...जब नशा तस्कर को बगैर हथकड़ी कोर्ट ले जाना पड़ा भारी
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पेशी के लिए नशा तस्कर को बिना हथकड़ी के ले जाना पुलिस को महंगा पड़ गया। आरोपी चकमा देकर फरार हो गया। तीन अन्य युवक गाड़ी में आए और नशा तस्कर को लेकर भाग गए। पुलिस देखती रह गई। आरोपी जिस जगह से फरार हुआ, वहां से महज 50-60 मीटर की दूरी पर चंडीगढ़-पंचकूला की सीमा पर पुलिस का नाका लगा होता है।
पुलिस का कहना है कि हमने एक थ्योरी बनाई थी, ताकि आरोपी जितेंद्र को दबोचा जा सके। लेकिन हमारी यह थ्योरी फेल हो गई और पकड़ में आया आरोपी फरार हो गया। पुलिस कहती है कि जितेंद्र को पकड़ने के लिए हम प्राइवेट कार में गए थे और सिविल वर्दी में थे। ओमप्रकाश के हाथों में हथकड़ी भी इसलिए नहीं लगाई थी।
एक दिन पहले हुई थी आरोपी ओमप्रकाश की गिरफ्तारी
मंगलवार को एक बोरी में प्रतिबंधित दवाएं भरकर साइकिल पर लेकर जाते हुए चंडीगढ़ के सेक्टर-56 निवासी ओमप्रकाश को गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से पुलिस ने ढाई लाख रुपये की दवाओं के साथ 1.58 लाख रुपये नकदी बरामद किए थे।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया का रहने वाला आरोपी ओमप्रकाश से की गई थी। असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर नरेंद्र आहूजा विवेक ने बताया कि आरोपी के कब्जे से बरामद नारकोटिक्स ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक ड्रग्स के अलावा गर्भपात में इस्तेमाल होने वाले किट भी बरामद किए गए थे।
पुलिस नहीं थी तैयार
जिस सप्लायर को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस सादी वर्दी, बगैर हथकड़ी और निजी वाहन में गई थी, उसके बाद भी आरोपी को छुड़ाकर भगाने में अपराधी कैसे कामयाब हुए, यह सवाल बना हुआ है।
आरोपी को साथ लेकर जब लेकर उसके अन्य साथी फरार हुए तो पुलिस उनका पीछा कर उन्हें पकड़ने में भी पीछे कैसे रह गई। यह सवाल भी उठता है कि अगर इस कार्रवाई के दौरान पुलिस के पास हथियार थे तो उनका इस्तेमाल अपराधियों को रोकने के लिए क्यों नहीं किया गया।
तीन अन्य आरोपियों को लिया हिरासत में
पुलिस ने कार में सवार होकर आरोपी के फरार होने का प्लान तैयार करने वाले तीन अन्य आरोपियों को भी हिरासत में ले लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है और आरोपी से उनके क्या संबंध रहे हैं, इसकी भी छानबीन की जा रही है। अन्य आरोपियों की पहचान कमल, अजय और युद्धवीर के तौर पर हुई है।
फरार आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं और उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
-अनिल धवन, डीसीपी, पंचकूला