Punjab: निगम इंजीनियर को ब्लैकमेल कर पांच लाख की वसूली करते आरोपी को विजिलेंस ने दबोचा, मांग रहा था दो करोड़
अधिकारी से आरोपी पचास लाख नकद और डेढ़ करोड़ रुपये संपत्ति के रूप में मांग रहा था। करीब 70 फाइलें, कई दस्तावेज, पैसे गिनने की मशीन और लैपटॉप घर से बरामद हुआ है।
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नगर निगम पटियाला के इंजीनियर के खिलाफ विजिलेंस को दी शिकायत वापस लेने के नाम पर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए खरड़ वासी लाल चंद बंसल को पांच लाख रुपये की वसूली करते रंगे हाथों दबोचा है। आरोपी लाल चंद बंसल अधिकारी से दो करोड़ रुपये की मांग कर रहा था। आरोपी ने उससे पचास लाख रुपये नकद व डेढ़ करोड़ रुपये प्रॉपर्टी के रूप में मांगे थेे।
आरोपी पर विजिलेंस ब्यूरो मोहाली थाने में मंगलवार को धोखाधड़ी, जबरदस्ती वसूली करने समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। वहीं, आरोपी के घर से करीब 70 फाइलें, कई दस्तावेज, पैसे गिनने की मशीन और लैपटॉप बरामद हुआ है। इससे पहले भी आरोपी के खिलाफ दो पुलिस केस चल रहे हैं।
शिकायतकर्ता इंजीनियर बलदेव राज वर्मा ने विजिलेंस को दी शिकायत में बताया है कि आरोपी की मुंडी खरड़ में दुकान है। आरोपी उसे काफी समय से ब्लैकमेल कर रहा था। उन्होंने आरोपी के साथ हुई सारी बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया था। आखिर में उन्होंने इस बारे में सीधे विजिलेंस से संपर्क किया। इसके बाद आरोपी को पहले चरण में पांच लाख रुपये टोकन मनी देने पर समझौता हुआ।
फिर विजिलेंस ने ट्रैप लगाकर आरोपी को टीडीआई खरड़ से काबू किया है। इस मामले में विजिलेंस ने वीडियोग्राफी की है। विजिलेंस आरोपी व उसके करीबियों की प्रॉपर्टी से लेकर अन्य चीजों का भी रिकॉर्ड जुटा रही है। आरोपी ने इलाके में समाजसेवी के रूप में अपनी पहचान बनाई हुई है। वह काफी समय से उसे परेशान कर रहा था।
दो बार पहले भी विजिलेंस को दे चुका था शिकायतें
शिकायकर्ता बलदेव राज वर्मा ने विजिलेंस को बताया कि आरोपी साल 2015 से ही उसके पीछे पड़ गया था। उसने साल 2015 और 2017 में आरोपी के खिलाफ दो शिकायतें विजिलेंस ब्यूरो को दर्ज करवाई थीं। हालांकि विजिलेंस ने बाद मेें दोनों को जांच के बाद बंद कर दिया था लेकिन इसके बाद भी वह उनका पीछा नहीं छोड़ रहा था। उसकी कोशिश रहती थी कि किसी तरीके से उसे परेशान किया जाए।
ऐसे करता था ब्लैकमेल
विजिलेंस के मुताबिक आरोपी काफी शातिर तरीके से अधिकारियों को ब्लैकमेल करता था। पहले वह सरकारी विभागों में विभिन्न प्रोजेक्टों को लेकर आरटीआई लगाता था। इसके बाद उसे जहां कमी मिलती थी, उस अधिकारी के खिलाफ शिकायतें देकर उसे परेशान करता था। उसका जिसके साथ सौदा हो जाता था, उसके खिलाफ दी हुई शिकायत को वापस ले लेता था। इस दौरान वह शपथ पत्र देता था कि वह संबंधित अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहता है। इससे पहले आरोपी ने नगर काउंसिल खरड़ में घोषणा पत्र जमा करवाया था वह बलदेव राज वर्मा के खिलाफ आरटीआई के तहत कोई जानकारी नहीं चाहता है।
आरोपी को 3 तक रिमांड पर भेजा
विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने आरोपी को मंगलवार दोपहर अदालत में पेश किया। अदालत में विजिलेंस ने तर्क दिया कि आरोपी के खिलाफ कई शिकायतें आ रही हैं। साथ ही उससे पूछताछ करनी है। इसके अलावा संपत्ति का रिकॉर्ड भी खंगालना है। सभी बातों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को 3 फरवरी तक रिमांड पर भेज दिया।