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पीजीआई में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा, आवेदन से पहले मांगें नौ हजार

Fri, 26 May 2017 09:34 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 26 May 2017 09:34 AM IST
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 job fraud in Chandigarh pgi
पीजीआई
कोलकाता के नंबर से लोगों को फोन कर पीजीआई में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का एक और मामला सामने आया है। एक अखबार में पीजीआई के नाम का विज्ञापन देकर एमआरटी (मेडिकल रिकार्ड टेक्नीशियन) की पोस्ट पर नौकरी के लिए आवेदन मांगें हैं। जब कुछ लोगों ने विज्ञापन में दिए गए नंबर पर फोन कर जानकारी मांगी  तो उनसे कहा गया कि नौकरी पक्की है, लेकिन पहले एकाउंट में नौ हजार रुपये जमा कराने होंगे।
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हालांकि उन्होंने रुपये जमा कराने से पहले पीजीआई में संपर्क करना जरूरी समझा। वे जब पीजीआई पहुंचे तो कर्मचारियों ने उन्हें पीजीआई के सिक्योरिटी आफिसरों से मिलवा दिया। तब जाकर इस मामले का भंडाफोड़ हुआ। पीजीआई की ओर से दावा किया गया है कि उनकी ओर से एमआरटी की कोई पोस्ट नहीं निकाली गई है। न ही ऐसे फोन किए जा सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे पर न आए। नौकरी के काल्स या विज्ञापन आने पर पीजीआई से जरूर संपर्क करें।
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कोलकाता के पते पर रजिस्टर्ड है मोबाइल नंबर

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चंडीगढ़ का पीजीआई अस्पताल
पीड़ित लोगों ने बताया कि जब उन्होंने मोबाइल नंबर 08017816136 पर कॉल किया तो उन्हें बताया गया कि वे पीजीआई के रिक्रूटमेंट सेल से बोल रहे हैं। नौकरी के साथ खाने और रहने का भी इंतजाम होगा।

लेकिन पहले एकाउंट पर नौ हजार रुपये जमा कराने होंगे। पीड़ितों की ओर से जो नंबर मिला है, उसकी जांच पर पता चला कि वह नंबर कोलकाता के पते पर रजिस्टर्ड है। इस नंबर पर देर रात तक कई बार काल्स की गई, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला।

पिछले दो साल से बढ़ा फर्जीवाड़ा
पिछले दो साल से पीजीआई में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा का चलन बढ़ा है। करीब दो साल पहले चंडीगढ़ पुलिस की साइबर टीम ने एक ऐसे ही फर्जीवाड़ा का खुलासा किया था। इसमें दिल्ली और चंडीगढ़ से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जांच में कोई भी लोकल लिंक नहीं मिला।

दो महीने पहले भी इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया था। उस दौरान पीजीआई ने एक नोट जारी कर शहरवासियों को आगाह किया था कि वे फर्जी काल्स और फर्जी विज्ञापन से आगाह रहे। इस बारे में पीजीआई की ओर से पुलिस को शिकायत भी दी गई थी।

लोगों से पहले भी अपील की गई थी कि वे इस प्रकार के झांसे में न आए। अखबार में विज्ञापन या  काल्स आने पर लोग पीजीआई से वैरिफाई करें। पीजीआई की ओर से कभी इस तरह की काल्स नहीं की जाती।
मंजू वडवालकर, प्रवक्ता पीजीआई
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