मनीषा मर्डर: पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला सच
सेक्टर-22 में नुक्कड़ ढाबे के मालिक की बेटी मनीषा की मौत का सच उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोल दिया है। मनीषा की मौत हेरोइन की ओवरडोज से हुई थी। पुलिस ने उसके तीन दोस्त आरोपी रमन, कमल और दिलप्रीत को गिरफ्तार किया। जिसके बाद तीनों को पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया।
जहां से कोर्ट ने दो आरोपियों रमन और कमल को ज्यूडिशियल भेज दिया और तीसरे आरोपी दिलप्रीत को एक दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया। बता दें कि दोनों आरोपी रमन और कमल को पुलिस पहले पकड़ कर कोर्ट में पेश कर चुकी थी जहां कोर्ट दोनों आरोपियों को एक दिन का पुलिस रिमांड दे चुकी थी।
मालूम हो कि नुक्कड़ ढाबे के मालिक ने सेक्टर-17 थाने में शनिवार को अपनी बेटी मनीषा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद रविवार को पुलिस ने मामले में मनीषा के दोस्त सेक्टर-51 निवासी रमन को गिरफ्तार किया।
रमन की निशानदेही पर लड़की की लाश शंभू बैरियर के पास नाले में मिली, उसके बाद दूसरे आरोपी रमन के दोस्त कमल को सेक्टर-37 से गिरफ्तार की। दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मनीषा की मौत ड्रग्स की ओवरडोज से हुई। मामले में पुलिस ने लड़की के तीन दोस्त आरोपी रमन, कमल और दिलप्रीत को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के पास नहीं इन सवालों का जवाब
1- आरोपी रमन के परिजन का कहना है कि उनके द्वारा सेक्टर-17 थाने में लाकर रमन को सेरेंडर करवाया गया। उनका यह भी कहना है कि सेरेंडर की पूरी प्रक्रिया थाने के सीसीटीवी में कैद है वही दूसरी ओर पुलिस दावा कर रही की उसने मोबाइल ट्रैक के आधार पर रमन को गिरफ्तार किया। इस सवाल का जवाब पुलिस सिर्फ इतना दे रही कि आरोपी तो झूठ बोलते ही है।
2- पूरी घटना की जांच पुलिस रविवार से कर रही है, लेकिन पुलिस अभी तक यह भी पता नहीं लगा पाई कि लड़की खुद से गई या आरोपी उसको अगवा करके ले गए।
3- आरोपी रमनदीप के परिजनों का कहना है कि रमनदीप से फोन पर लड़की ने एसएमएस के द्वारा ड्रग्स की मांग की और रमन का मोबाइल पुलिस के कब्जे में है। वही दूसरी तरफ पुलिस ने इस बात से साफ इनकार किया। दूसरी तरफ इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश की गई तो उन्होंने मामले कुछ भी बोलने से मना कर दिया।