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Hindi News ›   Chandigarh ›   Former student leader Lawrence Bishnoi and Monty Shah 2-2 years imprisonment

पूर्व छात्र नेता लारेंस बिश्नोई और मोंटी शाह को 2-2 साल कैद

Tue, 26 Jul 2016 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Updated Tue, 26 Jul 2016 12:20 AM IST
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Former student leader Lawrence Bishnoi and Monty Shah 2-2 years imprisonment
lawrence bishnoi
पूर्व छात्र नेता लारेंस बिश्नोई और बुड़ैल निवासी मोंटी शाह के खिलाफ सेक्टर-34 थाना पुलिस की ओर से दर्ज हत्या के प्रयास, दंगा करने और चोट पहुंचाने की आपराधिक धाराओं में दर्ज मामले में जिला अदालत ने दोनों को 2-2 साल कैद की सजा सुनाई है।
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अदालत ने दोनों को सजा केवल दंगा करने और चोट पहुंचाने की आपराधिक धाराओं में सुनाई है। दोनों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा साबित नहीं हो सकी। वहीं अदालत ने दोनों पर 4-4 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। 
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सेक्टर-34 थाना पुलिस ने रजत शर्मा की शिकायत पर 12 अगस्त 2012 को लारेंस और मोंटी के खिलाफ केस दर्ज किया था। बता दें कि हमले में घायल होने वाला रजत शर्मा खुद मोहाली में एक वकील की हत्या के मामले में आरोपी है। मामले में शिकायतकर्ता रजत का भाई अंकुश था।
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पुलिस को दी शिकायत में उसने कहा था कि 11 अगस्त 2012 की रात करीब साढ़े 10 बजे वह और रजत सेक्टर-45 स्थित दुकान बंद कर पार्किंग में खड़ी कार की ओर जा रहे थे। रजत आगे चल रहा था और अंकुश उससे कुछ पीछे था।

इसी बीच एक गाड़ी में से 4-5 युवक उतरे और रजत पर हमला कर दिया। हमलावर स्लगर और डंडों से लैस थे। इनमें मोंटी शाह और लारेंस बिश्नोई के अलावा अन्य शामिल थे। अंकुश रजत को बचाने आया तो सभी आरोपी वहां से फरार हो गए। रजत और अंकुश के बयान के आधार पर पुलिस ने माेंटी शाह और लारेंस बिश्नोई के खिलाफ केस दर्ज किया था। 


 

कार जलाने और धमकाने के मामले में हो चुका है बरी 

Former student leader Lawrence Bishnoi and Monty Shah 2-2 years imprisonment
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कार जलाने और धमकाने के मामले में हो चुका है बरी 
वर्तमान में नाभा जेल से बंद स्टूडेंट लीडर लारेंस बिश्नोई फरवरी 2016 में कारें जलाने के मामले में बरी हो चुका है। उस पर घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप था। सेक्टर-11 थाने में उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया था। सेक्टर-11ए निवासी भूपिंदर सिंह मामले में शिकायतकर्ता थे। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार 12 अप्रैल 2010 की सुबह 4 बजे जब भूपिंदर सिंह पाठ कर रहे थे तो उन्हें बाहर गेट की आवाज आई। इस पर उनका बेटा करण सिंह भी जाग गया।

उन्होंने खिड़की से बाहर झांका तो गेट के पास 5 लड़के दिखाई दिए। वह गेट से अंदर दाखिल हो चुके थे। इसके बाद उन्होंने भूपिंदर और उनके परिवार को बाहर आने के लिए ललकारा और उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगे। आरोप के अनुसार इसके बाद पांचों युवकों ने जिनके हाथ में पेट्रोल की बोतलें थीं, एक-एक कर उनकी दोनों कारों पजेरो और एस्टीम पर डाल आग लगा दी। पीड़ितों ने शोर मचाया तो सभी आरोपी सफेद रंग की इंडेवर से फरार हो गए। 

पुलिस के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ सिर्फ चंडीगढ़ छात्र राजनीति और छात्र संघ के चुनावों के दौरान हिंसा के मामले ही दर्ज नहीं हैैं, बल्कि पंजाब में उसका नाम कई गैंगस्टरों के  साथ भी जुड़ता रहा है। 2011 में फिरोजपुर में एक फाइंनेंसर केसाथ हुई कार लूटने वाले चार लोगों के गैंग में भी उसका नाम सामने आया था। इसी तरह 2006 में सुखना झील के पास हुए डिंपी मर्डर केस के मुख्य आरोपी रॉकी को भी वह काफी करीब से जानता था। इसी तरह पंजाब पुलिस के वांटेड गैंगस्टर अमनदीप सिंह उर्फ हैप्पी दयोड़ा का भी वह करीबी था।

ट्रैक रिकार्ड
- फरवरी 2011 में डीएवी के स्टूडेंट पर हमला। सेक्टर-11 थाने में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। दोनों ही मामलों में जमानत जंप कर चुका है। 
- पुसू नेता प्रेसिडेंट गुरी बरार और हरप्रीत ग्रेवाल पर सेक्टर-40 में हमला कर चुका है। 
- .5 बोर पिस्टल और पांच कारतूस के साथ डीएवी कॉलेज से गिरफ्तार हो चुका है। 
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