कर्ज के जाल में फंसे पंजाब के 4 और किसानों ने जिंदगी से मानी हार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्ज के जाल ने पंजाब के 4 और किसानों की जान ले ली। मानसा और पटियाला में 3 किसानों ने निगला जहर वहीं फिरोजपुर में एक किसान नहर में कूदा। मानसा में किसानों की खुदकुशी करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कर्ज में डूबे गांव टाहलिया और फत्ता मालोका के दो किसानों ने जहरीला पदार्थ निगल कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। दोनों ही किसानों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव टाहलिया के नौजवान किसान गुरतेज सिंह(35) पुत्र जसवीर सिंह और गांव फत्ता मालोका के लाभ सिंह(40) पुत्र राम सिंह ने जहरीली चीज निगल ली।
इस से पहले वर्ष 2016 में 20 के करीब जिले के किसान कर्ज से परेशान होकर खुदकुशी कर चुके हैं, जबकि प्रशासन की ओर से खुदकुशी करने वाले किसान की संख्या 17 बताई जा रही है। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा के नेता इकबाल सिंह ने बताया कि मृतक किसान गुरतेज सिंह अपने पीछे माता पिता और विधवा को छोड़ गया है। उन्होंने बताया कि इस किसान के पास घर की 14 कनाल जमीन थी और बाकी जमीन ठेके पर लेकर खेती करता था।
उसने पिछले वर्ष नरमे की फसल बीजी थी जो सफेद मक्खी ने बरबाद कर दी। इस किसान को सरकार द्वारा एलान किया गया मुआवजा नहीं मिला। पिछले कई दिनों से परेशान चला आ रहा था। इस किसान ने 4 लाख के करीब बैंक और आढ़ती का कर्ज देना था, जिससे परेशान होकर किसान गुरतेज सिंह ने अपने घर में कीटनाशक दवा पीकर खुदकुशी कर ली। मृतक किसान गुरतेज सिंह की लाश को वीरवार की सुबह मानसा के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करने के बाद वारिसों के हवाले कर दिया।
इसी प्रकार झुनीर के गांव फत्ता मालोका के किसान लाभ सिंह (40) पुत्र राम सिंह ने बुधवार की शाम अपने खेत में जाकर जहरीला पदार्थ निगल लिया, इससे उसकी मौत हो गई। मृतक किसान लाभ सिंह के मामे के लड़के मक्खन सिंह ने बताया कि लाभ सिंह की फसल खराब हो गई थी। लड़की का विवाह करने के बाद उसने अपने पुत्र को बाहर भेजने के लिए एक एजेंट को 50 हजार रुपये दिए।
उसके सिर आढ़ती का 4 लाख 50 हजार रुपये, बैंक का 2 लाख 50 हजार रुपये का कर्ज था जिस कारण उसने स्प्रे पी ली। किसान नेताओं ने उक्त किसान के पारिवारिक सदस्यों के लिए सरकारी नौकरी और कर्ज से माफी की मांग की है।
राजस्थान फीडर नहर में किसान ने लगाई छलांग
फिरोजपुर में तीस लाख रुपये के कर्ज से परेशान एक किसान ने राजस्थान फीडर नहर में छलांग लगा दी। गोताखोर किसान के शव की तलाश में जुटे हैं, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि किसान की बाइक व पगड़ी नहर के पास पड़ी मिली है।
उधर, डीएसपी सतनाम सिंह का कहना है कि नहर से किसान सुरजीत सिंह का शव नहीं मिला है। गोताखोर नहर में किसान का शव तलाशने में जुटे हैं। जब तक किसान का शव नहीं मिल जाता तब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती है। किसान सुरजीत सिंह के बेटे गुरजीत सिंह ने बताया कि उसके पिता पिछले तीन दिन से लापता थे। उनकी तलाश की जा रही थी। राजस्थान फीडर नहर के पास से बाइक और पगड़ी बरामद हुई। आशंका जाहिर की जा रही है कि सुरजीत ने नहर में छलांग लगा दी है। वीरवार गोताखोरों को नहर में से सुरजीत का कोई सुराग नहीं मिला है।
गुरजीत ने बताया कि भाई बलजिंदर सिंह और बलजिंदर की पत्नी की बीमारी के लिए उसके पिता ने तीस लाख रुपये का कर्ज लिया था। उनके पास साढ़े चार एकड़ जमीन है। कर्ज उतारने में असमर्थ थे। पैसे लेने वाले घर के चक्कर काट रहे थे। जिस कारण उनका पिता सुरजीत परेशान रहता था। पिछले तीन दिनों से उसका पिता घर से लापता था।
पटियाला में सल्फास खाकर किसान ने जान दी: पटियाला के देवीगढ़ कस्बे के गांव खेड़ी रनवां के किसान ने कर्ज से तंग आकर सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली।जानकारी के मुताबिक थाना जुल्कां के अधीन पड़ते गांव खेड़ी रनवां के किसान अमरजीत सिंह (45) पुत्र बलबीर सिंह ने विभिन्न बैंकों का 25 लाख से अधिक लोन देना था। लेकिन पिछले समय दौरान फसली चक्र में किसानों को घाटा होने की वजह से वह बैंकों का कर्ज नहीं दे सका।
बैंकों की ओर से बार-बार भेजे जा रहे नोटिस की वजह से मानसिक तौर पर परेशान होकर शाम 6 बजे उसने घर में रखी सल्फास की गोलियां निगल ली। इलाज के दौरान पटियाला के सरकारी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। किसान के लड़के गुरसेवक सिंह ने पुलिस को बताया कि उसके पिता ने बैंकों के कर्ज कारण दवाई पी है। उसके बयान के आधार पर पुलिस मामले की कार्रवाई में जुट गई है।