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शिक्षा पर सियासत: दिल्ली के शिक्षामंत्री पहुंचे सीएम चन्नी के ननिहाल, जर्जर हाल स्कूल में मिली मात्र एक शिक्षिका
Wed, 01 Dec 2021 08:03 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 01 Dec 2021 08:03 PM IST
सार
मनीष सिसोदिया गांव चकलां के प्राइमरी स्कूल पहुंचे। यहां उन्हें जाले लगे दिखे, जगह-जगह कूड़ा-करकट पड़ा दिखा, स्कूल के टायलट भी जर्जर और बदबूदार हालत में मिले।
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दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने किया स्कूलों का दौरा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली के शिक्षा मंत्री एवं उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पंजाब के शिक्षा मंत्री परगट सिंह के बीच शिक्षा व्यवस्था पर छिड़ी बहस में पंजाब सरकार द्वारा सबसे बेहतरीन 250 स्कूलों की सूची आम आदमी पार्टी को नहीं सौंपी गई। इसके बाद मनीष सिसोदिया दो कदम आगे बढ़ते हुए खुद मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के विधानसभा क्षेत्र चमकौर साहिब के उनके ननिहाल (नानके) गांव मकडोना कलां के प्राइमरी स्कूल का जायजा लेने पहुंच गए।
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मनीष सिसोदिया को मुख्यमंत्री चन्नी के ननिहाल, गांव मकडोना कलां के प्राइमरी स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा तक को पढ़ाने के लिए महज 6 हजार रुपये के वेतनमान पर एक अध्यापक मिला जिसने अपनी और छात्रों की समस्याओं से दिल्ली के उपमुख्यमंत्री को अवगत करवाया। अध्यापक ने बताया कि स्कूल में बच्चों के पेयजल की सुविधा तक नहीं थी। छात्रों और स्कूल स्टाफ को पास लगते गुरुद्वारा साहिब से पेयजल लाना पड़ता है। बच्चों के लिए लगाए गए झूले टूटे पड़े दिखे। समस्याओं का जायजा लेते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि यदि ऐसे में पंजाब सरकार शिक्षा व्यवस्था में स्वयं को नंबर-1 कहेंगे, तो यह बच्चों और शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ है।
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इससे पहले मनीष सिसोदिया गांव चकलां के प्राइमरी स्कूल पहुंचे। यहां उन्हें जाले लगे दिखे, जगह-जगह कूड़ा-करकट पड़ा दिखा, स्कूल के टायलट भी जर्जर और बदबूदार हालत में मिले। यहां तक की कक्षाओं की सफेदी (कली) भी उतरी मिली, फर्नीचर टूटा दिखा और जो बचा-कुचा फर्नीचर था, वह भी अव्यवस्थित ढंग से पड़ा मिला। यहां तक की स्मार्ट क्लास रूम में लगा टीवी का स्विच (हुक) भी टूटा पड़ा था और कंप्यूटर भी जर्जर हालत में मिला।
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पंजाब की शिक्षा व्यवस्था से हो रहे खिलवाड़ और पंजाब के शिक्षा मंत्री परगट सिंह द्वारा पंजाब के स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था को देश में सबसे बेहतरीन होने के दावे के संबंध में सिसोदिया चिंतन करने पर विवश हो गए कि परगट सिंह ने आखिर किस आधार पर यह दावा किया था।
परगट ने 250 स्कूलों की चर्चा की दी थी चुनौती
दिल्ली के शिक्षा मंत्री से शिक्षा व्यवस्था पर छिड़ी बहस के दौरान परगट सिंह ने 250 बेहतरीन स्कूल दिखाने का दावा किया था। लेकिन आम आदमी पार्टी की बारंबार मांग के बावजूद पंजाब सरकार ने प्रदेश के 250 बेहतरीन स्कूलों की सूची आम आदमी पार्टी को नहीं सौंपी। इस कारण मनीष सिसोदिया स्वयं पंजाब के स्कूलों के दौरे पर निकल पड़े और पहले दिन चमकौर साहिब के स्कूल का दौरा किया।
केजरीवाल ने भी किया हमला
आप के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है कि पंजाब के स्कूलों की हालत बेहद खराब है। चन्नी साहब कहते हैं कि पंजाब के स्कूल सबसे अच्छे हैं। मतलब स्कूलों को ठीक करने की उनकी कोई मंशा नहीं है। इन नेताओं ने जानबूझ कर सरकारी स्कूलों को 70 वर्षों से खराब और बदतर हालत में रखा हुआ है। अब ऐसा नहीं होगा। चन्नी साहब, पंजाब के बच्चों को हम लोग दिल्ली जैसी शानदार शिक्षा देंगे।