Punjab: शेयर मार्केट में निवेश और बेटिंग एप से ठगी, लोगों को इतना लूटा... मशीनों से होती थी पैसों की गिनती
पंजाब की लुधियाना पुलिस ने ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपियों से 1.94 करोड़ की नकदी, 19 मोबाइल, लैपटॉप और नोट गिनने वाली मशीनें मिली हैं। आरोपियों ने एक कोठी को किराये पर लेकर दफ्तर खोल रखा था। शातिर निवेश के नाम पर लोगों को अपना शिकार बनाते थे।
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सॉफ्टवेयर के जरिये शेयर मार्केट में अवैध ट्रेडिंग करवाने और बेटिंग एप पर दड़ा-सट्टा लगवाकर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले पांच शातिरों को थाना डिवीजन आठ की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने इस धंधे को अंजाम देने के लिए एक कोठी किराये पर लेकर दफ्तर बना रखा था।
पुलिस को मौके से 1.94 करोड़ रुपये, विभिन्न कंपनियों के 19 मोबाइल फोन, पांच लैपटॉप, एक कंप्यूटर सेट और दो नोट गिनने वालीं मशीनें बरामद की हैं। पुलिस ने गिरोह के किंगपिन कुशल कुमार, संदीप सेठी, ओंकार उर्फ हनी, दिनेश कुमार और विवेक कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।
जॉइंट पुलिस कमिश्नर सौम्या मिश्रा ने बताया कि उनकी टीम को सूचना मिली कि आरोपी कुशल कुमार, संदीप सेठी और ओंकार हनी तीनों ही लोगों को शेयर मार्केट में अवैध ट्रेडिंग करवाने का धंधा करते हैं। आरोपियों के पास अलग-अलग कंपनियों के सॉफ्टवेयर भी हैं। इनके जरिये गोरखधंधा चला रहे हैं। साथ ही साथ बेटिंग एप पर दड़ा सट्टा लगवा रहे हैं।
आरोपियों ने जो कोठी किराये पर लेकर दफ्तर बनाया था, उसी में ही मोबाइल, लैपटॉप के जरिये सॉफ्टवेयर की मदद से ग्राहकों को ट्रेडिंग करवाते थे। अगर तो किसी ग्राहक को मुनाफा हो तो उसे कुछ पैसे दे देते थे अगर किसी ग्राहक को घाटा हो जाता तो सारे पैसे ही खुद हड़प लेते।
आरोपी इतने बड़े स्तर पर ठगी करते थे कि उन्होंने नोट गिनने के लिए मशीनें रखनी पड़ी। जब पुलिस को इस बात की सूचना मिली तो पुलिस ने जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने ओंकार हनी को कोठी वाले दफ्तर से गिरफ्तार किया। उसके बाद कुशल कुमार और सेठी को फिरोज गांधी मार्केट से गिरफ्तार किया। आरोपियों से पूछताछ के बाद दिनेश कुमार और विवेक को नामजद कर उन्हें मिल्लरगंज स्थित उनके दफ्तर से गिरफ्तार किया, जहां दोनों काम करते थे।
शेयर मार्केट की कंपनियों की आईडी का इस्तेमाल
पूछताछ में पता चला कि शेयर मार्केट की कंपनियों की आईडी के माध्यम से लोगों को धोखे में रखकर बिना किसी लाइसेंस या रजिस्टर्ड नंबर के स्टॉक मार्केट में रुपये लगाते थे। इसके अलावा लोगों को बेटिंग एप के माध्यम से सट्टा लगवाने का काम करते हुए लोगों से मोटी रकम ऐंठकर धोखाधड़ी करते थे। जेसीपी सौम्या मिश्रा ने बताया कि आरोपियों के जाल में फंसने वाले लोगों में से अधिकतर 90 फीसदी लोगों को उनके रुपयों का नुकसान होने के बारे में बताकर रकम खुद हड़प लेते थे। इसके अलावा बेटिंग एप उपयोग करने वाले व्यक्ति को कुछ कमीशन देने का भी झांसा देते थे।