चंडीगढ़ में अनोखी तस्करी: स्टील के डिब्बे में ऊपर घी और नीचे हेरोइन रखकर होती थी तस्करी, गोंडा का युवक काबू
दो दिन पहले पकड़े गए आरोपी अमित शर्मा की निशानदेही पर इंस्पेक्टर नरेंद्र पटियाल की टीम को पता चला कि उसका साथी अजय रायपुरखुर्द में किराये पर रहता है। वह स्टील के डिब्बे और क्रीम की डिब्बी में हेरोइन लोगों तक पहुंचाता है।
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नशा सप्लाई करने वालों ने तस्करी का नया उपाय निकाला है। घी के डिब्बे और ब्रांडेड कंपनी की डिब्बी में क्रीम के नीचे पुलिस को हेरोइन मिली है। पुलिस ने इस मामले में रायपुरखुर्द से एक आरोपी को सवा किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा निवासी अजय कुमार (24) के रूप में हुई है। अजय रायपुरखुर्द में कमरा किराये पर लेकर रहता है। पुलिस ने आरोपी को जिला अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया है। पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि आरोपी हिमाचल प्रदेश और पाकिस्तान से सटे पंजाब के क्षेत्रों में भी नशा सप्लाई करता था।
एसएसपी कुल्दीप चहल ने बताया कि दो दिन पहले पकड़े गए आरोपी अमित शर्मा की निशानदेही पर इंस्पेक्टर नरेंद्र पटियाल की टीम को पता चला कि उसका साथी अजय रायपुरखुर्द में किराये पर रहता है। वह स्टील के डिब्बे और क्रीम की डिब्बी में हेरोइन लोगों तक पहुंचाता है। स्टील के डिब्बे में लगभग 200 ग्राम और क्रीम की डिब्बी में 35 से 55 ग्राम हेरोइन आती है। इसके एवज में अमित अपने साथी अजय को प्रतिदिन के पांच हजार रुपये भी देता है। पुलिस ने अजय से पहले 255 ग्राम हेरोइन और उसकी निशानदेही पर अलमारी में रखी 1 किलो हेरोइन बरामद की। अजय की अभी शादी नहीं हुई है। पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि आरोपी हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी करते हैं। पुलिस ने अभी तक कुल सवा तीन किलो हेरोइन पकड़ी है। जो चंडीगढ़ के इतिहास में सबसे ज्यादा है।
गांव में सरपंच से भी बड़ा बना है मकान
आरोपी अमित शर्मा की संपत्ति का ब्योरा लेने पुलिस सहारनपुर उसके गांव में पहुंची। वहां उसका आलीशान घर देख सभी अचंभित रह गए। पुलिस के अनुसार गांव के सरपंच से भी ज्यादा शानदार आरोपी का घर है। घर में लकड़ी के काम से लेकर सोलर पैनल तक लगाया गया है। इसकी लागत ही करोड़ों रुपये की होगी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने जीरकपुर में फ्लैट, दुकान और अन्य संपत्ति नशा बेचकर बनाई है। इसे जब्त करने के लिए संबंधित राज्य की पुलिस को पत्र लिखेंगे।
अमित पर 15 केसों में से 4 चंडीगढ़ में दर्ज
आरोपी अमित पर कुल 15 केस दर्ज हैं। जिसमें 4 एनडीपीएस के केस हैं। चंडीगढ़ में आरोपी के खिलाफ सेक्टर-34 में 2 और 31 में एक केस दर्ज है। यह आरोपी पर चौथा केस है। अजय और अमित अंबाला स्टेशन पर साथ में रेहड़ी लगाते थे। पिछले 3 सालों में अमित नशे के क्षेत्र में सक्रिय हुआ। पिछले 9 माह से अजय उसके संपर्क में आया और फिर उसका साथ देने लगा।
नशा देने वाले देते थे सिम और मोबाइल
आरोपियों के पास से पुलिस को 6 मोबाइल मिले हैं। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी जहां से नशा लेकर आते थे वहीं से सिम और मोबाइल मिलता था। एक सिम को लगभग 20 दिन उपयोग करते थे उसके बाद तोड़ देते थे। इनका गैंग भी इतना सक्रिय था कि ग्राहक और विक्रेता के बीच मैसेज की भाषा को भी अच्छे से समझते थे। ताकि कोई ओर व्यक्ति मैसेज करके किसी को फंसा न सके। एसएसपी ने बताया कि नशा तस्करी करने वालों का स्कूल और कॉलेज सबसे पहला निशाना होते हैं। क्यों कि 15 से 20 साल के युवाओं को अपने जाल में फंसाना इनके लिए आसान काम होता है।