पुलिसवालों को भी नहीं बख्शा: हरियाणा में जेल वार्डर करता था चोरी, आठ जिलों की पुलिस लाइन को बनाया निशाना
निमका जेल के एक वार्डर ने हरियाणा के आठ जिलों की पुलिस लाइन को अपना निशान बनाया। प्रोडक्शन वारंट पर लाई सोनीपत पुलिस ने आरोपी से गहन पूछताछ की। इस दौरान आरोपी ने गुरुग्राम, जींद, रोहतक, हिसार, करनाल, झज्जर समेत आठ जिलों में चोरी की वारदातों को कबूला है।
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फरीदाबाद जेल का वार्डर पुलिस लाइन के क्वार्टरों को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम देता था। आरोपी ने सोनीपत पुलिस लाइन में एएसआई व दो सिपाहियों के क्वार्टरों के ताले तोड़कर चोरी की वारदात कुबूली है। जांच अधिकारी बिजेंद्र सिंह का कहना है कि आरोपी अफीम का नशा करने और जुआ खेलने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम देता था। आरोपी को फरीदाबाद पुलिस लाइन में चोरी के आरोप में पकड़ा गया था।
सोनीपत पुलिस ने शक के आधार पर पूछताछ की तो उसने आठ जिलों की पुलिस लाइन में चोरी का खुलासा किया। अब पुलिस ने आरोपी जसविंद्र को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। वह सिरसा में मंडी डबवाली स्थित आमनगर कालोनी का रहने वाला है।
सोनीपत पुलिस लाइन में जनवरी में दो दिन के अंदर तीन क्वार्टर में चोरी की वारदात सामने आई थी। एएसआई कुलदीप सिंह के क्वार्टर से 50 हजार रुपये व लाखों के आभूषण चोरी हो गए थे। वह क्वार्टर पर ताला लगाकर भतीजे की शादी में गए थे।
उन्होंने 17 जनवरी को चोरी का केस दर्ज कराया था। वहीं उसके दो दिन बाद सिपाही दीपक के क्वार्टर से आभूषण व 35 हजार रुपये और सिपाही मंजू के क्वार्टर से नकदी व सोने की चेन चोरी होने का मुकदमा दर्ज किया गया था। पिछले दिनों पुलिस को पता लगा कि फरीदाबाद पुलिस लाइन में चोरी के आरोप में निमका जेल फरीदाबाद के वार्डर जसविंद्र को पकड़ा गया था। इस पर एसआई बिजेंद्र सिंह की टीम ने शक के आधार पर उससे पूछताछ की तो उसने सोनीपत में चोरी की वारदात कुबूल कर ली।
सोनीपत-फरीदाबाद सहित आठ पुलिस लाइन में कर चुका चोरी
पुलिस के अनुसार आरोपी सोनीपत व फरीदाबाद के साथ ही गुरुग्राम, जींद, रोहतक, हिसार, करनाल व झज्जर की पुलिस लाइन के क्वार्टर में चोरी कर चुका है।
दो-तीन दिन से बंद क्वार्टर मिलने पर बनाता था निशाना
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि सबसे सुरक्षित क्षेत्र माने जाने वाली पुलिस लाइन को जसविंद्र आसान लक्ष्य मानकर चोरी करता था। उस पर किसी को शक नहीं होता था। कोई उससे पूछ भी लेता तो स्टाफ का सदस्य कहकर निकल जाता था। वह चोरी के लिए दो-तीन दिन लगातार रेकी करता था। जब वह देखता कि पुलिस लाइन का कोई क्वार्टर दो-तीन दिन से बंद मिल रहा है तो वह उसी को निशाना बनाता था।