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चंडीगढ़ से गायब 3 बहनें मिलीं, मां-बाप से नहीं मिलना चाहती, बताया क्यों?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 16 Jul 2016 08:46 PM IST
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चंडीगढ़ से गायब हुई बहनें पुणे में मिली
- फोटो : अमर उजाला
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दो दिन पहले गायब हुई तीनों बहनें मिल गई हैं, लेकिन वे अपने मां-बाप के पास वापिस नहीं आना चाहती। इसके पीछे उन्होंने बड़ा कारण बताया। सेक्टर 33 में कपड़ों की फड़ी लगाने वाली लापता हुई तीन बहनें अपने मां बाप से ही परेशान हो कर भागी थी। सेक्टर 34 थाना पुलिस ने तीनों बहनों को ढूंढ निकाला है और तीनों बहने इस समय पुणे में है। पुलिस टीम उनको लेने के लिए पुणे गई हुई है, लेकिन वो अपने मां बाप के पास वापस आने को तैयार नही हैं।
मामले की जानकारी देते हुए सेक्टर 34 पुलिस स्टेशन के एसएचओ बलजीत सिंह ने बताया कि लापता होने के दो दिन बाद ही लड़कियों का पता लगा लिया गया था कि वो पुणे में है। पुलिस टीम भी पुणे गई हुई है लेकिन लड़कियां कह रही है कि वो अपनी मर्जी से घर छोड़ कर गई थी और वापस नही आना चाहती है। लड़कियों के वही पर मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करवा कर महिला सुधार गृह में भेज दिया गया है। साथ ही उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है और वो भी उनको लेने पुणे गए हुए है।
पुलिस का कहना है कि तीन में से दो बालिग है और उनका साफ कहना है कि उनके मां बाप उनको परेशान करते थे जिसकी वजह से भागी थी। साथ में छोटी 13 वर्षीय छोटी बहन को भी साथ ले गई थी।
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यह था मामला
दस जुलाई को सेक्टर 33 डी से चैरी (13), चंचल (18) और ममता (22) संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई थी। जिसके बाद परिजनों ने 12 जुलाई को पुलिस पर उनको ढूंढने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव भी किया था। परिजनों का कहना है कि पहले तो उन्होंने अपने तौर पर आसपास ढूंढा, लेकिन कुछ पता नहीं चलने पर 100 नंबर पर फोन कर सूचना दी।
रविवार शाम को जब काम खत्म हुआ था तो ममता और चैरी केमिस्ट से दवाई लेने जा रही थीं, उनके साथ चंचल भी चली गई। चंचल ने केमिस्ट शॉप से दवाई ली और उसके बाद से उन तीनों की कोई जानकारी नहीं है। घर से भागी ममता के दो बच्चे भी है। जिसमें सात महीने की एक दूध पीती बेटी है।
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मामले की जानकारी देते हुए सेक्टर 34 पुलिस स्टेशन के एसएचओ बलजीत सिंह ने बताया कि लापता होने के दो दिन बाद ही लड़कियों का पता लगा लिया गया था कि वो पुणे में है। पुलिस टीम भी पुणे गई हुई है लेकिन लड़कियां कह रही है कि वो अपनी मर्जी से घर छोड़ कर गई थी और वापस नही आना चाहती है। लड़कियों के वही पर मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करवा कर महिला सुधार गृह में भेज दिया गया है। साथ ही उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है और वो भी उनको लेने पुणे गए हुए है।
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पुलिस का कहना है कि तीन में से दो बालिग है और उनका साफ कहना है कि उनके मां बाप उनको परेशान करते थे जिसकी वजह से भागी थी। साथ में छोटी 13 वर्षीय छोटी बहन को भी साथ ले गई थी।
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यह था मामला
दस जुलाई को सेक्टर 33 डी से चैरी (13), चंचल (18) और ममता (22) संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई थी। जिसके बाद परिजनों ने 12 जुलाई को पुलिस पर उनको ढूंढने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव भी किया था। परिजनों का कहना है कि पहले तो उन्होंने अपने तौर पर आसपास ढूंढा, लेकिन कुछ पता नहीं चलने पर 100 नंबर पर फोन कर सूचना दी।
रविवार शाम को जब काम खत्म हुआ था तो ममता और चैरी केमिस्ट से दवाई लेने जा रही थीं, उनके साथ चंचल भी चली गई। चंचल ने केमिस्ट शॉप से दवाई ली और उसके बाद से उन तीनों की कोई जानकारी नहीं है। घर से भागी ममता के दो बच्चे भी है। जिसमें सात महीने की एक दूध पीती बेटी है।