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ठग किराए पर ले रहे बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ के बैंक खाते, आप भी रहें सावधान
महबूब अली, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
Updated Wed, 18 Jul 2018 09:44 AM IST
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साइबर अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस कई तरह की तकनीकों का सहारा ले रही है। वहीं साइबर अपराधी भी ठगी के नए रास्ते अख्तियार कर रहे हैं। हरियाणा पुलिस की जांच में सामने आया कि साइबर अपराधी ठगी के लिए बिहार, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और दिल्ली के बैंक खाते किराए पर ले रहे हैं। पुलिस ने जल्द गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है।
केस नंबर 1
सोनीपत निवासी अनिल से बैंक खाते के बारे में डिटेल हासिल करने के बाद उसके अकाउंट से 90 हजार रुपये निकाल लिए गए। यह रुपये किसी अन्य के खाते में ट्रांसफर किए गये। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस जांच में बैंक अकाउंट बिहार के पटना का निकला। पुलिस खाता धारक के पास पहुंची तो पता चला कि खाता धारक ने अपना बैंक खाता एक व्यक्ति को 15 हजार में दिया हुआ था। किराये पर लेने वाला ही पिछले एक साल से खाते को प्रयोग कर रहा है। किराये पर लेने वाले के बारे में खाताधारक को कोई जानकारी नहीं होने के कारण पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच सकी।
केस नंबर 2
करनाल निवासी मनोज से करीब 6 माह पूर्व बैंक 80 हजार की ठगी की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि जिस अकाउंट में रुपये डलवाए गए थे, वह खाता पश्चिम बंगाल के युवक के नाम निकला। पुलिस खाताधारक के पास पहुंची। जांच में पता चला कि 20 हजार रुपये में खाताधारक ने एक युवक को खाता किराये पर दिया है। पुलिस ने किराए पर अकाउंट लेने वाले का पता नहीं लगा सकी।
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यह दो मामले तो बानगी भर हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आया है कि दिल्ली, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और बिहार के गरीब लोगों के अकाउंट किराए पर लेकर हरियाणा के काफी लोगों से ठगी की है।
साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए सभी जिलों की पुलिस को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कई मामलों का खुलासा किया जा चुका है, जबकि जल्द अन्य साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसा जाएगा। - बीएस संधू, डीजीपी, हरियाणा
2017 में ठगी की 900 शिकायतें मिलीं
वर्ष 2017 से करीब 900 शिकायतें पुलिस को मिलीं। इनमें से करीब 62 प्रतिश शिकायतें ऑनलाइन फ्रॉड की थीं। जबकि वर्ष 2018 में जुलाई माह तक हरियाणा में ठगी के करीब 500 मामले सामने आए, जिनमें 70 प्रतिशत शिकायतें ऑनलाइन फ्रॉड की थीं।
गरीबों को निशाना बना रहा गिरोह
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आया है कि बैंक खाते किराए पर लेने वाले अपराधी पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार के उन लोगों को अपने चंगुल में फंसाते हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती। ये लोग 10 से 15 हजार में बैंक खाते को किराए पर देने के लिए तैयार हो जाते हैं। किराए पर लेने वाले व्यक्ति खाता धारक को अपना नाम पता नहीं बताते। हर माह की 1 तारीख को खाताधारक के पास रुपये पहुंचा दिए जाते हैं।
धारक को खाते के संबंध में फोन पर किसी को भी सूचना नहीं देनी चाहिए। यदि कोई खुद को बैंक अधिकारी बताकर सूचना मांगता है तो इसकी शिकायत संबंधित बैंक अधिकारी और पुलिस से करनी चाहिए। इसके अलावा एटीएम से रुपये निकालते समय भी सावधानी बरतने की जरूरत है। - मुकेश जैन एलडीएम
यह बरतें सावधानी
- बैंक खाता नंबर किसी को न दे
- लाटरी निकलने की बात कह कर कॉल करने वाले के भी झांसे में ना आएं
- अपने निजी मोबाइल नंबर को बैंक खाते से लिंक जरूर करें
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केस नंबर 1
सोनीपत निवासी अनिल से बैंक खाते के बारे में डिटेल हासिल करने के बाद उसके अकाउंट से 90 हजार रुपये निकाल लिए गए। यह रुपये किसी अन्य के खाते में ट्रांसफर किए गये। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस जांच में बैंक अकाउंट बिहार के पटना का निकला। पुलिस खाता धारक के पास पहुंची तो पता चला कि खाता धारक ने अपना बैंक खाता एक व्यक्ति को 15 हजार में दिया हुआ था। किराये पर लेने वाला ही पिछले एक साल से खाते को प्रयोग कर रहा है। किराये पर लेने वाले के बारे में खाताधारक को कोई जानकारी नहीं होने के कारण पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच सकी।
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केस नंबर 2
करनाल निवासी मनोज से करीब 6 माह पूर्व बैंक 80 हजार की ठगी की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि जिस अकाउंट में रुपये डलवाए गए थे, वह खाता पश्चिम बंगाल के युवक के नाम निकला। पुलिस खाताधारक के पास पहुंची। जांच में पता चला कि 20 हजार रुपये में खाताधारक ने एक युवक को खाता किराये पर दिया है। पुलिस ने किराए पर अकाउंट लेने वाले का पता नहीं लगा सकी।
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यह दो मामले तो बानगी भर हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आया है कि दिल्ली, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और बिहार के गरीब लोगों के अकाउंट किराए पर लेकर हरियाणा के काफी लोगों से ठगी की है।
साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए सभी जिलों की पुलिस को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कई मामलों का खुलासा किया जा चुका है, जबकि जल्द अन्य साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसा जाएगा। - बीएस संधू, डीजीपी, हरियाणा
2017 में ठगी की 900 शिकायतें मिलीं
वर्ष 2017 से करीब 900 शिकायतें पुलिस को मिलीं। इनमें से करीब 62 प्रतिश शिकायतें ऑनलाइन फ्रॉड की थीं। जबकि वर्ष 2018 में जुलाई माह तक हरियाणा में ठगी के करीब 500 मामले सामने आए, जिनमें 70 प्रतिशत शिकायतें ऑनलाइन फ्रॉड की थीं।
गरीबों को निशाना बना रहा गिरोह
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आया है कि बैंक खाते किराए पर लेने वाले अपराधी पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार के उन लोगों को अपने चंगुल में फंसाते हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती। ये लोग 10 से 15 हजार में बैंक खाते को किराए पर देने के लिए तैयार हो जाते हैं। किराए पर लेने वाले व्यक्ति खाता धारक को अपना नाम पता नहीं बताते। हर माह की 1 तारीख को खाताधारक के पास रुपये पहुंचा दिए जाते हैं।
धारक को खाते के संबंध में फोन पर किसी को भी सूचना नहीं देनी चाहिए। यदि कोई खुद को बैंक अधिकारी बताकर सूचना मांगता है तो इसकी शिकायत संबंधित बैंक अधिकारी और पुलिस से करनी चाहिए। इसके अलावा एटीएम से रुपये निकालते समय भी सावधानी बरतने की जरूरत है। - मुकेश जैन एलडीएम
यह बरतें सावधानी
- बैंक खाता नंबर किसी को न दे
- लाटरी निकलने की बात कह कर कॉल करने वाले के भी झांसे में ना आएं
- अपने निजी मोबाइल नंबर को बैंक खाते से लिंक जरूर करें