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Hindi News ›   Chandigarh ›   Dress code implemented in Chintpurni temple of Jalandhar

Jalandhar News: प्रसिद्ध चिंतपूर्णी मंदिर में ड्रेस कोड लागू, फटी जींस और वेस्टर्न ड्रेस में एंट्री नहीं

Fri, 18 Aug 2023 06:58 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 18 Aug 2023 06:58 PM IST
सार

मंदिर प्रबंधक कमेटी के महासचिव एडवोकेट अनिल पाठक ने बताया कि भक्तों को अब मंदिर में केवल मर्यादित कपड़े पहनकर ही आना होगा। मंदिर की मर्यादा बनाए रखने और आने वाले लोगों का इन कपड़ों से ध्यान विचलित न हो इसलिए इन पर प्रतिबंध लगाया गया है।

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Dress code implemented in Chintpurni temple of Jalandhar
मंदिर में लगा पोस्टर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

प्रसिद्ध माता चिंतपूर्णी मंदिर कमेटी ने धर्मस्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड जारी कर दिया है। कमेटी ने फैसला लिया है कि छोटे कपड़े, कटी-फटी जींस, कैपरी-स्कर्ट समेत वेस्टर्न ड्रेस पहनकर आने वालों को मंदिर में एंट्री नहीं दी जाएगी। इससे पहले प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर प्रबंधन ने भी ड्रेस कोड लागू किया था।

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मंदिर प्रबंधक कमेटी के महासचिव एडवोकेट अनिल पाठक ने बताया कि भक्तों को अब मंदिर में केवल मर्यादित कपड़े पहनकर ही आना होगा। मंदिर की मर्यादा बनाए रखने और आने वाले लोगों का इन कपड़ों से ध्यान विचलित न हो इसलिए इन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
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जालंधर में ही दोआबा चौक के पास स्थित उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्ति पीठ श्री देवी तालाब मंदिर में भी ड्रेस कोड लागू है। मंदिर कमेटी के प्रबंधन ने सही वस्त्र पहनकर मंदिर में आने का आदेश पारित किया था। वहीं मंदिर परिसर में निर्देश वाले पोस्टर भी चस्पा हैं।
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इनमें लिखा है कि सभी धर्म प्रेमी महिलाएं एवं पुरुष मर्यादित कपड़े पहनकर ही मंदिर में आएं। छोटे वस्त्र, हाफ पैंट, बरमुडा, मिनी स्कर्ट, कटे-फटे जींस पहनकर मंदिर में न आएं। प्रबंधकों का कहना है कि ऐसे कपड़े पहनकर आने वालों से भावनाएं भी आहत होती हैं। 


इससे पहले पटियाला के प्रसिद्ध श्री काली माता मंदिर में भी ड्रेस कोड लागू किया गया था। हिंदू मंदिरों में ड्रेस कोड की प्रथा दरअसल श्री काली माता मंदिर से ही चली है। पटियाला के श्री काली माता मंदिर में प्रबंधकों ने सबसे पहले मंदिर के बाहर बोर्ड लगाकर ड्रेस कोड लागू किया था और अमर्यादित कपड़े पहनकर मंदिर में आने वालों पर प्रतिबंध लगाया था। 

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