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चंडीगढ़ की मॉडर्न जेल में कैदियों की मौज: आसानी से पहुंच रहा नशा और मोबाइल; इसके पीछे कौन? महिलाएं भी कम नहीं

Wed, 02 Apr 2025 03:41 PM IST
अंकेश ठाकुर संदीप खत्री, चंडीगढ़
संदीप खत्री, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Wed, 02 Apr 2025 03:41 PM IST
सार

चंडीगढ़ की मॉर्डन जेल बुड़ैल में कैदियों और बंदियों की मौज हो रही है। क्योंकि इनके पास आसानी से नशा और मोबाइल पहुंच रहा है। ऐसे कई वीडियो भी वायरल हो चुके हैं, जिनमें कैदी नशा और मोबाइल का इस्तेमाल करते मिले हैं। 

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Drugs and mobile phones easily available to prisoners in Chandigarh Modern Jail Burail
jail - फोटो : Freepik

विस्तार

चंडीगढ़ के सेक्टर 45 स्थित मॉडर्न जेल बुड़ैल में बंद कैदियों तक आसानी से नशा और मोबाइल पहुंच रहे हैं। ऐसे में जेल प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। क्योंकि कैदी गुप्तांग में छिपाकर ड्रग्स, मोबाइल, तंबाकू और लूज टैबलेट्स ले जा रहे हैं। जेल में बंद कैदियों और बंदियों तक नशीला पदार्थ और मोबाइल पहुंचाने में जेल के कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आ चुकी है। ऐसे कई वीडियो वायरल भी हो चुके हैं। 

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ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ जेल प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से डिसमिस करने के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई भी की थी। जेल कर्मचारी गिरफ्तार भी हो चुके हैं। सूत्रों ने बताया कि जेल में बिल्कुल छोटे मोबाइल जिनका साइज आधी अंगुली के बराबर होता है, उन मोबाइल को कैदी गुप्तांग में डालकर अंदर ले जा रहे हैं। बीड़ी के बंडल, लूज टैबलेट्स, तंबाकू और ड्रग्स को लिफाफे में डालकर गुप्तांग में छिपाकर जेल में ले जाते हैं। एक कैदी के गुदे में जर्दे का पाउच फंस गया था, जिसे डॉक्टरों ने निकाला था। सूत्रों ने बताया कि कैदी जेल में जुगाड़ कर बल्ब, पंखे व तारों के सर्किट को चार्जिंग पॉइंट बनाकर मोबाइल चार्ज करते हैं।

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चेकिंग पर सीआरपीएफ के जवान तैनात
इस मामले में जेल के कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आ चुकी है, जिन्हें जेल प्रशासन की शिकायत पर गिरफ्तार किया जा चुका है। इसे देखते हुए जेल अधिकारियों ने चेकिंग पर सीआरपीएफ के जवान तैनात कर दिए हैं। इससे पहले जेल के ही कर्मचारी कैदियों की चेकिंग करते थे।

तीन महिलाओं से पकड़ी गई अफीम, जर्दा, मोबाइल और चार्जर
जेल में दो साल में तीन महिलाओं समेत 17 बंदियों से नशीला पदार्थ और मोबाइल बरामद हो चुके हैं। महिला बंदी पूजा महाजन दो बार पकड़ी जा चुकी है। 9 मई, 2023 को पूजा से जर्दा और अन्य सामान बरामद हुआ। 12 अक्तूबर, 2023 को पूजा फिर पकड़ी गई और उससे एक मोबाइल और चार्जर बरामद हुआ। 6 दिसंबर, 2023 को एक अन्य महिला कैदी से मोबाइल और चार्जर बरामद हुआ। 20 अप्रैल, 2024 को एक अन्य महिला के कपड़ों से अफीम बरामद हुई।

कब-कब मिले मोबाइल और नशीले पदार्थ

  • 18 मार्च, 2023 को विक्रम उर्फ दुबई से चरस, गांजा और हेरोइन बरामद हुई।
  • 15 जुलाई, 2023 को सोनू से बैरक नंबर 10 में चरस, हेरोइन और लूज टैबलेट्स मिलीं।
  • 10 अगस्त, 2023 को कैदी सुल्खन सिंह से लूज टैबलेट्स, कैदी शिवा ठाकुर से मोबाइल और बैटरी, कैदी जसविंदर सिंह से मोबाइल और मोनू से मोबाइल मिला।
  • 16 अगस्त को कैदी अभिषेक से लूज टैबलेस्ट, मोबाइल और बैटरी बरामद हुई।
  • 16 अगस्त को कैदी शुभम अरोड़ा से मोबाइल और बैटरी बरामद हुई।
  • 18 अगस्त को कैदी गुरजिंदर सिंह उर्फ नीटा से लूज टैबलेट्स बरामद हुईं।
  • 23 अगस्त, 2023 को सीआरपीएफ के जवान जेल में गश्त कर रहे थे। उस दौरान जवानों को जेल की दीवार के पास एक मोबाइल बरामद हुआ।
  • 7 सितंबर को कैदी रजत तिवारी से मोबाइल और सिम कार्ड बरामद हुआ।
  • 26 सितंबर को अजित सिंह से चरस बरामद हुई।
  • 5 अक्तूबर, 2023 को काला उर्फ सागर से जर्दे के तीन पैकेट बरामद हुए।
  • 12 नवंबर, 2023 कैदी अश्वनी कुमार उर्फ कालू से एक मोबाइल और सिम कार्ड बरामद हुआ।
  • 17 दिसंबर, 2023 को दीपक उर्फ रंगा से एक मोबाइल बरामद हुआ।
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एक कैदी के गुदे में फंसा जर्दे का पाउच, डॉक्टरों ने निकाला
एक कैदी को पेशी के लिए भेजा गया था। अदालत से वापस जेल पहुंचने के बाद जेल के वार्डर अन्य बंदियों की तलाशी ले रहे थे। वार्डर ने देखा कि वह बेचैनी महसूस कर रहा है। उससे समस्या के बारे में पूछा गया। उसने बताया कि अदालत में पेशी पर आए सोनू बकरीवाला और आशिक अंसारी ने उसे बख्शीखाना (कोर्ट के लॉकअप रूम) में पीटा और शौचालय में उसके गुदे में बीड़ी के 3 बंडल और दो पाउच जर्दा डाल दिया। जब जेल कर्मचारियों ने कैदी की तलाशी ली तो बीड़ी के तीन बंडल और जर्दे का एक पाउच बाहर निकाल लिया, जबकि एक पाउच अंदर ही फंस गया। कैदी को तुरंत सेक्टर-32 अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उपचार के बाद जर्दे के पाउच को बाहर निकाला था। जेल प्रशासन ने चंडीगढ़ एसएसपी और डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज को रिपोर्ट भी बनाकर भेजी थी, क्योंकि कैदियों को पेशी पर ले जाने और अदालत में हवालाती की जिम्मेदारी पुलिस की होती है।

जेल के बाहर से बॉल बनाकर फेंका गया था ड्रग्स और मोबाइल
2 सितंबर, 2022 को 12 नंबर सेल की छत पर बॉल बनाकर मोबाइल और ड्रग्स फेंका गया था। जेल प्रशासन ने परमजीत, अतुल और कुलदीप के कब्जे से चार मोबाइल फोन, 2.87 ग्राम चरस, 15.87 ग्राम गांजा और 1.84 ग्राम अफीम बरामद की थी। अभी तक पुलिस यह नहीं पता लगा पाई कि ड्रग्स और मोबाइल जेल में किसने फेंके थे।

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