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पंजाब पुलिस के जवानों को पब्लिक ने दौड़ाया, हेडकांस्टेबल दबोचा
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला।
Updated Mon, 09 May 2016 10:37 AM IST
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छह पुलिस वालों के खिलाफ अपहरण की कोशिश का केस
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पति-पत्नी के विवाद को लेकर पंजाब के जिला लुधियाना से आए पुलिस जवानों ने सेक्टर-15 से आरोपी युवक को जबरन उठाने की कोशिश की, लेकिन युवक की चीख सुनकर मौके पर लोग इकट्ठे हो गए और पुलिस जवानों को दौड़ा लिया। इस दौरान एक हेड कांस्टेबल और एक अन्य व्यक्ति लोगों के हत्थे चढ़ गया, जिसे लोगों ने सेक्टर-14 पुलिस के हवाले कर दिया।
इस मामले में सेक्टर-14 थाना पुलिस ने डीसीपी अनिल धवन के आदेश पर सब इंस्पेक्टर समेत छह पुलिस वालों के खिलाफ अपहरण की कोशिश का केस दर्ज किया है। यह हंगामा पंचकूला के सेक्टर-15 में शनिवार सुबह 11 बजे हुआ। वहीं, हेड कांस्टेबल का कहना है कि वह युवक को उठाने नहीं बल्कि नोटिस देने आया था। उसके साथ सब इंस्पेक्टर समेत पांच अन्य पुलिस के जवान भी थे।
सेक्टर-15 निवासी विकास ने बताया कि वह सेक्टर-10 और 15 की अंदरूनी सड़क से जा रहे थे। भवन विद्यालय के नजदीक कुछ लोग एक युवक को खींच रहे थे। उनके साथ वर्दी में चार व्यक्ति और भी थे। विकास बामल और अन्य लोगों ने युवक को उनके चंगुल से छुड़वा लिया। लोगों को इकट्ठा देखकर पंजाब पुलिस की वर्दी में तीन व्यक्ति सूमो गाड़ी में सवार होकर भाग गए। लेकिन पंजाब पुलिस के हेड कांस्टेबल और एक अन्य व्यक्ति को लोगों ने पकड़ लिया। लोगों ने इस मामले की सूचना पंचकूला पुलिस को दी। पुलिस हेड कांस्टेबल को सेक्टर 14 के थाने में ले गई।
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पति-पत्नी विवाद से संबंधित है मामला
पुलिस के अनुसार शुभदीप की शादी 21 फरवरी 2016 को रवनीत के साथ हुई थी। शादी से 14 माह पहले दोनों को सगाई हो गई। रवनीत के पिता चरणजीत के अनुसार बेटी की शादी में उन्होंने करीब 80 लाख रुपये खर्च किए। शादी के मात्र 10 दिन बाद उसके ससुराल वालों ने यह कहकर बेटी को मायके भेज दिया कि वह बीमार रहती है। चरणजीत सिंह ने कहा कि बेटी का शादी के चार साल पहले उसका गाल ब्लेडर रिमूव करवाया था, जिसके संबंध में शुभदीप और उसके परिजनों को शादी से पहले ही सब बता दिया गया था।
काउंसलिंग के लिए ले जाने आए थे पुलिस वाले
सेक्टर 14 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखबीर सिंह ने बताया कि यह मामला शुभदीप और रवनीत कीे शादी में पड़ी दरार से संबंधित है और मामला पंजाब में दर्ज है। अब तक के बयान के अनुसार पंजाब पुलिस की टीम शुभदीप को काउंसलिंग के लिए ले जाने आई थी। लुधियाना से सब इंस्पेक्टर सुखवंत सिंह, हैड कांस्टेबल बलकार सिंह, हेड कांस्टेबल कुलवंत सिंह, हेड कांस्टेबल दविंद्र सिंह व रवनीत के चचेर भाई फरीदकोट निवासी जिप्सी और सगे भाई गुरप्रीत बराड़ के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इस मामले की गहन जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों की ओर से शिकायत ले ली गई है और उच्चाधिकारियों को सूचित करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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इस मामले में सेक्टर-14 थाना पुलिस ने डीसीपी अनिल धवन के आदेश पर सब इंस्पेक्टर समेत छह पुलिस वालों के खिलाफ अपहरण की कोशिश का केस दर्ज किया है। यह हंगामा पंचकूला के सेक्टर-15 में शनिवार सुबह 11 बजे हुआ। वहीं, हेड कांस्टेबल का कहना है कि वह युवक को उठाने नहीं बल्कि नोटिस देने आया था। उसके साथ सब इंस्पेक्टर समेत पांच अन्य पुलिस के जवान भी थे।
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सेक्टर-15 निवासी विकास ने बताया कि वह सेक्टर-10 और 15 की अंदरूनी सड़क से जा रहे थे। भवन विद्यालय के नजदीक कुछ लोग एक युवक को खींच रहे थे। उनके साथ वर्दी में चार व्यक्ति और भी थे। विकास बामल और अन्य लोगों ने युवक को उनके चंगुल से छुड़वा लिया। लोगों को इकट्ठा देखकर पंजाब पुलिस की वर्दी में तीन व्यक्ति सूमो गाड़ी में सवार होकर भाग गए। लेकिन पंजाब पुलिस के हेड कांस्टेबल और एक अन्य व्यक्ति को लोगों ने पकड़ लिया। लोगों ने इस मामले की सूचना पंचकूला पुलिस को दी। पुलिस हेड कांस्टेबल को सेक्टर 14 के थाने में ले गई।
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पति-पत्नी विवाद से संबंधित है मामला
पुलिस के अनुसार शुभदीप की शादी 21 फरवरी 2016 को रवनीत के साथ हुई थी। शादी से 14 माह पहले दोनों को सगाई हो गई। रवनीत के पिता चरणजीत के अनुसार बेटी की शादी में उन्होंने करीब 80 लाख रुपये खर्च किए। शादी के मात्र 10 दिन बाद उसके ससुराल वालों ने यह कहकर बेटी को मायके भेज दिया कि वह बीमार रहती है। चरणजीत सिंह ने कहा कि बेटी का शादी के चार साल पहले उसका गाल ब्लेडर रिमूव करवाया था, जिसके संबंध में शुभदीप और उसके परिजनों को शादी से पहले ही सब बता दिया गया था।
काउंसलिंग के लिए ले जाने आए थे पुलिस वाले
सेक्टर 14 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखबीर सिंह ने बताया कि यह मामला शुभदीप और रवनीत कीे शादी में पड़ी दरार से संबंधित है और मामला पंजाब में दर्ज है। अब तक के बयान के अनुसार पंजाब पुलिस की टीम शुभदीप को काउंसलिंग के लिए ले जाने आई थी। लुधियाना से सब इंस्पेक्टर सुखवंत सिंह, हैड कांस्टेबल बलकार सिंह, हेड कांस्टेबल कुलवंत सिंह, हेड कांस्टेबल दविंद्र सिंह व रवनीत के चचेर भाई फरीदकोट निवासी जिप्सी और सगे भाई गुरप्रीत बराड़ के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इस मामले की गहन जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों की ओर से शिकायत ले ली गई है और उच्चाधिकारियों को सूचित करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है।