गाड़ियों के पंजीकरण में चौंकाने वाला खुलासा
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रजिस्ट्रेशन और दलाली के खेल में एनसीआर क्षेत्र में चलने वाली वो कामर्शियल गाड़ियां जिनका मॉडल यूरो-थ्री है, उन्हें अंबाला शहर के एक ही पते पर पंजीकृत करवाया जा रहा है।
यानी कामर्शियल गाड़ियां रजिस्टर्ड तो अंबाला शहर के एक ही पते पर हो रही है, मगर उनका इस्तेमाल एनसीआर इलाके में किया जा रहा है। शहर के बलदेव नगर कालीमाता मंदिर के पास एक वेलफेयर सोसाइटी नामक संस्था इस कारनामे को एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के नाम पर अंजाम दे रही थी। हैरत की बात यह कि सोसायटी और सोसायटी का पता भी एक ही था।
आरटीए सचिव शक्ति सिंह को अब इस मामले में उस वक्त शक हुआ जब एक और यूरो-थ्री गाड़ी उसी पते पर अंबाला आरटीए कार्यालय में पंजीकृत होने आई। अब इस मामले का खुलासा होने के बाद इसकी रिपोर्ट आरटीए विभाग ने ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को आगामी कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।
ऐसे चल रहा था शातिराना ‘खेल’
यूरो-थ्री गाड़ियों की अंबाला में रजिस्ट्रेशन के खेल को तीन से चार लोग शातिर अंदाज से अंजाम दे रहे थे। एनसीआर इलाके में प्रदूषण के मानकों के तहत एनसीआर में ‘यूरो-फोर’ मॉडल की कामर्शियल गाड़ियां चलाई जानी है।
‘यूरो-फोर’ वाहन ‘यूरो-थ्री’ मॉडल के वाहनों की अपेक्षाकृत थोड़े महंगे होते हैं और प्रदूषण के माहौल के हिसाब से भी बेहतर होते हैं। इसलिए एनसीआर में यूरो-थ्री वाहनों के चलाए जाने पर प्रतिबंध है और न ही एनसीआर के आरटीए कार्यालयों में यूरो-थ्री वाहनों का पंजीकरण होता है।
इसीलिए अंबाला के तीन दलालों जिसमें एक रिटायर्ड कर्मी भी शामिल है ने मिलकर अंबाला शहर के बलदेव नगर काली माता मंदिर के पास एक सोसायटी के नाम पर यूरो-थ्री वाहनों का पंजीकरण अंबाला में करवाने का काम शुरू किया। सोसायटी के ही पते पर दलालों ने एक ट्रांसपोर्ट कंपनी का पता भी दिखा दिया।
अब ये दलाल यूरो-थ्री मॉडल के कामर्शियल वाहन तो दूसरे शहरों से खरीदते थे, उसका पंजीकरण यहां एक ही पते पर अंबाला में करवाते थे और फिर उन वाहनों को एनसीआर इलाके में बेधड़क चलाते थे।
मोटर व्हीकल एक्ट और इन्वायरमेंट एक्ट की धज्जियां
ऐसा करके दलाल मोटर व्हीकल एक्ट और इन्वायरमेंट एक्ट की धज्जियां उड़ा रहे थे और आरटीए कार्यालय में दलाली के काम को भी बढ़ावा दे रहे थे।
किसी को कोई शक न हो, इसलिए वाहनों का रजिस्ट्रेशन एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के नाम से करवाने से पहले ये दलाल गाड़ी खरीदने वाले के नाम से यहां बैंक में इसलिए एक खाता खुलवाते थे, ताकि उनके वैधानिक बैंक अकाउंट पर लिखे पते के रूप में उनके पास एक प्रमाण हो जाए। आरटीए सचिव ने जब जांच करवाई तो मालूम चला कि वहां इन खातों में कोई ट्रांजेक्शन ही नहीं होती।
अभी तक एक ही पते पर ये दलाल नौ गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। धांधली के पुख्ता सुबूत इकट्ठा करने के बाद आरटीए सचिव ने आगामी कार्रवाई के लिए ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को लिख दिया है।
इस बारे में अंबाला के आरटीए सचिव शक्ति सिंह ने बताया कि ये एक सनसनीखेज खुलासा है। मामले की जांच कर सुबूत समेत रिपोर्ट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को भेज कर उन्हें आगामी कार्रवाई के लिए लिखा गया है।