फ्लिपकार्ट को शातिरों ने लगाया 2 करोड़ का चूना, गिरफ्तार
पुलिस ने फ्लिपकार्ट कंपनी के साथ लगभग दो करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पंजाब में पहली बार सामने आए इस तरह के मामले में पुलिस ने छह लोगों को काबू कर लिया है। मामला पंजाब के मानसा का है।
आरोपियों से लैपटॉप, महंगे मोबाइल के अलावा 17 लाख की नगदी भी बरामद की गई है। पुलिस पूछताछ में इस मामले में और बरामदगी के अलावा लोगों के भी शामिल होने के खुलासे के आसार हैं।
थाना सिटी वन में एसपी (डी) विनोद कुमार ने बताया कि बीती 26 फरवरी को थाना सिटी मानसा को गुप्त सूचना मिली थी। इसके आधार पर एसएसपी रघबीर सिंह संधू के निर्देश पर डीएसपी रुपिंदर भारद्वाज के नेतृत्व में इंस्पेक्टर हरपाल सिंह, प्रितपाल सिंह और हरविंदर सिंह सरा को एक टीम बनाकर शामिल किया गया।
पुलिस ने मानसा निवासी सुरेश कुमार उर्फ बंटी, कर्मगबढ़ ओतांवाली निवासी गगनदीप सिंह, घरांगना निवासी यादविंदर सिंह उर्फ यादी, कुलदीप सिंह, कुलदीप सिंह पुत्र अजैब सिंह और आलमपुर मंदरा निवासी संदीप सिंह को गिरफ्तार कर उनसे 10 महंगे मोबाइल, लैपटॉप व करीब 17 लाख की नगदी बरामद की है।
एसपी (डी) विनोद कुमार ने बताया कि उक्त लोगों ने गिरोह बनाया हुआ है। इसमें संदीप सिंह इन लोगों को एक कंपनी के एक्टिवेट हुए सिम जाली पहचान पर देता था। जाली पहचान पर सिम लेकर उस नंबर से जाली ई मेल आईडी तैयार करने के बाद नामवर कंपनियों के महंगे मोबाइल व अन्य आनलाइन फ्लिपकार्ट कंपनी के माध्यम से खरीद लेते थे।
पंजाब में चल रहे शातिर खेल का ऐसे हुआ खुलासा
जब मोबाइल के पार्सल इनके पास आते तो यह लोग उन्हें खराब बताकर नए के बजाय कोई सस्ता मोबाइल पार्सल में वापस भेज देते थे। कंपनी की ओर से सामान वापस पहुंचने से पहले ही उनके दिए खाते में पैसे रिफंड हो जाते थे।
ये लोग कंपनी से आए मोबाइल अलग-अलग दुकानदारों के माध्यम से बिना बिल के ही आगे बेच देते थे। उनके अनुसार उक्त कंपनी को भ्रम में रखने के लिए एक आईडी पर महज एक ही प्रोडक्ट मंगवाते थे और हर बार नया सिम लेकर नई मेल आई डी बनाकर ही आर्डर करते थे।
इस तरह उक्त लोगों ने बीते करीब आठ माह से यह धंधा चला रखा था। पुलिस की ओर से उनकी ओर से प्रयोग किए गए बैंक खाते व सिम कार्ड बरामद कर छानबीन की जा रही है।
आरोपियों ने कंपनी को लगाया चूना: चौधरी
फ्लिपकार्ट कंपनी के जोनल मैनेजर मनोज चौधरी ने बताया कि ग्राहक को सामान गलत मिलने की स्थिति में जब उनकी ओर से वापस भेज दिया जाता है तो कंपनी के पास पैसे रखने का भी अधिकार नहीं होता। यही मान कर कंपनी की ओर से सामान वापस मिलने से पहले ही संबंधित खाते में पैसे रिफंड कर दिए जाते हैं।
उनके अनुसार इस तरह से कंपनी को आरोपियों ने करीब दो करोड़ रुपये का चूना लगाया है। इस मौके पर एएसआई बलवंत सिंह भीखी और यादविंदर सिंह भी मौजूद थे।