'मैं तो IAS बनना चाहता था, हत्यारा बन गया'
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मैं तो आईएएस बनना चाहता था, प्री-एग्जाम क्लीयर कर लिया था, लेकिन किस्मत ने ऐसा खेल खेला कि हत्यारा बन गया। यह कहना है बिट्टू मर्डर केस में करनाल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए अभियुक्त नीरज पूनिया का।
पुलिस पूछताछ में नीरज ने बताया कि उसका आईएएस का प्री-क्लीयर था। मगर इससे पहले कि वह मेन टेस्ट पास करता उसके कदम अपराध की दुनिया में पड़ गए। पूछताछ में नीरज ने कबूला कि उसके भाई के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की थी। उसका बदला लेने के लिए उसके हाथों से मर्डर हो गया।
नीरज ने बताया था कि विनोद काना के मर्डर केस में भी उसने उसे पनाह दी थी, जिसके कारण उसे जेल में भी जाना पड़ा था, वहीं से उसकी दोस्ती इस गैंग के सरगना पानू और अन्य लोगों से हो गई। मृतक बिट्टू पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल के पीए ललित शर्मा का भतीजा था।
नीरज के बताए ठिकानों पर नहीं मिला पानू
नीरज पूनिया को शनिवार को कोर्ट में पेश कर आइईजी स्टाफ ने वापस करनाल जेल भेज दिया है। दो दिन के रिमांड के दौरान पुलिस को बिट्टू मर्डर केस के मुख्य अभियुक्त विनोद पानू के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली।
नीरज के बताए ठिकानों पर दिल्ली सहित कई दूसरे शहरों में छापेमारी की, जहां पुलिस के पहुंचने से पहले ही पानू फरार हो गया। हालांकि हिसार पुलिस ने दावा किया है कि विनोद काना को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हर मर्डर केस में पानू देता साथ
बदमाश नीरज पूनिया ने अपने भाई का बदला लेने के लिए करनाल के विकास नगर निवासी अमित और उसके भाई की हत्या की थी। दोनों वारदात को अपने दोस्त विनोद पानू और अन्य के साथ मिलकर अंजाम दिया।
इसके अलावा विनोद पानू और धारा सिंह के कहने पर एक हिसार में और दूसरा डाकल में मर्डर किया था। करनाल में मर्डर की वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश नीरज पूनिया साथी पानू से अलग हो गया। उसके बाद से विनोद और नीरज के बीच कोई संपर्क नहीं हुआ।
मुख्य आरोपी के अलावा सभी गिरफ्तार
पुष्पा कांप्लेक्स में बिल्डर बिट्टू की हत्या में 13 बदमाश शामिल थे। इस गैंग का सरगना है विनोद काना। पुलिस इस मामले में बालसमंद के कृष्ण, दुर्जुनपुर के विकास उर्फ मोगली, लाडवा का विक्रम, भिड़ाना का अमरसिंह, खेड़ी जट्टू का धीरपाल, सिलौखरा का सोनू, दीनपुर का धारासिंह, माजरी का चिंटू उर्फ चोटी, नगरपुर का विकास, संभौली का सतेंद्र, करनाल का नीरज और दिनेश को गिरफ्तार कर चुकी है। काना अभी भी फरार है।
दिल्ली और एनसीआर में रहते हैं
एसटीएफ के इंचार्ज जीत बैनीवाल ने बताया कि नीरज पूनिया बदमाश विनोद पानू उर्फ काना के गैंग का है। वारदात से पहले ये दिल्ली या फिर एनसीआर इलाके में मुलाकात करते और उसके बाद वारदात को अंजाम देते।
पुलिस को पूछताछ में नीरज ने बताया है कि उसका आईएएस प्री क्लीयर था। हालांकि उन्होंने कहा है कि पुलिस के पास फिलहाल उसके टेस्ट पास करने संबंधित रिकॉर्ड नहीं है।