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ठक ठक गैंग: कारोबारी की कार का शीशा तोड़ उड़ाई थी नकदी, सरगना समेत चार गिरफ्तार, साढ़े 46 लाख रुपये बरामद

Wed, 11 Jan 2023 07:03 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 11 Jan 2023 07:03 PM IST
सार

सीपी सिद्धू ने बताया कि यह गिरोह 'ठक-ठक गैंग' के नाम से काफी कुख्यात है। आरोपी मूलरूप से तमिलनाडु के रहने वाले हैं और श्रीलंका में भी रह चुके हैं। बाद में ये सभी दिल्ली की मद्रासी कॉलोनी में रहने लगे। आरोपी गुलेल की मदद से कार का शीशा तोड़ते थे। 

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Ludhiana police arrested four people who broke the glass of the car and stole cash
आरोपियों के बारे में जानकारी देते पुलिस अधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

लुधियाना के समराला चौक के पास सड़क के किनारे खड़ी चंडीगढ़ के प्रापर्टी कारोबारी की कार का शीशा तोड़ कर 57 लाख रुपये के करीब नकदी से भरा बैग चोरी करने वाले 'ठक ठक गैंग' के चार गुर्गों को कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। चारों आरोपियों में सरगना भी शामिल है।

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आरोपियों को कमिश्नरेट पुलिस ने अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से साढ़े 46 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। गिरोह के चारों गुर्गे मूलरूप से तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना मुर्गन, उसके साथी प्रकाश, सुरेश और सुरेश शामी को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह के गिरफ्तार होने के बाद शहर की कई चोरी की वारदातें हल होने की उम्मीद है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह भी पता लगा रही है कि उनके साथ गिरोह के कितने सदस्य हैं जो शहर की सड़कों पर सक्रिय हैं।
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पुलिस कमिश्नर मंदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि 29 दिसंबर को समराला चौक के निकट एक ढाबे के बाहर खड़ी गाड़ी का शीशा तोड़कर कोई अज्ञात अंदर पड़ा बैग चुराकर ले गया था। उस बैग में 57.40 लाख रुपये थे। इसके बाद थाना डिवीजन नंबर-3 में केस दर्ज हुआ था। इस केस की जांच के लिए ज्वाइंट सीपी सौम्या मिश्रा की अगुवाई में टीम बनाई गई थी। इसमें एडीसीपी रूपिंदर कौर सरां, एसीपी रमनदीप सिंह भुल्लर, थाना डिवीजन नंबर-3 के एसएचओ गगनदीप सिंह और सीआईए-1 के इंस्पेक्टर राजेश शर्मा और सीआईए 3 के इंस्पेक्टर अवतार सिंह की टीम शामिल थी।

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पुलिस को सबसे पहले एक सीसीटीवी फुटेज मिली। उस फुटेज से पुलिस की जांच आगे बढ़ी और पुलिस को पता चला कि इस गिरोह का मुख्य सरगना दिल्ली में छिपा है। इसके बाद एसीपी रमनदीप सिंह भुल्लर एक टीम को लेकर दिल्ली रवाना हुए। जहां उन्होंने मद्रासी कॉलोनी से मुख्य आरोपी मुर्गन को दबोच लिया। उसके पास से 40 लाख रुपये की नकदी बरामद की। पूछताछ में बाकी तीन आरोपियों के बारे में पता चला। इसके बाद सीआईए 1 और 3 की अलग-अलग टीमों ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को दबोच लिया। इनके पास 6.50 लाख की नकदी बरामद की गई।

ठक-ठक गैंग के नाम से कुख्यात हैं आरोपी
सीपी सिद्धू ने बताया कि यह गिरोह 'ठक-ठक गैंग' के नाम से काफी कुख्यात है। आरोपी मूलरूप से तमिलनाडु के रहने वाले हैं और श्रीलंका में भी रह चुके हैं। बाद में ये सभी दिल्ली की मद्रासी कॉलोनी में रहने लगे। आरोपी गुलेल की मदद से कार का शीशा तोड़ते थे। 

पुलिस के मुताबिक आरोपी अलग-अलग इलाकों में झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रहते हैं। पॉश इलाकों में दिन में रेकी करने के बाद वारदातों को अंजाम देते हैं। आरोपी ज्यादातर सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़कर ही सामान चोरी करते हैं। आरोपी वारदात के बाद इलाका बदल देते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी तमिल बोलते हैं, उन्हें हिंदी कम आती है। वह मोबाइल का इस्तेमाल भी नहीं करते ताकि जल्द पुलिस के हाथ न आ सके। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पता लगाने में जुटी है कि उनके गिरोह के कितने लोग शहर में हैं और कितनी वारदात आरोपी कर चुके हैं।

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