ने दलील थी कि आरोपी पर करप्शन के अलावा जान से मारने की धमकी व फिरौती मांगने का भी मामला दर्ज है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही सीबीआई कोर्ट ने बुधवार को आरोपी विशालदीप की अग्रिम जमानत याचिका भी रद्द कर दी है।
आरोपी भाईयों ने भी दायर की हुई थी जमानत याचिका
सीबीआई ने इस रिश्वतकांड में फरार सहायक निदेशक के भाई विकासदीप को जींद में स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया था। जांच टीम ने उसके पास से 54 लाख रुपये बरामद करने का भी दावा किया था जबकि विशालदीप के घर से करीब 55 लाख रुपये नकदी बरामद हुई थी। जांच टीम ने विकासदीप की निशानदेही पर उसकी बुआ के लड़के नीरज को भिवानी से गिरफ्तार किया था। इन दोनों को कोर्ट के आदेशों पर जेल भेज दिया गया था। इन दोनों आरोपियों ने भी बीते शनिवार को जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी जिसे कोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दिया है।