लड़कियों की 'मर्दानगी' से सुर्खियों में आया ‘थाना खुर्द’

ब्यूरो/अमर उजाला, खड़खौदा Updated Mon, 01 Dec 2014 09:27 PM IST
molestation in moving bus: 'police station Kurd' Came into limelight
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कल तक जिस गांव का नाम भी शायद किसी को मालूम न था, आज वो गांव प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की जुबान पर चढ़ा हुआ है। वो भी सिर्फ दो ऐसी वीर बहनों पूजा और आरती के कारण जो लड़कों की छेड़खानी से तंग आकर मर्दानी बनकर उभरी हैं। थाना खुर्द गांव की रहने वाली पूजा और आरती दोनों बहनें सोमवार को किसी वीआईपी से कम नजर नहीं आई।
पूरे गांव में इतने लोग नहीं रहते, जितने की सोमवार को बाहर से इन बहनों को मिलने के लिये आए। प्रदेश का ही नहीं बल्कि देशभर का मीडिया पूजा और आरती के घर पहुंचा हुआ था। हर किसी का मकसद दोनों बहनों से बातचीत करना तथा उनके साथ हुए घटनाक्रम को जानना था। हालांकि रविवार को देर रात आरोपी पक्ष के परिजन भी लड़कियों के घर पहुंचे थे, लेकिन समझौते की बात सिरे नहीं चढ़ पाई।

लड़कें और लड़कियों में न समझें फर्क
इन वीरांगना बहनों के पिता राजेश का कहना है कि उन्होंने अपनी लड़कियों को लड़कों की तरह पाला है। कभी उन्हें यह अहसास नहीं होने दिया कि वे लड़कियां हैं। उन्होंने कहा कि हमें लड़के और लड़की में कोई फर्क नहीं समझना चाहिए। उन्हें अपनी दोनों बेटियों पर गर्व है।

लड़कियां नहीं मेरे बेटे हैं: संतोष

माता संतोष ने कहा कि वे उनकी लड़कियां नहीं बल्कि लड़के हैं। उन्हें आज गर्व है कि उन्होंने अपने आत्म सम्मान को बचाने के लिए इस तरह कदम उठा कर कायरता नहीं दिखायी। वे महिलाओं से आह्वान करती हैं कि वे अपनी लड़कियों को भी लड़कों की तरह से प्यार दें।
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देर रात आए थे आरोपियों के परिजन

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