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रिश्वत प्रकरण: पंजाब पुलिस के एआईजी पीएस संधू दोषी करार, तीन अगस्त को सुनाई जाएगी सजा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 01 Aug 2018 09:43 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
सात साल और ठीक 100वें दिन सुनवाई के बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने पंजाब पुलिस के एआईजी परमदीप सिंह संधू (54) को 50 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी की सजा पर फैसला तीन अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया है। फिलहाल अदालत ने दोषी को कस्टडी में नहीं भेजा है।
इससे पहले सीबीआई ने संधू के खिलाफ 12 जुलाई 2011 को भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम, 1988 की धारा 7, 13 (2), आर/डब्ल्यू 13 (1) (डी) के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने शिकायतकर्ता निशांत शर्मा की शिकायत की पुष्टि होने के बाद यह केस दर्ज किया था। 8 जुलाई 2011 को सीबीआई को दी शिकायत में निशांत शर्मा ने कहा था कि पंजाब पुलिस के इंटरनल विजिलेंस विभाग में तैनात एआईजी पीएस संधू उनसे तीन लाख रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
यह रिश्वत उसके खिलाफ फिल्लौर और कुराली में दर्ज आपराधिक मामले में राहत देने की एवज में मांगी जा रही थी। संधू ने उससे कहा था कि उसके केस की जांच कर रही मोहाली एसपी बलवंत कौर से उनकी अच्छी जान-पहचान है। वे उन्हें बोलकर केस को रफा-दफा करवा देंगे। साथ ही रिश्वत के तीन लाख रुपये न देने पर वह उसके खिलाफ रिपोर्ट बनाकर देंगे।
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इसके बाद निशांत शर्मा ने सीबीआई को इसकी शिकायत कर दी। एंटी करप्शन ब्रांच ने शिकायत की जांच की तो इसे सही पाया। इसके बाद उन्होंने 12 जुलाई को ट्रैप लगाकर एआईजी संधू को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये लेते सेक्टर-28 के एक काफी शॉप से रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
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इससे पहले सीबीआई ने संधू के खिलाफ 12 जुलाई 2011 को भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम, 1988 की धारा 7, 13 (2), आर/डब्ल्यू 13 (1) (डी) के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने शिकायतकर्ता निशांत शर्मा की शिकायत की पुष्टि होने के बाद यह केस दर्ज किया था। 8 जुलाई 2011 को सीबीआई को दी शिकायत में निशांत शर्मा ने कहा था कि पंजाब पुलिस के इंटरनल विजिलेंस विभाग में तैनात एआईजी पीएस संधू उनसे तीन लाख रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
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यह रिश्वत उसके खिलाफ फिल्लौर और कुराली में दर्ज आपराधिक मामले में राहत देने की एवज में मांगी जा रही थी। संधू ने उससे कहा था कि उसके केस की जांच कर रही मोहाली एसपी बलवंत कौर से उनकी अच्छी जान-पहचान है। वे उन्हें बोलकर केस को रफा-दफा करवा देंगे। साथ ही रिश्वत के तीन लाख रुपये न देने पर वह उसके खिलाफ रिपोर्ट बनाकर देंगे।
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इसके बाद निशांत शर्मा ने सीबीआई को इसकी शिकायत कर दी। एंटी करप्शन ब्रांच ने शिकायत की जांच की तो इसे सही पाया। इसके बाद उन्होंने 12 जुलाई को ट्रैप लगाकर एआईजी संधू को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये लेते सेक्टर-28 के एक काफी शॉप से रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।