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ओपीडी के समय डॉक्टर का गप्पे मारना पड़ा भारी, स्वास्थ्य सचिव ने किया तबादला
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चंडीगढ़। सेक्टर-33 स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. रेनू अग्रवाल को शनिवार की दोपहर ओपीडी के समय गप्पे मारना भारी पड़ गया। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने केंद्र का औचक निरीक्षण कर 22 वर्षों से यहां तैनात डॉ. रेनू को लापरवाही बरतने पर उनका तबादला कर दिया है। फिलहाल उन्हें जीएमएसएच-16 में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। उनकी आगे की तैनाती को लेकर स्वास्थ्य निदेशक के स्तर पर फैसला लिया जाएगा।
यशपाल गर्ग ने शनिवार को एक के बाद एक शहर के तीन हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्था जांची। इस दौरान वह सबसे पहले सेक्टर-33 स्थित सेंटर पर दोपहर 1.05 बजे पहुंचे। केंद्र प्रभारी डॉ. रेनू वहां तैनात फार्मासिस्ट रोहिणी के साथ बात करती नजर आईं। यहां मल्टी टास्किंग स्टाफ के रूप में कार्यरत कर्मचारी फार्मासिस्ट के तौर पर कार्य करता हुआ पाया गया। वह दो महिलाओं को दवाइयां देने के लिए रजिस्टर पर एंट्री करता और दवाइयां निकालता दिखाई दिया। जब गर्ग को इस बारे में पता चला तो उन्होंने इस पर भी नाराजगी जताई। इसके बाद केंद्र प्रभारी को स्थानांतरित करने के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद वह दोपहर 1.35 बजे सेक्टर-23 स्थित सेंटर पर पहुंचे। यहां डॉक्टर दो इंटर्न के साथ ड्यूटी पर थी। पूछने पर पता चला कि सीनियर मेडिकल ऑफिसर अवकाश पर हैं। वहीं, निरीक्षण के दौरान आउटसोर्स कर्मचारी घनश्याम सोता हुआ पाया गया। इसके साथ ही बायोमीट्रिक अटेंडेंस की मशीन भी क्रियाशील नहीं पाई गई। यशपाल गर्ग ने आउटसोर्स कर्मचारी को दूसरे जगह तैनात करने का आदेश दिया।
इसके बाद दोपहर 1.50 बजे स्वास्थ्य सचिव सेक्टर-11 स्थित सेंटर पर पहुंचे। वहां मेडिकल ऑफिसर डॉ. सोनालिका यादव मौजूद मिली। केंद्र के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वहां पर स्थित दो कर्मचारी आवास में से एक में ड्राइवर रहता है। केंद्र में साफ सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली, मेडिकल ऑफिसर के चेंबर के पास गंदगी फैली हुई थी। जानकारी दी गई कि नगर निगम का सफाई कर्मचारी 3 से 4 दिन में वहां से कूड़ा उठाता है। वही चौकीदार और माली की भी व्यवस्था नहीं है जबकि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम शनिवार से ही क्रियाशील हुआ है।
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यशपाल गर्ग ने शनिवार को एक के बाद एक शहर के तीन हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्था जांची। इस दौरान वह सबसे पहले सेक्टर-33 स्थित सेंटर पर दोपहर 1.05 बजे पहुंचे। केंद्र प्रभारी डॉ. रेनू वहां तैनात फार्मासिस्ट रोहिणी के साथ बात करती नजर आईं। यहां मल्टी टास्किंग स्टाफ के रूप में कार्यरत कर्मचारी फार्मासिस्ट के तौर पर कार्य करता हुआ पाया गया। वह दो महिलाओं को दवाइयां देने के लिए रजिस्टर पर एंट्री करता और दवाइयां निकालता दिखाई दिया। जब गर्ग को इस बारे में पता चला तो उन्होंने इस पर भी नाराजगी जताई। इसके बाद केंद्र प्रभारी को स्थानांतरित करने के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद वह दोपहर 1.35 बजे सेक्टर-23 स्थित सेंटर पर पहुंचे। यहां डॉक्टर दो इंटर्न के साथ ड्यूटी पर थी। पूछने पर पता चला कि सीनियर मेडिकल ऑफिसर अवकाश पर हैं। वहीं, निरीक्षण के दौरान आउटसोर्स कर्मचारी घनश्याम सोता हुआ पाया गया। इसके साथ ही बायोमीट्रिक अटेंडेंस की मशीन भी क्रियाशील नहीं पाई गई। यशपाल गर्ग ने आउटसोर्स कर्मचारी को दूसरे जगह तैनात करने का आदेश दिया।
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इसके बाद दोपहर 1.50 बजे स्वास्थ्य सचिव सेक्टर-11 स्थित सेंटर पर पहुंचे। वहां मेडिकल ऑफिसर डॉ. सोनालिका यादव मौजूद मिली। केंद्र के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वहां पर स्थित दो कर्मचारी आवास में से एक में ड्राइवर रहता है। केंद्र में साफ सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली, मेडिकल ऑफिसर के चेंबर के पास गंदगी फैली हुई थी। जानकारी दी गई कि नगर निगम का सफाई कर्मचारी 3 से 4 दिन में वहां से कूड़ा उठाता है। वही चौकीदार और माली की भी व्यवस्था नहीं है जबकि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम शनिवार से ही क्रियाशील हुआ है।
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