फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   decree of high court on abortion of rape victim

12 साल की रेप पीड़िता के गर्भपात पर हाईकोर्ट का फरमान

Thu, 09 Apr 2015 01:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 09 Apr 2015 01:08 PM IST
विज्ञापन
decree of high court on abortion of rape victim

करनाल की 12 वर्षीय दुराचार पीड़िता के गर्भपात पर हाईकोर्ट ने फरमान सुनाते हुए सरकार को अहम जिम्मेदारी सौंपी है। पीजीआई रोहतक के मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि गर्भपात कराना लड़की के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

विज्ञापन


उधर, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पीजीआई चंडीगढ़ को पीड़िता की डिलीवरी कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। इलाज और डिलीवरी का सारा खर्च हरियाणा सरकार वहन करेगी। पीड़िता के शिशु की परवरिश की जिम्मेदारी भी हरियाणा सरकार की ही होगी।
विज्ञापन


फरवरी महीने में दुराचार की एफआईआर दर्ज हुई थी। पीड़िता की डाक्टरी जांच में उसके गर्भवती होने की पुष्टि। उसकी मां ने गर्भपात कराने की गुहार लगाई।

करनाल के सीएमओ की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड ने कहा था कि पीड़िता बच्चे को जन्म दे सकती है, लेकिन पीजीआई रोहतक के मेडिकल बोर्ड के सदस्य डाक्टरों ने रिपोर्ट में कहा कि 28 सप्ताह का गर्भ है, ऐसे में गर्भपात पीड़िता के लिए खतरनाक साबित होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

अब गर्भपात की बजाय डिलीवरी कराने का आदेश

decree of high court on abortion of rape victim

इसी रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने अब गर्भपात की बजाय डिलीवरी कराने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि पीड़िता की डिलीवरी पीजीआई चंडीगढ़ कराए।

पीजीआई के डायरेक्टर को निर्देश दिया गया है कि किसी प्रकार से भी पीड़िता और जन्म लेने वाले बच्चे की पहचान सार्वजनिक न हो। प्रसुति के लिए प्राइवेट कमरा और अन्य सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। जो भी खर्च आए, उसके बिल हरियाणा सरकार को भेजें। सरकार को आदेश दिया है कि इन बिलों का भुगतान एक सप्ताह में कर दिया जाए।

अंतरिम राहत देते हुए हरियाणा सरकार को आदेश दिया गया है कि पीड़िता की मां को तुरंत दो लाख रुपये अदा किया जाए। यह राहत भविष्य में दी जाने वाली अन्य सुविधाओं से अलग होगी। पीड़िता की मां को छूट दी गई है कि यदि कोई परेशानी हो तो वह दोबारा हाईकोर्ट में अपील कर सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed