शर्मनाक! मंदबुद्धि से कुकर्म कर थमा दिए 100 रुपये
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ट्रांसपोर्ट कंपनी के मुलाजिम ने मंदबुद्धि युवक के साथ कुकर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया और उसे सौ रुपये देकर वहां से भेज दिया। वारदात पंजाब के लुधियाना में डिविजन नंबर तीन थाने के महज कुछ ही दूरी पर हुई।
मंदबुद्धि युवक बोलने में भी असमर्थ है। जब पीड़ित युवक को दर्द ज्यादा हुआ तो उसने सारी बात अपने भाई इशारों में समझाई। उसने तुरंत इसकी शिकायत थाना डिविजन तीन की पुलिस को दी। पुलिस की हद तो तब हो गई। जब पुलिस ने एक हजार रुपये लेकर उक्त व्यक्ति को समझौता करने के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया।
जब युवक अपने भाई को लेकर सिविल अस्पताल में उसका मेडिकल कराने के लिए गया तो डाक्टरों ने पुलिस के बिना उसका मेडिकल करने से साफ तौर पर मना कर दिया। देर शाम तक पीड़ित युवक इंसाफ के लिए भटक रहा था।
पीड़ित मंदबुद्धि के भाई ने कहा कि वह डिविजन नंबर तीन के पास ही फल फ्रूट की रेहड़ी लगाता है। पीड़ित उनका सबसे छोटा भाई है। वह सही तरह से बोल भी नहीं सकता वह रात को कहीं जगह मिलती है तो वहीं सो जाता है। कभी सड़क पर तो कभी घर पर।
पुलिस डाल रही समझौता करने का दबाव
बीते दिन वह ट्रांसपोर्ट कंपनी के पास सोने लगा तो वहां पर काम करने वाले एक मुलाजिम ने उसे बुला कर उसके साथ कुकर्म कर डाला और उसे सौ रुपये देकर वहां से भेज दिया और कहां कि वह इस बारे में किसी को कुछ बताएं मत। जब अगले दिन पीड़ित अपने भाई से मिला तो दर्द ज्यादा होने की वजह से उसने सारी बात अपने भाई को इशारों में समझाई।
पीड़ित के भाई ने आरोप लगाया कि जब वह इस मामले की शिकायत पुलिस के पास लेकर गया तो पुलिस ने उसे पहले भगा दिया। उसने आरोप लगाया कि जब पुलिस ने उसकी बात सुनी तो पुलिस एक बार आरोपी युवक को ले भी आई, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाए उन पर हजार रुपये लेकर समझौता करने का दबाव डालना शुरूकर दिया।
लेकिन वह नहीं माना तो पुलिस ने आरोपी मुलाजिम को छोड़ दिया। जब वह सिविल अस्पताल में भाई का मेडिकल करवाने के लिए चला गया। वहां पर डाक्टरों ने पुलिस के बिना मेडिकल करने से मना कर दिया। पीड़ित के भाई ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाई है। उसने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
इस मामले में थाना डिविजन तीन के एसएचओ इंस्पेक्टर रणधीर सिंह ने कहा कि युवक द्वारा लगाए सभी आरोप बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि युवक इसकी शिकायत लेकर आया था, लेकिन कुकर्म जैसा कोई मामला नहीं लगा। जिस युवक की बात हो रही है वह मंदबुद्धि है, वह सही से बोल भी नहीं सकता। जब उसका भाई थाने आया था, उसने शराब पी रखी थी।
इस के अलावा उन्होने थाने में कोई लिखिल शिकायत ही नहीं दी है। इसी मामले में एसीपी सेंट्रल सतीश मल्होत्रा ने कहा कि मेरे ध्यान में ऐसा कोई मामला नहीं है। अगर ऐसी कोई घटना हुई है, वह एसएचओ से पूछेगें और उसकी जांच के बाद कार्रवाई कराएंगे।