ज्योति मर्डर केस: विधायक के खिलाफ चौंकाने वाले खुलासे
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आम लड़कियों की तरह ज्योति भी पूरी तरह आत्मनिर्भर लड़की थी। मूलरूप से होशियारपुर से 21 किलोमीटर दूर गांव भूंगा में रहने वाली ज्योति चंडीगढ़ में पीजी में रहती थी। 9 दिसंबर 2009 को ज्योति की छोटी बहन इशु की शादी में विधायक रामकुमार चौधरी अपने एक अन्य साथी के साथ आए थे व शगुन के तौर पर 2100 रुपए भी दिए थे। यही नहीं, खुद ज्योति ने रामकुमार चौधरी से परिचय करवाने के दौरान बताया था कि चंडीगढ़ में जिस कंपनी में वह काम करती है, के चौधरी साहब चेयरमैन हैं। उस शादी में रामकुमार चौधरी ने 2100 रुपए व उनके साथी ने भी 1100 रुपए शगुन दिया था।
ज्योति के पिता का कहना है कि ज्योति चौधरी के इलेक्शन में खर्च का लेन-देन देख रही थी। ज्योति ने अपने पिता बूटी राम को आखिरी बार फोन करके कहा था कि वह राम कुमार चौधरी के साथ जा रही है। अगले दिन उसकी लाश मिली थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक ज्योति प्रैग्नेंट थी और उसका अवैध तरीके से अबॉर्शन करवाया गया था।
22 नवंबर 2012: पंचकूला में मिला था ज्योति का शव
चंडीगढ़ में बतौर पीजी रहने वाली होशियारपुर की ज्योति का शव बीते वर्ष 22 नवंबर 2012 को पंचकूला के सेक्टर-21 में सड़क पर मिला था। उसके चेहरे पर गाड़ी चढ़ाकर पहचान मिटाने की कोशिश भी की गई थी। ज्योति का बाकी सामान तो था, लेकिन दोनों मोबाइल फोन नहीं मिले। इस मामले में युवती के पिता बूटी राम ने दून के विधायक राम कुमार चौधरी पर आरोप लगाए। इसके बाद विधायक राम कुमार और उनके साथी गुरमीत, धर्मपाल और परमजीत सिंह पर हत्या, धोखाधड़ी और एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
प्रैग्नेंट थी ज्योति, अवैध तरीके से कराया अबॉर्शन
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक ज्योति प्रैग्नेंट थी और उसका अवैध तरीके से अबॉर्शन करवाया गया था। मोबाइल फोन डिटेल और टॉवर लोकेशन से खुलासा हुआ था कि मर्डर वाले दिन रामकुमार चौधरी भी हर उस जगह मौजूद थे। इसके अलावा पुलिस के पास ज्योति की बहन की शादी में राम कुमारचौधरी की मौजूदगी वाला भी एक फोटो है। इस खुलासे के बाद से ही रामकुमार चौधरी फरार था। हत्या के 46 दिन बाद आरोपी विधायक राम कुमार चौधरी ने पंचकूला सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इस मामले में गुरुवार को पंचकूला पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों धर्मपाल, गुरमीत और तिलकराज को गिरफ्तार किया हैं।
बहन ने दिया चौंकाने वाला बयान
बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में लगातार कई गवाहों के बयान से मुकरने के बाद भी ज्योति की बहन अपने पूर्व बयान पर कायम रही। उसने कोर्ट में बताया कि हिमाचल के दून क्षेत्र के विधायक रामकुमार चौधरी और ज्योति के संबंध थे। ज्योति अक्सर चौधरी के बारे में बात करती थी और चौधरी अक्सर ज्योति से मिलने चंडीगढ़ आता था। ज्योति ने उसे यह भी बताया था कि चौधरी उससे शादी करेगा, लेकिन एमएलए का चुनाव जीतने के बाद उसने शादी से इनकार कर दिया।
बयान के मुताबिक, ज्योति ने बहन को बताया था कि चुनाव जीतने के बाद चौधरी कहने लगा कि अगर वह दलित से शादी करेगा तो उसकी बदनामी होगी। इसलिए वह शादी नहीं करेगा, लेकिन उसके बैंक खाते में हमेशा पैसे जमा कराता रहेगा। ज्योति की बहन ने कहा कि चौधरी ने ज्योति को इसलिए मारा है, क्योंकि वह उससे शादी करना चाहती थी।
सिम कार्ड का सबूत हो गया पक्का
ज्योति की बहन के बयान से सिम कार्ड का सबूत भी पक्का हो गया है। दरअसल, पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक ज्योति के पास एक सिम था, जो ज्योति के नाम पर था। इस नंबर से चौधरी के साथ बातचीत होती थी और वारदात वाले दिन यह नंबर व चौधरी का नंबर एक साथ चल रहे थे। अब शुक्रवार को ज्योति की बहन ने कोर्ट में कहा कि उसने ही अपनी वोटर आईडी पर ज्योति को नंबर लेकर दिया था।
चौधरी ने बूटी राम की अर्जी का किया विरोध
राम कुमार चौधरी ने शुक्रवार को कोर्ट में एक विरोध अर्जी दाखिल की, जो ज्योति के पिता बूटी राम की फिर से गवाही के खिलाफ है। अर्जी में कहा गया है कि जब बूटी राम ने पहले गवाही दी थी तो उसमें किसी तरह के दबाव का जिक्र नहीं किया था। अब फिर से गवाही नहीं कराई जाए। बूटी राम की दोबारा गवाही वाली अर्जी पर शनिवार को फैसला होना है।
ज्योति के पिता बूटी राम भी मुकरे थे बयान से
ज्योति के पिता बूटी राम पिछले दिनों कोर्ट में बयान से मुकर गए थे। इसके कुछ दिनों बाद उन्होंने पुलिस कमिश्नर पंचकूला को शिकायत दी थी कि रामकुमार चौधरी के जानकारों ने उन्हें व पूरे परिवार को मारने की धमकी दी थी, इसलिए वह बयान से मुकर गए थे। इसके बाद पंचकूला पुलिस ने इस केस फाइल को होशियारपुर भेज दिया। बूटी राम की शिकायत पर होशियारपुर के हरियाना थाने में चौधरी व उसकी पत्नी सहित अन्य के खिलाफ धमकी देने व साजिश रचने का मामला दर्ज हुआ था।