किडनी रैकेटः नेशनल हॉस्पिटल की ट्रांसप्लांट कोआर्डिनेटर गिरफ्तार
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किडनी रैकेट में पुलिस ने सोमवार रात जालंधर से नेशनल किडनी अस्पताल की ट्रांसप्लांट कोआर्डिनेटर नीना रानी उर्फ साधना को गिरफ्तार कर लिया है।
स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम की प्राथमिक जांच में सामने आया था कि नीना रानी किडनी ट्रांसप्लांट के सभी केसों को हैंडिल कर दस्तावेज पूरे करती थी। वह किडनी खरीदने वाले से पचास हजार रुपये लेती थी।
एडीसीपी क्राइम जे इलेनचेलियन ने बताया कि मंगलवार साधना को अदालत में पेश किया जाएगा। जांच में पता चला कि किंगपिन जुनैद खान का संपर्क नेशनल किडनी अस्पताल में ट्रांसप्लांट को-आर्डिनेटर नीना उर्फ साधना निवासी किशनपुरा जालंधर से था। वह जुनैद से प्रति केस 50 हजार रुपये लेती थी।
आरोपी जुनैद ने किया था अस्पताल के बारे खुलासा
एसआईटी के मुताबिक डॉ. राजेश अग्रवाल से जांच के दस्तावेज मांगे गए हैं। उधर, मामले में गठित एसआईटी में कमिश्नर ऑफ पुलिस ने महिला आईपीएस अधिकारी एडीसीपी स्थानीय अलका मीणा को भी शामिल करने के आदेश जारी कर दिए हैं। अलका के साथ जालंधर के नवनियुक्त डीसीपी संदीप शर्मा को भी शामिल किया गया है।
मामला बढ़ने और एसआईटी की जांच पर उठ रहे सवालों के बाद सोमवार को कमिश्नर ऑफ पुलिस यूरिंदर हेयर की ओर से दो नए अधिकारियों को शामिल करने से अब जांच में तेजी भी आने की संभावना है।
किडनी रैकेट में नेशनल किडनी अस्पताल जांच के दायरे में आ चुका है, जहां पर छह ऑपरेशन किए गए थे। इसका खुलासा आरोपी जुनैद खान ने किया था। 12 दिन बीत जाने के बाद भी एसआईटी इस मामले में कुछ स्पष्ट नहीं कर पा रही थी।
मामले की जांच कर रही एसआईटी टीम
कमिश्नर यूरिंदर सिंह हेयर ने मामले को गंभीरता से लेते पहले ही दिन एसआईटी का गठन कर दिया था। इसमें एडीसीपी सिटी-2 अमरीक सिंह पोवार, एसीपी माडल टाउन बलविंदर इकबाल काहलो और एसएचओ नवदीप सिंह को शामिल किया गया था।
मामले में कई तथ्य उजागर नहीं हो पाए। कमिश्नर ने एसआईटी में बदलाव कर इसमें एडीसीपी क्राइम आईपीएस अधिकारी जे. इलेनचेलियन को शामिल कर दिया। इसकी सुपरविजन डीसीपी राजिंदर सिंह को सौंप दी।
डीसीपी राजिंदर सिंह का तबादला कपूरथला के एसएसपी के पद पर हो गया और जालंधर में नए डीसीपी संदीप शर्मा को भेजा गया। मामले में एसआईटी अभी तक चिकित्सक डॉ. राजेश अग्रवाल के बयान भी नहीं ले पाई है।