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Hindi News ›   Chandigarh ›   Debt waiver of Punjab farmers, 100 days of punjab government

Captain@100: कर्ज माफी के बाद भी किसानों के चेहरे पर नहीं आया नूर

Sat, 24 Jun 2017 09:25 AM IST
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 24 Jun 2017 09:25 AM IST
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Debt waiver of Punjab farmers, 100 days of punjab government
Punjab farmer - फोटो : File Photo
पंजाब की कैप्टन सरकार की कर्ज माफी की घोषणा के बावजूद सूबे के कर्जदार किसानों के चेहरे का रंग उड़ा ही है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की फसली ऋण माफी को किसान ऊंट के मुंह में जीरा मान रहे हैं।
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चूंकि, किसानों पर कर्ज 90 हजार करोड़ का है और बजट में प्रावधान मात्र 1500 करोड़ रुपये का किया गया है। इससे किसान चाहकर भी कर्ज माफ होने की खुशी नहीं मना पा रहे। साथ ही सिर्फ पांच एकड़ तक वाले किसान का दो लाख रुपये ऋण माफ करने से भी किसान मायूस है। वे दस एकड़ तक भूमि वाले किसानों की कर्ज काफी की उम्मीद लगाए बैठे थे। 
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छोटे किसानों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि सरकार की घोषणा का लाभ बड़े किसान अधिक उठाएंगे। कर्जदार बड़े किसानों ने कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद माफी का अधिक लाभ उठाने के लिए कई हथकंडे अपनाए हैं। अनेक किसानों ने 40 या पचास एकड़ भूमि होने पर उसे पांच-पांच एकड़ कर अपने बीबी-बच्चों के नाम कर दिया है। ऐसे किसानों की संख्या मोटे तौर पर सूबे में दस फीसदी तक मानी जा रही है। इसके अलावा बैंकों का ही कर्ज माफ होने से किसानों में रोष है, क्योंकि अनेक लोगों ने साहूकार, आढ़ती, सहकारी समितियों और सुनारों के पास गहने गिरवी रखकर भी फसली कर्ज लिया हुआ है। ऐसे किसानों की संख्या 75 से 80 फीसदी है। इससे किसानों को कर्ज माफी ज्यादा लाभकारी नहीं दिख रही।
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'जल्दबाजी में लिया गया फैसला'

Debt waiver of Punjab farmers, 100 days of punjab government
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
दस एकड़ तक माफ हो पूरा कर्ज
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पंजाब के अध्यक्ष और फिरोजपुर जिले के किसान सरदार करनैल सिंह भावड़ा ने कहा कि सरकार का कदम स्पष्ट नहीं है। चुनावी वादा कुछ था और घोषणा उलट हुई है। सरकार दस एकड़ भूमि तक वाले किसानों का सभी तरह का कर्ज एकमुश्त माफ करे।

जल्दबाजी में लिया गया फैसला
अबोहर जिले के किसान व शिक्षित युवा गुरप्रीत सिंह कहते हैं कि सरकार की घोषणा का खास फर्क नहीं पड़ेगा। बिना रूपरेखा बनाए फैसला जल्दबाजी में लिया गया। चाहे एक लाख रुपये ही माफ होते, लेकिन एकमुश्त होने चाहिए थे।

सूरज नूं दीवा दिखाण आला कदम
अबोहर जिले के ही अग्रणी किसान सरदार अजैब सिंह का कहना है कि सरकार का कदम सूरज को दिया दिखाने जैसा है। 15 सौ करोड़ का बजट में प्रावधान करने से किसानों को तत्काल कोई राहत नहीं मिलेगी। उन्हें ठगा गया है। सभी तरह का कर्ज सरकार वादे अनुसार जल्द माफ करे। 
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