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Chandigarh News: ढाई करोड़ रिश्वत मामले में डीएसपी गिरफ्तार, रिमांड पर
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चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेश के छात्रवृत्ति घोटाले में नामजद शिक्षण संस्थानों के दो संचालकों से ढाई करोड़ की रिश्वत में से 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी मांगने के आरोपी दिल्ली सीबीआई के डीएसपी बलबीर शर्मा को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है।
सीबीआई ने आरोपी डीएसपी को अदालत में पेशकर एक दिन का रिमांड लिया है। अदालत के समक्ष सरकारी वकील ने डीएसपी को प्रवर्तन निदेशालय के सहायक निदेशक और शिकायतकर्ता शिक्षण संस्थान के संचालकों के बीच का सूत्रधार बताते हुए कहा कि डीएसपी को 10 प्रतिशत कमीशन चाहिए थी।
अदालत में डीएसपी बलबीर शर्मा को पेश करने के समय सीबीआई के सरकारी अधिवक्ता ने कहा कि रिश्वत का यह पूरा मामला हिमाचल प्रदेश के छात्रवृत्ति घोटाले से संबंधित है। इसमें शिमला ईडी के सहायक निदेशक विशालदीप की ओर से छात्रवृत्ति घोटाले में नामजद शिक्षण संस्थानों के संचालक भूपेंद्र सिंह व रजनीश बंसल से ढाई करोड़ रुपये रिश्वत मांगी गई थी। इस रिश्वत मामले में विशालदीप, विकासदीप व नीरज को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे 54 लाख की बरामदगी हुई थी। सीबीआई को अभी एक लाख रुपये की रिकवरी डीएसपी से करनी है। सीबीआई के वकील ने कहा कि ढाई करोड़ रिश्वत के इस खेल में सूत्रधार की सबसे बड़ी भूमिका डीएसपी बलबीर ने ही निभाई है। अदालत को बताया गया कि रिश्वत के पैसे लेने के लिए जब विशालदीप व अन्य आरोपी पंचकूला के पारस अस्पताल पार्किंग में पहुंचे थे तो डीएसपी भी वहां मौजूद था। पार्किंग एरिया में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के कारण डीएसपी ने ही पैसे लेने के लिए विशालदीप को दूसरी ओर जाने के लिए कहा था। इसके अलावा 14 दिसंबर, 2024 को होटल ललित में शिकायतकर्ता भूपेंद्र और आरोपी ईडी के सहायक निदेशक विशालदीप के बीच बैठक में मध्यस्थता की थी और 55 लाख रुपये में इनके बीच सौदा तय करवाया था। आरोपी डीएसपी ने 22 दिसंबर, 2024 को एरोसिटी रोड जीरकपुर के पास रिश्वत पहुंचाने में भी मदद की और ट्रैप की कार्रवाई के दौरान रिश्वत देने से ठीक पहले शिकायतकर्ता के साथ उसकी टेलीफोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सीबीआई के पास मौजूद है। 55 लाख में से 54 लाख तो बरामद कर लिए गए हैं, एक लाख रुपये अभी बकाया है। सीबीआई ने तर्क दिया कि डीएसपी व विशालदीप को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जानी है।
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सीबीआई ने आरोपी डीएसपी को अदालत में पेशकर एक दिन का रिमांड लिया है। अदालत के समक्ष सरकारी वकील ने डीएसपी को प्रवर्तन निदेशालय के सहायक निदेशक और शिकायतकर्ता शिक्षण संस्थान के संचालकों के बीच का सूत्रधार बताते हुए कहा कि डीएसपी को 10 प्रतिशत कमीशन चाहिए थी।
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अदालत में डीएसपी बलबीर शर्मा को पेश करने के समय सीबीआई के सरकारी अधिवक्ता ने कहा कि रिश्वत का यह पूरा मामला हिमाचल प्रदेश के छात्रवृत्ति घोटाले से संबंधित है। इसमें शिमला ईडी के सहायक निदेशक विशालदीप की ओर से छात्रवृत्ति घोटाले में नामजद शिक्षण संस्थानों के संचालक भूपेंद्र सिंह व रजनीश बंसल से ढाई करोड़ रुपये रिश्वत मांगी गई थी। इस रिश्वत मामले में विशालदीप, विकासदीप व नीरज को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे 54 लाख की बरामदगी हुई थी। सीबीआई को अभी एक लाख रुपये की रिकवरी डीएसपी से करनी है। सीबीआई के वकील ने कहा कि ढाई करोड़ रिश्वत के इस खेल में सूत्रधार की सबसे बड़ी भूमिका डीएसपी बलबीर ने ही निभाई है। अदालत को बताया गया कि रिश्वत के पैसे लेने के लिए जब विशालदीप व अन्य आरोपी पंचकूला के पारस अस्पताल पार्किंग में पहुंचे थे तो डीएसपी भी वहां मौजूद था। पार्किंग एरिया में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के कारण डीएसपी ने ही पैसे लेने के लिए विशालदीप को दूसरी ओर जाने के लिए कहा था। इसके अलावा 14 दिसंबर, 2024 को होटल ललित में शिकायतकर्ता भूपेंद्र और आरोपी ईडी के सहायक निदेशक विशालदीप के बीच बैठक में मध्यस्थता की थी और 55 लाख रुपये में इनके बीच सौदा तय करवाया था। आरोपी डीएसपी ने 22 दिसंबर, 2024 को एरोसिटी रोड जीरकपुर के पास रिश्वत पहुंचाने में भी मदद की और ट्रैप की कार्रवाई के दौरान रिश्वत देने से ठीक पहले शिकायतकर्ता के साथ उसकी टेलीफोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सीबीआई के पास मौजूद है। 55 लाख में से 54 लाख तो बरामद कर लिए गए हैं, एक लाख रुपये अभी बकाया है। सीबीआई ने तर्क दिया कि डीएसपी व विशालदीप को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जानी है।
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