खौफनाक वारदात: बहन ने दूसरी जाति में की शादी तो भाई ने रची बड़ी साजिश, पीजीआई में लगवा दिया जहरीला इंजेक्शन
एसएसपी ने कहा है कि पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि हरमीत को कौन सा इंजेक्शन दिया गया है। आरोपियों से पूछताछ और पीजीआई की जांच में इसका खुलासा होगा। पुलिस ने मामले की शुरुआत में गैर-इरादतन हत्या के प्रयास की धारा में मामला दर्ज किया था।
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चंडीगढ़ पीजीआई के नेहरू अस्पताल में स्टाफकर्मी बनकर महिला मरीज को जहरीला इंजेक्शन लगाने के मामले की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने आरोपी महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। वारदात को अंजाम देने वाली महिला की पहचान संगरूर निवासी जसप्रीत कौर (20) के रूप में हुई है। खास बात यह है कि उसने महज तीन हजार रुपये के लालच में पीजीआई की सुरक्षा व्यवस्था को तोड़कर वारदात को अंजाम दिया। इस काम के लिए उसे महिला मरीज हरमीत कौर के सगे भाई जसमीत सिंह ने राजी किया था।
पुलिस ने राजपुरा निवासी जसमीत सिंह (23) को भी गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दो अन्य आरोपियों में जहरीला इंजेक्शन मुहैया करवाने वाला राजपुरा निवासी बूटा सिंह (38) और पटियाला निवासी 25 वर्षीय मंदीप सिंह शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि जसमीत सिंह अपनी बहन हरमीत कौर और गुरविंदर की बीते वर्ष सितंबर में हुए अंतरजातीय विवाह से गुस्से में था। वह लगातार गुरविंदर और अपनी बहन को धमकी दे रहा था।
एसएसपी कंवरदीप कौर ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता कर बताया कि पीजीआई स्टाफ बनकर महिला मरीज को इंजेक्शन लगाने वाली आरोपी जसप्रीत कौर पटियाला में पेशेंट केयर/हेल्पर के रूप में काम करती है। ऐसे में उसे इंजेक्शन लगाने की पूरी जानकारी थी। वारदात को अंजाम देने से पहले उसने पीजीआई में भर्ती मरीज हरमीत कौर की रेकी की और बाद में वारदात को अंजाम दिया।
एसएसपी ने बताया कि जसप्रीत को पुलिस ने संगरूर से गिरफ्तार किया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पटियाला जिले से की गई। जसप्रीत कौर को अदालत में पेश कर दो दिन के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अन्य आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। सेक्टर-11 थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाकर आरोपियों को पकड़ा गया। टीम में पीजीआई चौकी प्रभारी भी शामिल थे।
बड़े अस्पताल से किया जहरीले इंजेक्शन का जुगाड़
आरोपी बूटा सिंह ड्राइवर और मंदीप सिंह पेशेंट केयर/हेल्पर है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इन दोनों ने पटियाला के एक बड़े अस्पताल में अपने जानकारों के जरिए जहरीले इंजेक्शन का प्रबंध किया। दोनों जसमीत सिंह के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। जहरीला इंजेक्शन लगने के बाद हरमीत कौर की तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें पीजीआई के आईसीयू वार्ड में वेंटिलेटर पर रखा गया है। उनका लगातार डायलिसिस किया जा रहा है।
एसएसपी ने कहा है कि पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि हरमीत को कौन सा इंजेक्शन दिया गया है। आरोपियों से पूछताछ और पीजीआई की जांच में इसका खुलासा होगा। पुलिस ने मामले की शुरुआत में गैर-इरादतन हत्या के प्रयास की धारा में मामला दर्ज किया था लेकिन अब अन्य आपराधिक धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।
ये है मामला
हरमीत कौर ने बीते चार नवंबर को बेटे को जन्म दिया था। डिलिवरी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव और किडनी में दिक्कत के चलते उन्हें छह नवंबर को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था। हालत में सुधार के बाद उन्हें 13 नवंबर को नेहरू अस्पताल के गायनी वार्ड में शिफ्ट किया गया। इसके बाद 15 नवंबर की रात 11:05 बजे एक महिला अस्पताल स्टाफ बनकर मरीज हरमीत कौर के पास आई और परिजनों से कहा कि उसे किडनी के डॉक्टर ने भेजा है। मरीज को इंजेक्शन लगाना है। इसके बाद महिला ने मरीज को इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद मरीज हरमीत कौर की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें आईसीयू वार्ड में शिफ्ट कर किया गया। इस बीच हरमीत की ननद ने आरोपी महिला की फोटो खींच ली थी, जिससे उसे पकड़ने में पुलिस को काफी मदद मिली। मामले में पति गुरविंदर ने हरमीत के मायके पक्ष पर शक जताया था।