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लड़की फोन कर मीठी बातों में फंसाती थी, फिर वो सच आया सामने, चकरा गया युवक
ब्यूरो/अमर उजाला, नरवाना(हरियाणा)
Updated Tue, 16 Jan 2018 12:23 PM IST
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लड़की फोन करके मीठी बातों में फंसाती थी, फिर एक दिन वो सच सामने आया कि युवक चकरा गया। उसने सोचा भी नहीं था कि कोई लड़की ऐसा कर सकती है। ये था धोखा, रेप केस और ब्लैकमेलिंग का 'गंदा खेल'। हरियाणा के नरवाना में झूठा दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाकर बाद में रुपये लेकर बयान बदलने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
बयान बदलने की एवज में पैसे लेने वाले एक युवक को पुलिस ने मौके से ही काबू कर लिया व आरोप लगाने वाली एक महिला व उसके साथी को पुलिस ने जीरकपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दो लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं, जो पुलिस ने ही पीड़ित को दिए थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने एक अन्य मामले में भी रुपये लेकर बयान बदलना स्वीकार किया है। पुलिस ने इस मामले के मास्टरमाइंड युवक को अदालत से एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
नरवाना के थाना गढ़ी में लौन गांव निवासी अनिल ने शिकायत देते हुए कहा था कि उसके गांव का ही वीरेंद्र सरपंची के चुनाव के बाद से उनसे रंजिश रखे हुए है। इसी रंजिश के चलते वीरेंद्र ने उसके भाई संजीव का मोबाइल नंबर पंजाब के जीरकपुर निवासी दीपिका को दे दिया। दीपिका ने बार-बार संजीव के मोबाइल पर फोन किए और बाद में वीरेंद्र के साथ मिलकर संजीव के खिलाफ झूठा दुष्कर्म का मामला दर्ज करवा दिया। इसके बाद वीरेंद्र ने संजीव व अनिल से संपर्क साधा और इस मामले में दुष्कर्म का मामला रद करवाने की बात कही।
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बयान बदलने की एवज में पैसे लेने वाले एक युवक को पुलिस ने मौके से ही काबू कर लिया व आरोप लगाने वाली एक महिला व उसके साथी को पुलिस ने जीरकपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दो लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं, जो पुलिस ने ही पीड़ित को दिए थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने एक अन्य मामले में भी रुपये लेकर बयान बदलना स्वीकार किया है। पुलिस ने इस मामले के मास्टरमाइंड युवक को अदालत से एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
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नरवाना के थाना गढ़ी में लौन गांव निवासी अनिल ने शिकायत देते हुए कहा था कि उसके गांव का ही वीरेंद्र सरपंची के चुनाव के बाद से उनसे रंजिश रखे हुए है। इसी रंजिश के चलते वीरेंद्र ने उसके भाई संजीव का मोबाइल नंबर पंजाब के जीरकपुर निवासी दीपिका को दे दिया। दीपिका ने बार-बार संजीव के मोबाइल पर फोन किए और बाद में वीरेंद्र के साथ मिलकर संजीव के खिलाफ झूठा दुष्कर्म का मामला दर्ज करवा दिया। इसके बाद वीरेंद्र ने संजीव व अनिल से संपर्क साधा और इस मामले में दुष्कर्म का मामला रद करवाने की बात कही।
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30 लाख मांगे और 12 में सौदा तय हुआ
money
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
अनिल ने बताया कि पहले तो उसने 30 लाख रुपये की मांग की लेकिन बाद में 12 लाख रुपये में सौदा तय हो गया। इसके बाद अनिल ने सारी बात थाना प्रभारी संदीप कुमार को बताई। थाना प्रभारी ने डीएसपी जोगेंद्र कुमार के संज्ञान में मामला डाला।
डीएसपी ने आरोपी को पकड़ने के लिए योजना बनाई। उन्होंने अनिल को दो-दो हजार रुपये के 100 नोट देकर वीरेंद्र को देने के लिए भेजा व पुलिस टीम को भी अलर्ट कर दिया। जैसे ही अनिल ने वीरेंद्र को दो लाख रुपये दिए, संकेत मिलते ही पुलिस टीम ने वीरेंद्र को काबू कर लिया व उससे दो लाख रुपये की राशि बरामद कर ली।
पुलिस ने जब वीरेंद्र पर सख्ती दिखाई तो उसने पूरा मामला उगल दिया। वीरेंद्र की सूचना पर ही पुलिस ने पंजाब के मोगा निवासी जसकरण व जीरकपुर के बलटाना निवासी दीपिका को जीरकपुर की गुरुनानक कॉलोनी से काबू कर लिया।
डीएसपी ने आरोपी को पकड़ने के लिए योजना बनाई। उन्होंने अनिल को दो-दो हजार रुपये के 100 नोट देकर वीरेंद्र को देने के लिए भेजा व पुलिस टीम को भी अलर्ट कर दिया। जैसे ही अनिल ने वीरेंद्र को दो लाख रुपये दिए, संकेत मिलते ही पुलिस टीम ने वीरेंद्र को काबू कर लिया व उससे दो लाख रुपये की राशि बरामद कर ली।
पुलिस ने जब वीरेंद्र पर सख्ती दिखाई तो उसने पूरा मामला उगल दिया। वीरेंद्र की सूचना पर ही पुलिस ने पंजाब के मोगा निवासी जसकरण व जीरकपुर के बलटाना निवासी दीपिका को जीरकपुर की गुरुनानक कॉलोनी से काबू कर लिया।
युवकों को फंसाकर ऐंठते थे रुपये
Oval Money App
जीरकपुर निवासी दीपिका को वीरेंद्र ने संजीव को फंसाने से पहले सदर थाना के अंतर्गत एक गांव के युवक राकेश का मोबाइल नंबर दिया था। इसके बाद दीपिका ने 25 अक्तूबर से 15 नवंबर तक व्हाट्स ऐप कॉल के माध्यम से राकेश से बात की लेकिन राकेश दीपिका की बातों को समझ गया और वह उसके चंगुल से बाहर निकल गया। इसके बाद बाद वीरेंद्र ने संजीव का नंबर दे दिया और संजीव दीपिका की मीठी बातों में उलझ गया।
पहले भी वीरेंद्र ऐंठ चुका है पैसे
वीरेंद्र संजीव को फंसाने से पहले उसके ही गांव के एक एएसआई गुरमेल सिंह से किसी केस में बाहर निकालने के लिए रुपये ऐंठ चुका है और शपथ-पत्र देकर वह केस रद करवा चुका है। इससे साफ जाहिर है कि वीरेंद्र सीधे-साधे युवकों को अपने जाल में फंसाकर रुपये ऐंठन का काम करता था।
मामले की जांच जारी
डीएसपी जोगेंद्र कुमार ने कहा कि इस मामले में आरोप लगाने वाली महिला व दो अन्य को गिरफ्तार किया गया है। अभी पूछताछ जारी है ताकि इनसे और जानकारी हासिल की जा सके।
पहले भी वीरेंद्र ऐंठ चुका है पैसे
वीरेंद्र संजीव को फंसाने से पहले उसके ही गांव के एक एएसआई गुरमेल सिंह से किसी केस में बाहर निकालने के लिए रुपये ऐंठ चुका है और शपथ-पत्र देकर वह केस रद करवा चुका है। इससे साफ जाहिर है कि वीरेंद्र सीधे-साधे युवकों को अपने जाल में फंसाकर रुपये ऐंठन का काम करता था।
मामले की जांच जारी
डीएसपी जोगेंद्र कुमार ने कहा कि इस मामले में आरोप लगाने वाली महिला व दो अन्य को गिरफ्तार किया गया है। अभी पूछताछ जारी है ताकि इनसे और जानकारी हासिल की जा सके।