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अब आतंकी टुंडा की हाजिरी वीडियो कांफ्रेंसिंग से
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Sat, 25 Apr 2015 12:06 AM IST
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शहर की सब्जी मंडी और किला रोड पर 1997 में हुए बम धमाकों के आरोपी आतंकी अब्दुल करीम टुंडा की कोर्ट में हाजिरी अब वीडियो कांफ्रेंसिंग से लगाई जाएगी। दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल अर्जी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश शर्मा ने स्वीकार कर लिया है।
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इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच टुंडा को जिला कोर्ट में पेश किया। अब अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी। इस तारीख पर टुंडा वीडियो कांफ्रेंसिंग से हाजिरी लगाएगा।
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बचाव पक्ष के एडवोकेट विनीत वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को सुनवाई के लिए 8 गवाहों को समन जारी किए गए थे, लेकिन 4 लोगों को सर्व हुए थे। इनमें से दो पुलिसकर्मियों की रिक्वेस्ट आ गई और दो पेश नहीं हुए। शुक्रवार को कोई गवाही नहीं हुई।
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टुंडा को जान का खतरा, इसलिए वीसी से हाजिरी
एडवोकेट वर्मा ने बताया कि अदालत में दिल्ली क्राइम ब्रांच की ओर से याचिका दायर की गई थी। इसमें उन्होंने बताया कि उनके पास इंटेलीजेंस ब्यूरो की ओर से पत्र आया है कि जो आतंकी जेलों में बंद हैं, उनकी जान को खतरा है। रोहतक कोर्ट में लाने और ले जाने के दौरान आतंकी पर हमला हो सकता है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने शुक्रवार को याचिका मंजूर कर वीसी को मंजूरी दे दी।
ये था मामला
मामला 22 जनवरी 1997 का है। शहर के किला रोड और सब्जी मंडी में 3 बम धमाके हुए। कई लोग घायल हुए। दिल्ली पुलिस ने टुंडा को नेपाल बार्डर से गिरफ्तार किया। खुलासा हुआ कि टुंडा 1996 से 1998 के बीच रोहतक, दिल्ली, पानीपत, सोनीपत, लुधियाना, कानपुर और वाराणसी में हुए बम धमाकों का मास्टर माइंड था।
बम बनाते समय हुए धमाके में टुंडा अपना एक हाथ गंवा चुका है। 1997 के दौरान वह कराची, केन्या और पश्चिम एशिया के देशों में जाता रहा है। जबकि बीते कुछ दशक में वह बांग्लादेश और पाकिस्तान में अपनी भूमिका दर्ज कराता रहा है।
2000 से 2005 तक माना जाता था कि टुंडा मर चुका है, लेकिन 2005 में अब्दुल रजाक मसूद की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि टुंडा जिंदा है। इसके बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अब्दुल करीम टुंडा गिरफ्तार कर लिया था।