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खाकी की दरिंदगी: 12 साल के बच्चे को थाने में बंद कर गुप्तांग में डाला पेट्रोल, ये थी गलती
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब)
Updated Sat, 09 Dec 2017 04:05 PM IST
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थाने में बच्चे से थर्ड डिग्री
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एक बार फिर पंजाब पुलिस की दरिंदगी सामने आई है। थर्ड डिग्री का शिकार नाबालिग बच्चा सिविल अस्पताल में गंभीर रूप से घायल हालत में पड़ा है। वह बेड पर लेटा हुआ एक ही बात चिल्ला रहा है कि अंकल पेट्रोल मत डालो। मामला सामने आने पर एसएसपी बठिंडा नवीन सिंगला ने एसपीडी स्वर्ण खन्ना को मामले की जांच सौंप दी है।
इस संबंध में शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पीड़ित नाबालिग बच्चे की मां ने बताया कि उसका साढे़ बारह साल का बच्चा रविवार को खेलने के लिए कपड़ा मार्केट में स्थित अपने दोस्त के घर गया था लेकिन वह घर पर नहीं मिला। इतने में बच्चे को नजदीकी एक अन्य घर की छत पर पतंग दिखा तो वह उठाने चला गया वहीं कपड़ा मार्केट में रहने वाले दविंदर सिंह मौके पर आ गए और बच्चे पर चोरी करने का आरोप लगाते हुए उसे कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया।
महिला ने बताया कि रविवार दोपहर को उसे पता चला कि उसका बच्चा कोतवाली थाने में है, जहां वह अपने बच्चे से मिलने गई तो वहां सिविल वर्दी में बैठे थाना प्रभारी दविंदर सिंह ने भद्दे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए थाने से भगा दिया। आरोप है कि इसके बाद एएसआई कुलविंदर सिंह का फोन आया कि अगर बच्चा चाहिए तो 15 हजार रुपये दो। महिला ने बताया कि उसने सोमवार को पांच हजार रुपये एएसआई कुलविंदर सिंह को दे दिए। इसके बाद उसने बच्चे को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। महिला ने बताया कि बच्चे ने बताया कि एएसआई राजवीर सिंह, एएसआई कुलविंदर सिंह और थाना प्रभारी दविंदर सिंह ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की और उसके बाद दो अन्य पुलिस कर्मियों की सहायता से उसके गुप्तांग में पेट्रोल डाला।
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इस संबंध में शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पीड़ित नाबालिग बच्चे की मां ने बताया कि उसका साढे़ बारह साल का बच्चा रविवार को खेलने के लिए कपड़ा मार्केट में स्थित अपने दोस्त के घर गया था लेकिन वह घर पर नहीं मिला। इतने में बच्चे को नजदीकी एक अन्य घर की छत पर पतंग दिखा तो वह उठाने चला गया वहीं कपड़ा मार्केट में रहने वाले दविंदर सिंह मौके पर आ गए और बच्चे पर चोरी करने का आरोप लगाते हुए उसे कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया।
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महिला ने बताया कि रविवार दोपहर को उसे पता चला कि उसका बच्चा कोतवाली थाने में है, जहां वह अपने बच्चे से मिलने गई तो वहां सिविल वर्दी में बैठे थाना प्रभारी दविंदर सिंह ने भद्दे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए थाने से भगा दिया। आरोप है कि इसके बाद एएसआई कुलविंदर सिंह का फोन आया कि अगर बच्चा चाहिए तो 15 हजार रुपये दो। महिला ने बताया कि उसने सोमवार को पांच हजार रुपये एएसआई कुलविंदर सिंह को दे दिए। इसके बाद उसने बच्चे को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। महिला ने बताया कि बच्चे ने बताया कि एएसआई राजवीर सिंह, एएसआई कुलविंदर सिंह और थाना प्रभारी दविंदर सिंह ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की और उसके बाद दो अन्य पुलिस कर्मियों की सहायता से उसके गुप्तांग में पेट्रोल डाला।
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लगातार चिल्ला रहा है बच्चा
थाने में बच्चे से थर्ड डिग्री
एसएसपी ने जांच सौंपी
बठिंडा के एसएसपी नवीन सिंगला का कहना था कि मामला उनके ध्यान में आ गया है। उन्होंने एसपी-डी स्वर्ण खन्ना को मामले की जांच सौंपी है। जांच के बाद अगर कोई पुलिस कर्मी आरोपी पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लगातार चिल्ला रहा है बच्चा
सिविल अस्पताल में भर्ती जब साढे़ बारह वर्षीय बच्चे से बात करने का प्रयास किया तो वह चिल्ला उठा कि अंकल पेट्रोल मत डालो। जो आप कहते तो वो सब ठीक, लेकिन पेट्रोल मत डालो। इस के थोड़ी देर बाद जब बच्चा थोड़ा शांत हुआ तो उससे बात करने का प्रयास किया गया। लेकिन बच्चा पुलिस की दरिंदगी से इतना डरा हुआ है कि उसे पुलिस ही सामने नजर आ रही है। वह कोई बात नहीं कर रहा है।
बठिंडा के एसएसपी नवीन सिंगला का कहना था कि मामला उनके ध्यान में आ गया है। उन्होंने एसपी-डी स्वर्ण खन्ना को मामले की जांच सौंपी है। जांच के बाद अगर कोई पुलिस कर्मी आरोपी पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लगातार चिल्ला रहा है बच्चा
सिविल अस्पताल में भर्ती जब साढे़ बारह वर्षीय बच्चे से बात करने का प्रयास किया तो वह चिल्ला उठा कि अंकल पेट्रोल मत डालो। जो आप कहते तो वो सब ठीक, लेकिन पेट्रोल मत डालो। इस के थोड़ी देर बाद जब बच्चा थोड़ा शांत हुआ तो उससे बात करने का प्रयास किया गया। लेकिन बच्चा पुलिस की दरिंदगी से इतना डरा हुआ है कि उसे पुलिस ही सामने नजर आ रही है। वह कोई बात नहीं कर रहा है।
आरोपियों पर अब तक नहीं हुई कार्रवाई
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
आरोपियों पर अब तक नहीं हुई कार्रवाई
महिला ने बताया कि मंगलवार को उसने विजिलेंस के एसएसपी को एएसआई राजवीर सिंह, एएसआई कुलविंदर सिंह और थाना प्रभारी दविंदर सिंह खिलाफ शिकायत करनी चाही तो उन्होंने उसे एसपी-डी के पास भेज दिया। जिसने उसे एक शपथ पत्र व शिकायत देने को कहा। महिला ने आरोप लगाया कि मंगलवार से एसपी-डी स्वर्ण खन्ना को शिकायत दी है, लेकिन अब तक आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
एसएचओ सहित दो ने साधी चुप्पी
इस संबंध में जब एएसआई कुलविंदर सिंह बात की गई तो उसने रटा रटाया जवाब देते हुए कहा कि उस पर लगाए जा रहे आरोप झूठे हैं। जबकि एएसआई राजबीर सिंह और थाना कोतवाली प्रभारी दविंदर सिंह से संपर्क कर उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
महिला ने बताया कि मंगलवार को उसने विजिलेंस के एसएसपी को एएसआई राजवीर सिंह, एएसआई कुलविंदर सिंह और थाना प्रभारी दविंदर सिंह खिलाफ शिकायत करनी चाही तो उन्होंने उसे एसपी-डी के पास भेज दिया। जिसने उसे एक शपथ पत्र व शिकायत देने को कहा। महिला ने आरोप लगाया कि मंगलवार से एसपी-डी स्वर्ण खन्ना को शिकायत दी है, लेकिन अब तक आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
एसएचओ सहित दो ने साधी चुप्पी
इस संबंध में जब एएसआई कुलविंदर सिंह बात की गई तो उसने रटा रटाया जवाब देते हुए कहा कि उस पर लगाए जा रहे आरोप झूठे हैं। जबकि एएसआई राजबीर सिंह और थाना कोतवाली प्रभारी दविंदर सिंह से संपर्क कर उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।