हरियाणा के करनाल जिले के कैमला गांव में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की प्रस्तावित किसान महापंचायत में बवाल के बाद तनाव और बढ़ गया है। आंदोलनरत किसान और स्थानीय ग्रामीण आमने-सामने हो गए हैं, जिसके मद्देनजर गांव में पुलिस फोर्स बढ़ा दी गई है।
उधर, स्थिति हिंसक ना हो इसके लिए कैमला गांव के मौजिज लोगों ने मंदिर से घोषणा कर गांव के सभी युवाओं को मंदिर में एकत्रित होने की सलाह दी है।युवाओं से संयम बरतने का आह्वान किया गया है। लोगों से कोई भी ऐसा कदम न उठाने की अपील की गई है, जिससे माहौल खराब हो।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ करने के बाद बहुत से किसान कैमला गांव से वापस चले गए हैं। वहीं कई किसान अभी भी मौके पर डटे हैं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। दूसरी ओर, कैमला गांव के स्थानीय निवासी भी इन किसानों से वापस लौटने का आग्रह कर रहे हैं।
पुलिस प्रशासन ने भी गांव में पुलिस जवानों की संख्या बढ़ा दी है, जो अगले 24 घंटे तक गांव में ही मौजूद रहेंगे। जबकि विभिन्न जगहों पर नाकाबंदी भी रहेगी। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शांतिपूर्व कार्यक्रम था। कार्यक्रम में धार्मिक आयोजन भी होना था। हर साल इस कार्यक्रम में भाग लेने मुख्यमंत्री आते हैं लेकिन इस कार्यक्रम को खराब करने को कुछ लोगों ने बिना वजह ऐसा उत्पात मचाया है जो निंदनीय है।
शुक्रवार को भी किसान गांव में इस कार्यक्रम की तैयारियों का विरोध करने पहुंचे थे। उस वक्त ग्रामीणों और किसानों का टकराव हुआ था। जिसके बाद किसानों से ग्रामीणों ने विनम्र विनती की थी कि वह इस कार्यक्रम में खलल ना डालें। मगर इसके बावजूद रविवार को पुलिस की कड़ी नाकाबंदी के बाद भी किसान कैमला पहुंचे और वहां मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ की। इसके बाद मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द हो गया।