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हत्या के 33 घंटे बाद पोस्टमार्टम, डॉक्टर ने दिखाई 12 घंटे पहले गई जान- ऐसे कैसे मिलेगा न्याय

Sun, 13 Jan 2019 03:31 PM IST
खुशबू गोयल विकास सैनी, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विकास सैनी, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 13 Jan 2019 03:31 PM IST
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Private Company Employee Murder in Rohtak, Family Raised Questions on Postmartum Report
dead body - फोटो : social media
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने 12 घंटे पहले हत्या होने की बात कही है, जबकि हत्या करीब 33 घंटे पहले ही चुकी थी। बताइए, ऐसे में न्याय कैसे मिलेगा। मामला हरियाणा के रोहतक का है। शहर की इंदिरा कॉलोनी पुलिस चौकी क्षेत्र में 27 दिसंबर की सुबह हुई निजी कंपनी के कर्मचारी की हत्या के बाद उसके शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने परिजनों को चौंका दिया है।
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रिपोर्ट में डॉक्टर ने 12 घंटे पहले हत्या होने की बात कही है, जबकि हत्या 33 घंटे पहले ही चुकी थी। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 12 घंटे पहले युवक की मौत होने की बात कही है, जबकि शव उस समय शव गृह में रखा हुआ था। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि जब रिपोर्ट ही गलत है तो न्याय कैसे मिलेगा।
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पुलिस को दी शिकायत कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठाया सवाल
अलीगढ़ के सहारा खुर्द निवासी अजीत ने कहा कि उसका भतीजा जितेंद्र (34) रोहतक के हिसार बाईपास स्थित एक कंपनी में काम करता था। उसकी किसी ने 27 दिसंबर को चाकू घोंप कर हत्या कर दी। पुलिस ने जांच के आधार पर 27 दिसंबर की सुबह करीब छह बजे हत्या होने की बात कही है। शव का 28 दिसंबर की दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम हुआ।
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पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के बोर्ड ने किया। इसमें डॉ. दिनेश गर्ग व डॉ. शालू वर्मा शामिल हैं। बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में पोस्टमार्टम के समय से 12 घंटे पहले हत्या होने की बात कही है, जबकि उस समय शव पहले से ही शव गृह में रखा था। उस समय सुबह के करीब चार बजे थे। ऐसे में रिपोर्ट सवालों के घेरे में आती है। कोर्ट में यह रिपोर्ट आरोपियों को फायदा दे सकती है।

परिजनों ने पुलिस के सामने जताई आपत्ति

अजीत ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिया गया हत्या का समय मामले को और संदिग्ध बनाता है। इस मामले में पुलिस को आपत्ति दर्ज कराई है। पुलिस से रिपोर्ट को सही कराने के लिए भी कहा गया है। इस बारे में पुलिस ने डॉक्टर से बात कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। इंदिरा कॉलोनी चौकी इंचार्ज हरपाल ने बताया कि केस की जांच जारी है। अभी हत्यारों का सुराग नहीं लगा है। जहां तक डॉक्टर की रिपोर्ट का मामला है। इस बारे डॉक्टर ही बता सकते हैं।

पुलिस को दे दिया है स्पष्टीकरण
मृतक के पोस्टमार्टम बोर्ड में शामिल डॉ. दिनेश गर्ग ने बताया कि पुलिस को स्पष्टीकरण दे दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिए समय को लेकर उन्होंने सवाल किया था। दरअसल, शव फ्रीजर में रखा था। इस कारण बॉडी डिकंपोज होना बंद हो गई। जिस समय पोस्टमार्टम किया गया, उस समय शव की फाइंडिंग के हिसाब से 12 घंटे पहले व्यक्ति की मौत हुई। यह अंदाजा होता है। वैसे मामला 36 घंटे पहले का था।

अंदाजे से लगाया जाता है अनुमान
पीजीआईएमएस फॉरेंसिंक विभाग के एक प्रोफेसर ने बताया कि मृतक की मौत का समय अंदाजे से ही लगाया जाता है। यह आमतौर पर शव की स्थिति से ही तय होता है। इस काम में फॉरेसिंग एक्सपर्ट होने के साथ अनुभव ज्यादा काम आता है। हालांकि मेडिकल नियमों के हिसाब से एमबीबीएस भी पोस्टमार्टम कर सकता है। ऐसे मामलों में अनुमान 80 प्रतिशत तक सही व 20 प्रतिशत गलत रह सकते हैं।
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