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दोगुनी उम्र के कांस्टेबल से प्यार कर बैठी लेडी कांस्टेबल, नतीजा खौफनाक
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत।
Updated Sun, 10 Jul 2016 09:57 AM IST
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प्यार होने का खामियाजा बड़ा दर्दनाक चुकाना पड़ा लेडी कांस्टेबल को
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दोगुनी उम्र के कांस्टेबल से प्यार होने का खामियाजा बड़ा दर्दनाक चुकाना पड़ा लेडी कांस्टेबल को। हाइकोर्ट तक मामला पहुंचा, तब जाकर गुत्थी सुलझ पाई।
दो साल पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई चंड़ीगढ़ पुलिस की महिला कांस्टेबल की प्रेमी कांस्टेबल ने ही नहर में धक्का देकर हत्या कर दी थी। महिला कांस्टेबल के अपने से दोगुनी उम्र के साथी कांस्टेबल से प्रेम संबंध थे। शादी का दबाव बनाने के बाद आरोपी ने पीछा छुड़ाने के लिए उसकी हत्या कर दी।
अभी तक महिला कांस्टेबल का शव नहीं मिला है। पुलिस ने आरोपी चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस आरोपी से हत्या में प्रयुक्त बाइक बरामद करने की कोशिश कर रही है। समालखा डीएसपी गौरखपाल राणा ने लघुसचिवालय में पत्रकार वार्ता के दौरान यह खुलासा किया है।
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चंडीगढ़ पुलिस की कांस्टेबल रीटा निवासी गांव चुलकाना की गुमशुदगी का खुलासा एसआईटी ने किया है। एसआईटी के प्रमुख डीएसपी गौरखपाल राणा ने बताया कि रीटा की ड्यूटी सेक्टर-17 में थी। वह सात जून 2014 को दो दिन की छुट्टी पर अपने घर गांव चुलकाना गई थी। आठ जून को रीटा घर से चंडीगढ़ ड्यूटी के लिए निकली, लेकिन ड्यूटी पर नहीं पहुंची। परिजनों ने उसका फोन ट्राई किया, लेकिन वह स्विच ऑफ था।
इसके बाद परिजनों ने 16 जून को चंडीगढ़ पुलिस थाने में रीटा के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। दो दिन बाद रीटा का कपड़ों से भरा बैग जीटी रोड पर गांव पट्टीकल्याणा के पास मिला। इसी आधार पर 28 अगस्त को रीटा अपहरण केस चंडीगढ़ से पानीपत ट्रांसफर हो गया। केस की गुथी नहीं सुलझने पर पुलिस ने केस को अनट्रेस दिखा दिया था। इस पर रीटा के परिजन जांच के लिए हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 11 जुलाई 2014 को मामले की जांच दोबारा शुरू कर दी। जांच में एसआईटी का शक कांस्टेबल रविंद्र पर गहरा गया और उसने रविंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की कड़ी पूछताछ में रविंद्र ने रीटा की हत्या करना कबूल लिया।
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दो साल पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई चंड़ीगढ़ पुलिस की महिला कांस्टेबल की प्रेमी कांस्टेबल ने ही नहर में धक्का देकर हत्या कर दी थी। महिला कांस्टेबल के अपने से दोगुनी उम्र के साथी कांस्टेबल से प्रेम संबंध थे। शादी का दबाव बनाने के बाद आरोपी ने पीछा छुड़ाने के लिए उसकी हत्या कर दी।
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अभी तक महिला कांस्टेबल का शव नहीं मिला है। पुलिस ने आरोपी चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस आरोपी से हत्या में प्रयुक्त बाइक बरामद करने की कोशिश कर रही है। समालखा डीएसपी गौरखपाल राणा ने लघुसचिवालय में पत्रकार वार्ता के दौरान यह खुलासा किया है।
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चंडीगढ़ पुलिस की कांस्टेबल रीटा निवासी गांव चुलकाना की गुमशुदगी का खुलासा एसआईटी ने किया है। एसआईटी के प्रमुख डीएसपी गौरखपाल राणा ने बताया कि रीटा की ड्यूटी सेक्टर-17 में थी। वह सात जून 2014 को दो दिन की छुट्टी पर अपने घर गांव चुलकाना गई थी। आठ जून को रीटा घर से चंडीगढ़ ड्यूटी के लिए निकली, लेकिन ड्यूटी पर नहीं पहुंची। परिजनों ने उसका फोन ट्राई किया, लेकिन वह स्विच ऑफ था।
इसके बाद परिजनों ने 16 जून को चंडीगढ़ पुलिस थाने में रीटा के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। दो दिन बाद रीटा का कपड़ों से भरा बैग जीटी रोड पर गांव पट्टीकल्याणा के पास मिला। इसी आधार पर 28 अगस्त को रीटा अपहरण केस चंडीगढ़ से पानीपत ट्रांसफर हो गया। केस की गुथी नहीं सुलझने पर पुलिस ने केस को अनट्रेस दिखा दिया था। इस पर रीटा के परिजन जांच के लिए हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 11 जुलाई 2014 को मामले की जांच दोबारा शुरू कर दी। जांच में एसआईटी का शक कांस्टेबल रविंद्र पर गहरा गया और उसने रविंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की कड़ी पूछताछ में रविंद्र ने रीटा की हत्या करना कबूल लिया।
ऐसे दिया पूरी वारदात को अंजाम
हत्या
आठ जून 2014 को रीटा दो दिन की छुट्टी पर घर आई थी। रविंद्र ने इसी दिन रीटा को फोन कर अगले दिन जम्मू चलने के लिए कहा। रविंद्र ने रीटा को साथ समय बिताने का विश्वास भी दिया। आठ जून को रविंद्र ने रीटा को कुरुक्षेत्र बुलाया। रीटा ने करनाल पहुंचकर रविंद्र को फोन किया।
रविंद्र बाइक लेकर करनाल पहुंच गया। रविंद्र बाइक पर रीटा को करनाल में घुमाता रहा। इस दौरान रविंद्र ने रीटा को कर्ण लेक पर चाय पिलाई। रविंद्र ने रीटा से कहा कि अभी ट्रेन का समय नहीं हुआ है, तब तक बाइक पर घूमते हैं। रात करीब 11 बजे रविंद्र रीटा को बाइक पर बैठाकर गांव काछुआ के पास नहर में ले गया और उसे पुल से धक्का दे दिया। रीटा नहर से बाहर नहीं निकल पाए, इसलिए रीटा को पत्थर भी मारे। इसके बाद उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए रीटा का बैग गांव पट्टीकल्याणा के पास फेंक दिया।
रीटा के फोन का ही किया इस्तेमाल
आरोपी रविंद्र अपने को बचाने के लिए रीटा के मोबाइल फोन का ही इस्तेमाल करता था। आठ जून 2014 को रविंद्र ने रीटा को उसी के फोन से कॉल किया। उसे लगा कि इससे वह पकड़ में नहीं आएगा।
रविंद्र पर ऐसे हुआ शक
पुलिस मामले की जांच में दो साल तक उझली रही। इसके बाद पुलिस ने रीटा की कॉल डिटेल खंगाली तो रीटा की रविंद्र से रात को 400-400 मिनट तक बात का खुलासा हुआ। हर रात रविंद्र की रीटा से कई कई घंटे बाते होती थी। इस पर पुलिस ने रविंद्र को नोटिस देकर पानीपत बुलाया, लेकिन रविंद्र करनाल से ही लौट गया। इसके बाद एसआईटी ने रविंद्र पर शिकंजा कस दिया।
बेटी की मौत की खबर सुन पिता हुए बेहोश
दो साल से बेटी रीटा के जिंदा होने की आस लगाए बैठे पिता रमेश कुमार को जब पुलिस ने उसकी हत्या की खबर दी, तो वे बेहोश हो गए। रीटा अच्छी धावक थी। पिता रमेश कुमार ने मेहनत कर रीटा को चंड़ीगढ़ पुलिस में भर्ती करवाया था। रीटा की बड़ी बहन गीता भी आरपीएफ में कांस्टेबल है।
रीटा का शव तलाश रही एसआईटी
डीएसपी गौरखपाल राणा ने बताया कि दो साल पहले रीटा की हत्या हुई थी। रीटा के शव के बारे में जानकारी जुटाने के लिए सभी थानों में जानकारी दे दी गई है। जिस पुलिस थाने के अंतर्गत जिन शवों का लावारिस में अंतिम संस्कार हुआ है, उसकी डिटेल मांगी जा रही है।
रविंद्र बाइक लेकर करनाल पहुंच गया। रविंद्र बाइक पर रीटा को करनाल में घुमाता रहा। इस दौरान रविंद्र ने रीटा को कर्ण लेक पर चाय पिलाई। रविंद्र ने रीटा से कहा कि अभी ट्रेन का समय नहीं हुआ है, तब तक बाइक पर घूमते हैं। रात करीब 11 बजे रविंद्र रीटा को बाइक पर बैठाकर गांव काछुआ के पास नहर में ले गया और उसे पुल से धक्का दे दिया। रीटा नहर से बाहर नहीं निकल पाए, इसलिए रीटा को पत्थर भी मारे। इसके बाद उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए रीटा का बैग गांव पट्टीकल्याणा के पास फेंक दिया।
रीटा के फोन का ही किया इस्तेमाल
आरोपी रविंद्र अपने को बचाने के लिए रीटा के मोबाइल फोन का ही इस्तेमाल करता था। आठ जून 2014 को रविंद्र ने रीटा को उसी के फोन से कॉल किया। उसे लगा कि इससे वह पकड़ में नहीं आएगा।
रविंद्र पर ऐसे हुआ शक
पुलिस मामले की जांच में दो साल तक उझली रही। इसके बाद पुलिस ने रीटा की कॉल डिटेल खंगाली तो रीटा की रविंद्र से रात को 400-400 मिनट तक बात का खुलासा हुआ। हर रात रविंद्र की रीटा से कई कई घंटे बाते होती थी। इस पर पुलिस ने रविंद्र को नोटिस देकर पानीपत बुलाया, लेकिन रविंद्र करनाल से ही लौट गया। इसके बाद एसआईटी ने रविंद्र पर शिकंजा कस दिया।
बेटी की मौत की खबर सुन पिता हुए बेहोश
दो साल से बेटी रीटा के जिंदा होने की आस लगाए बैठे पिता रमेश कुमार को जब पुलिस ने उसकी हत्या की खबर दी, तो वे बेहोश हो गए। रीटा अच्छी धावक थी। पिता रमेश कुमार ने मेहनत कर रीटा को चंड़ीगढ़ पुलिस में भर्ती करवाया था। रीटा की बड़ी बहन गीता भी आरपीएफ में कांस्टेबल है।
रीटा का शव तलाश रही एसआईटी
डीएसपी गौरखपाल राणा ने बताया कि दो साल पहले रीटा की हत्या हुई थी। रीटा के शव के बारे में जानकारी जुटाने के लिए सभी थानों में जानकारी दे दी गई है। जिस पुलिस थाने के अंतर्गत जिन शवों का लावारिस में अंतिम संस्कार हुआ है, उसकी डिटेल मांगी जा रही है।