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बच्चों से घर में काम कराने से पहले ये खबर जरूर पढ़ लें, वरना पछताएंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 10 Sep 2017 02:32 PM IST
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child labour
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अगर आप घर में बच्चों काम कराते हैं तो सावधान रहें और ये खबर जरूर पढ़ लें। वरना इनकी तरह पछताएंगे और जुर्माना भरना पड़ेगा। 12 साल की बच्ची का अपहरण कर उससे घर पर जबरन काम कराने और ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामले में जिला अदालत से ही बरी हुए सेक्टर-27 निवासी व उद्यमी तरनजीत सिंह पर लोक अदालत में बाल मजदूरी के मामले में सीजेएम कोर्ट ने 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
वहीं लोक अदालत के दौरान बाल मजदूरी के कुल 126 मामले निपटाए गए। इनमें से दो अन्य केसों में भी सीजेएम कोर्ट ने दुकान पर बच्चों से काम कराने वाले दो दुकानदारों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। इनमें बुड़ैल स्थित एक कॉस्मेटिक और एक स्वीट शॉप के मालिक शामिल हैं। जुलाई 2016 में पुलिस ने पीड़ित बच्ची को शहर के सेक्टर-27 स्थित तरनजीत सिंह के घर से बरामद किया था। पीड़िता अपने मां-पिता के साथ फरीदाबाद में रहती थी और रेलवे स्टेशन पर बिछड़ गई थी।
आरोप के मुताबिक महिला और उसके साथी पीड़िता को लुधियाना भी ले गए थे। वहां उससे एक फैक्ट्री में भी कुछ दिन तक काम कराया गया। उसके बाद बच्ची को चंडीगढ़ ले गए। पुलिस को वुमन चाइल्ड हेल्पलाइन से फोन पर एक बच्ची से बाल श्रम कराने की शिकायत मिली थी। हेल्पलाइन की टीम मौके पर पहुंची और शिकायत सही पाई। इसके बाद टीम ने बच्ची को वहां से स्नेहालय भिजवा दिया। साथ ही इसकी शिकायत पुलिस को दी।
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पुलिस ने मामले में इंडस्ट्रियलिस्ट तरणजीत को गिरफ्तार किया। उसने पुलिस को भोला और उसकी पत्नी पूनम के बारे में बताया। पुलिस ने लुधियाना से भोला और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया। भोला से पूछताछ के आधार पर ही पीड़ित बच्ची मां-बाप से मिल सकी थी। जांच में यह भी पता चला था कि बच्ची के गुम होने पर उसके मां-बाप फरीदाबाद के पुलिस स्टेशन में उसकी फोटो लिए छानबीन भी करते रहे थे।
हालांकि अदालत ने बच्ची के बयान के आधार पर तीनों आरोपियों को बरी कर दिया था, लेकिन तरणजीत पर बच्ची से घर पर काम करवाने के मामले में बाल श्रम का अलग से केस दर्ज किया गया था। इस मामले में शनिवार को अदालत ने उस पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
डीएवी के तीन स्टूडेंट्स पर 5-5 हजार रुपये जुर्माना
सीजेएम कोर्ट ने डिफेसमेंट एक्ट 2007 की धारा 3(1) के तीन मामलों में डीएवी सेक्टर-10 के तीन स्टूडेंट्स पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पुलिस ने मूलरूप से हरियाणा के झज्जर नगर निवासी बृजेश्वर, साहित और दिनेश को सेक्टर-17 बस स्टैंड पर कॉलेज इलेक्शन के दौरान चुनावी पोस्टर लगाते पकड़ा था। अदालत ने तीनों पर 5-5 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
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वहीं लोक अदालत के दौरान बाल मजदूरी के कुल 126 मामले निपटाए गए। इनमें से दो अन्य केसों में भी सीजेएम कोर्ट ने दुकान पर बच्चों से काम कराने वाले दो दुकानदारों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। इनमें बुड़ैल स्थित एक कॉस्मेटिक और एक स्वीट शॉप के मालिक शामिल हैं। जुलाई 2016 में पुलिस ने पीड़ित बच्ची को शहर के सेक्टर-27 स्थित तरनजीत सिंह के घर से बरामद किया था। पीड़िता अपने मां-पिता के साथ फरीदाबाद में रहती थी और रेलवे स्टेशन पर बिछड़ गई थी।
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आरोप के मुताबिक महिला और उसके साथी पीड़िता को लुधियाना भी ले गए थे। वहां उससे एक फैक्ट्री में भी कुछ दिन तक काम कराया गया। उसके बाद बच्ची को चंडीगढ़ ले गए। पुलिस को वुमन चाइल्ड हेल्पलाइन से फोन पर एक बच्ची से बाल श्रम कराने की शिकायत मिली थी। हेल्पलाइन की टीम मौके पर पहुंची और शिकायत सही पाई। इसके बाद टीम ने बच्ची को वहां से स्नेहालय भिजवा दिया। साथ ही इसकी शिकायत पुलिस को दी।
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पुलिस ने मामले में इंडस्ट्रियलिस्ट तरणजीत को गिरफ्तार किया। उसने पुलिस को भोला और उसकी पत्नी पूनम के बारे में बताया। पुलिस ने लुधियाना से भोला और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया। भोला से पूछताछ के आधार पर ही पीड़ित बच्ची मां-बाप से मिल सकी थी। जांच में यह भी पता चला था कि बच्ची के गुम होने पर उसके मां-बाप फरीदाबाद के पुलिस स्टेशन में उसकी फोटो लिए छानबीन भी करते रहे थे।
हालांकि अदालत ने बच्ची के बयान के आधार पर तीनों आरोपियों को बरी कर दिया था, लेकिन तरणजीत पर बच्ची से घर पर काम करवाने के मामले में बाल श्रम का अलग से केस दर्ज किया गया था। इस मामले में शनिवार को अदालत ने उस पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
डीएवी के तीन स्टूडेंट्स पर 5-5 हजार रुपये जुर्माना
सीजेएम कोर्ट ने डिफेसमेंट एक्ट 2007 की धारा 3(1) के तीन मामलों में डीएवी सेक्टर-10 के तीन स्टूडेंट्स पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पुलिस ने मूलरूप से हरियाणा के झज्जर नगर निवासी बृजेश्वर, साहित और दिनेश को सेक्टर-17 बस स्टैंड पर कॉलेज इलेक्शन के दौरान चुनावी पोस्टर लगाते पकड़ा था। अदालत ने तीनों पर 5-5 हजार रुपये जुर्माना लगाया।