नहर में खोज रहे थे सिक्के, मिला हथियारों का जखीरा
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थाना डेहलों की पुलिस ने सोमवार की शाम कैंड नहर से हथियारों का जखीरा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार यह किसी आतंकवादी संगठन का हो सकता है जो आतंकवाद के समय के दौरान सक्रिय हो। यह जखीरा उस समय मिला जब गोताखोर सिक्के ढूंढने के लिए नहर में कूदे।
उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने जब गोताखोरों की मदद से नहर में छानबीन की तो वहां से दस रॉकेट लांचर, एक देसी बम, दो एके 47, गोलियों से भरी छह मैगजीन, एक कारबाइन बिना नंबरी, दो कंडम स्टैनगन सहित दो मैगजीन खाली और एक कंडम शॉटगन बरामद हुए। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
नहर में ढूंढ रहे थे सिक्के और मिला हथियार
एडीसीपी 3 सतवीर सिंह अटवाल ने बताया कि गांव जगेड़ा निवासी हाकम सिंह और गांव लोहारा निवासी अंगद कुमार कैंड नहर में रविवार को सिक्के ढूंढने के लिए गोताखोरी कर रहे थे। इसी दौरान दोनों के नहर के बीच में से एक रॉकेट लांचर मिला।
पहले तो वे दोनों डर गए। उसके बाद दोनों ने रॉकेट लांचर पास में ही थाना डेहलों के एसएचओ इंस्पेक्टर गुरतेज सिंह की अगुवाई में लगे नाके पर दिया। जब इसकी सूचना अधिकारियों को मिली तो वे गोताखोरों द्वारा बताई जगह पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से छानबीन की तो दो बोरे में बंद हथियारों का जखीरा बरामद हुआ। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
प्लास्टिक के स्टीकर पर लिखा है, 'राज करेगा खालिस्तान'
एडीसीपी सतवीर सिंह अटवाल ने कहा कि सभी हथियारों को जंग लगा हुआ है। लगता है कि यह सभी हथियार आतंकवाद समय के दौरान के हैं। उस समय के दौरान डेहलों इलाके में आतंकवादी संगठन काफी सक्रिय रहे हैं।
आशंका है कि उस समय पुलिस से बचने के लिए कुछ लोगों ने यह हथियार नहर में फेंक दिए हों। एक हथियार पर प्लास्टिक का स्टीकर लगा है जिस पर लिखा है कि राज करेगा खालसा। उन्होंने कहा कि इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता कि यह किसी आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा, खालसा लिब्रेशन फोर्स या फिर किसी अन्य आतंकवादी संगठन के भी हो सकते हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। नहर की छानबीन अभी भी जारी है। उम्मीद है कि नहर में से और भी हथियार हो सकते हैं, जो आतंकवादियों ने उस समय के दौरान छिपाए हों।