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Hindi News ›   Chandigarh ›   meena suicide case: sensational fact in rohtak pgi staff nurse suicide case

ऑपरेशन थियेटर में बनाया MMS तो कर ली सुसाइड

Wed, 25 Mar 2015 04:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Wed, 25 Mar 2015 04:06 PM IST
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meena suicide case: sensational fact in rohtak pgi staff nurse suicide case

पीजीआई के आपरेशन थियेटर में सुसाइड करने वाली टॉपर नर्सिंग छात्रा दो सुसाइड नोट लिख कर गई। इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस सुसाइड नोट छिपा रही है।

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सूत्रों की मानें तो दोनों ही सुसाइड नोट में लिखा गया है कि डी-पार्क के आसपास एक तांत्रिक (ज्योतिषी) बेटे और उसके बाप ने मुझे जाल में फंसा लिया और बेसुध कर मेरी संदिग्ध हालत का एमएमएस बना लिया।
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तांत्रिक के चक्कर में डॉक्टर दंपति ने गंवाया बेटा
मीना की मौत के साथ पीजीआई में तांत्रिक की गिरफ्त की एक और घटना ताजा हो आई। कुछ साल पहले डॉक्टर दंपति ने तांत्रिक के कहने पर अपने बच्चों का घर पर ही खून बदलने का प्रयास किया और संतानें गवां बैठे। वहीं, मीना की मौत का पता चलते ही कार्यवाहक कुलपति डॉ. वी. के. जैन, निदेशक डॉ. रोहताश यादव और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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3 बच्चे हो गए अनाथ
मीना अपने पीछे तीन बच्चे छोड़ गई। 10 वर्ष की दिव्यांशी पांचवीं, वेदांशी दूसरी व बेटा भव्य पहली कक्षा में पढ़ता है। मृतका के पति कमल किशोर का कहना है कि मेरे घर में कोई कमी नहीं थी, तीन भाई हैं, तीनों नौकरी पेशा हैं। हम दोनों के बीच कोई मनमुटाव नहीं था।

तांत्रिक की है गलती : कमल किशोर

मृतका के पति कमल किशोर ने कहा कि कोई परेशान हो डॉक्टर या तांत्रिक के पास जाता है तो यह मतलब नहीं कि वह उसकी भावनाओं का गलत फायदा उठाएं। तांत्रिक ने उसकी पत्नी को चुंगल में फंसा कर परेशान किया और उसके घर को तबाह कर दिया।

जो सीखा, उसे ही बनाया मौत का रास्ता

meena suicide case: sensational fact in rohtak pgi staff nurse suicide case

स्टाफ नर्स ने आत्महत्या के लिए अपने पेशे को ही चुना। फोरेंसिक विभागाध्यक्ष और लीगल मामलों के एक्सपर्ट डॉ. एस. के. धतरवाल ने बताया कि अक्सर मरीज को ऑपरेशन से पहले एनेथिसिया दिया जाता है।

गले में नली डाल कर कृत्रिम सांस दी जाती है। अधिक डोज से हार्ट, रक्तचाप व श्वसन प्रणाली रुक जाती है। 11 सेकेंड में मौत हो सकती है। जांच का विषय यह है कि जिस दवा से मीना की मौत हुई, वह ओटी में है या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामला दूसरी दिशा में भी घूम सकता है।

रात एक बजे तक ऑपरेशन कराया था मीना ने

मीना ने सोमवार रात एक बजे तक ओटी में काम किया। इसके बाद सहयोगियों को ठंड लगने की बात कह दूसरे कमरे में चली गई। जब चाय पीने के लिए उसे उठाया तो वह मृत मिली। स्टाफ ने बताया कि मीना कुछ दिनों से परेशान जरूर दिख रही थी। उसका फोन भी बंद रहता था।

कागजी कार्रवाई से अटका पोस्टमार्टम
मीना का पोस्टमार्टम बुधवार सुबह होगा। डीएसपी अनिल भाटिया का कहना है कि दोनों पक्षों के आने में देरी के कारण कागज पूरे होने में देरी हो गई। पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है।

तीसरी नर्स की मौत ने उठाए सवाल

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पीजीआई में हर दो माह के अंतराल पर नर्से आत्महत्या कर रही हैं। लगातार छात्राओं और महिलाओं की आत्महत्या ने प्रबंधन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले मनोचिकित्सा विज्ञान विभाग, डीएमएलटी विभाग और अब आपात विभाग की स्टाफ नर्स की आत्महत्या। दोनों छात्राओं की आत्महत्या में तो पुलिस और प्रबंधन कारण तक तलाश नहीं कर पाया है।

तांत्रिक की पीजीआई और पॉलिटिक्स दोनों जगह पैठ
मामले में अभी जिस बाप-बेटे तांत्रिक (ज्योतिष) का नाम सामने आ रहा है, उनकी पीजीआई और पॉलिटिक्स दोनों जगह पैठ है। चर्चा यहां तक भी है कि इसी तांत्रिक की सिफारिशों के बाद नर्स को आपात विभाग में तैनात किया गया था। तांत्रिक का नाम आने पर सभी अधिकारी पल-पल से जुड़ी जानकारी ले रहे हैं।

मीना की मौत में ये पेंच

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- पहले सुसाइड नोट को फर्जी बताया गया और बाद में लिखाई मिलाई गई। वहीं, मायके वालों ने आरोप लगाया कि मीना दुखी थी और कई बार समझौते के लिए भी फरियाद की थी।
- लड़की पक्ष ने आरोप लगाया कि लिखाई मीना की नही है, जबकि पीजीआई ओटी में बाहरी व्यक्ति नहीं आ सकता। सुई इस तरफ भी धूम रही है कि कहीं पीजीआई स्टाफ ने किसी बाहरी व्यक्ति के साथ मिलकर कोई वारदात तो नहीं की।
- मीना तीन चार दिन से परेशान थी, किसी ने गौर क्यों नहीं किया? नर्स ने कैन्यूला अपने आप कैसे लगा ली?
- दो सुसाइड नोट अपने आप में सवाल खड़ा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि दोनों में एक ही तरह की बात लिखी गई है। लेकिन सवाल उठता है कि मीना को दो सुसाइड नोट लिखने की जरूरत क्यों पड़ी।
- एक नर्स एक जगह पर कई सालों से काम कैसे कर रही है?

किसने क्या कहा:-

मामले की जांच के लिए बोर्ड गठित करेंगे। पुलिस जांच कर ही रही है। ओटी में किसी बाहरी व्यक्ति का आना मुश्किल है। कैन्यूला एक्सपर्ट स्टाफ अपने आप भी लगा सकता है।
- डॉ. अशोक चौहान, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआई

हमें विश्वास ही नहीं हो रहा कि मीना ऐसा कर सकती है। जब भी वह मिलती थी, पूरी ड्रेस में और समय पर होती थी।
डॉ. के. एल. रत्न, शिशु शल्य चिकित्सा विभाग

तीन सदस्यों की कमेटी करेगी जांच : निदेशक

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मामले में गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी को दो दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। टीम में एनेथिसिया विभाग की एचओडी डॉ. सरला हुड्डा, आपात विभाग के ओटी इंचार्ज डॉ. संजय मारवाह के अलावा नर्सिंग अधीक्षक ईशवंती मलिक को शामिल किया गया है। सोमवार रात इमरजेंसी ओटी में तैनात चारों नर्सों के रिकार्ड खंगाले हैं।

अन्य तीनों नर्सों के मोबाइल नंबर लिए जाने के बाद ही उन्हें जाने दिया गया। सभी को जांच पूरी होने तक शहर नहीं छोड़ने की हिदायत दी गई है। मीना तीन विभागों में काम कर चुकी थी। सबसे ज्यादा उसने इमरजेंसी ओटी में काम किया है। यह भी सामने आया है कि मीना कई दिनों से मोबाइल नहीं लाती थी। उसने अपने पति को बताया था कि उसका फोन खो गया है। इससे कई अहम सुराग भी मिल सकते हैं।
डॉ. रोहताश यादव, कार्यवाहक निदेशक, पीजीआई

मंत्री ने किया हस्तक्षेप
सूत्रों की मानें तो सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए हैं। सबसे अहम है कि संस्थान में एक के बाद एक हो रही आत्महत्याओं ने विभाग को हिला कर रख दिया है। तीन दिन, चार आत्हत्या जिले में तीन दिन में चार आत्महत्या के केस सामने आए हैं।

शनिवार रात को पत्नी और बेटी की हत्या के बाद सतीश ने जहर खाकर जान दे दी। रविवार को ही चिड़ी निवासी एक बुजुर्ग ने पूर्व सरपंच से परेशान होकर फंदा लगा लिया। सोमवार सुबह किलोई में दहेज की मांग से परेशान एक विवाहिता ने फांसी लगा ली। सोमवार आधी रात के बाद मीना ने पीजीआई ओटी में जान दे दी।

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