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मिर्च पाउडर सुलझाएगी 1.68 करोड़ की लूट की गुत्थी
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Wed, 11 Dec 2013 09:27 AM IST
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पिंजौर-सिसवां मार्ग पर पुलिस की वर्दी में आए लुटेरों द्वारा कैश लोडिंग वैन से 1.68 करोड़ रुपये लूटने की वारदात को 24 घंटे बीतने के बाद भी पंचकूला पुलिस के खाली हाथ हैं।
हालांकि, पुलिस ने कारिंदों से पूछताछ के आधार पर एक संदिग्ध के अलग-अलग एंगल से स्केच तैयार कराए हैं और वारदात की गुत्थी सुलझाने में पुलिस की 12 टीमें काम कर रही हैं।
वहीं, प्राथमिक जांच में सिक्योरिटी एजेंसी के कारिंदे पाक साफ निकले और अब वैन में मिला लाल मिर्च पाउडर ही मददगार साबित हो सकता है। एजेंसी के कारिंदों पर जो मिर्च पाउडर फेंका गया था, वह घटिया किस्म का पाउडर था।
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वैन में सवार चारों कारिंदों पर काफी पाउडर फेंका गया था, जो वैन की सीटों पर भी बिखरा मिला था। इतनी मात्रा में आंखों पर मिर्च पाउडर फेंके जाने के बावजूद इसका कोई खास असर नहीं दिखा।
सबकी आंखें ठीक हैं, जबकि आंखों में लाल मिर्च झोंकना काफी खतरनाक होता है। ऐसे में हो सकता है कि लुटेरों ने आसपास की किसी दुकान से पाउडर खरीदा हो?
हालांकि लुटेरे शातिर थे, क्योंकि मिर्च पाउडर बड़ी मात्रा में फेंकने के बाद भी मौके पर कोई खाली लिफाफा नहीं छोड़ा।
कार पर फर्जी नंबर लगाकर आए थे लुटेरे
जिस वेरना कार में लुटेरे आए थे, उसका नंबर 7812 की जांच करने पर पाया गया कि यह नंबर रोपड़ के एक व्यापारी की गाड़ी का है।
पिछले दिनों अमरावती में हुई लूट में भी इस्तेमाल गाड़ी का नंबर फर्जी था और वह जींद के व्यक्ति की गाड़ी का नंबर था। इससे पहले सेक्टर-14 में गोली मारकर हुई 17 लाख की लूट में भी जो गाड़ी इस्तेमाल हुई थी, उस पर भी लगा नंबर एक स्कूटर का था।
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हालांकि, पुलिस ने कारिंदों से पूछताछ के आधार पर एक संदिग्ध के अलग-अलग एंगल से स्केच तैयार कराए हैं और वारदात की गुत्थी सुलझाने में पुलिस की 12 टीमें काम कर रही हैं।
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वहीं, प्राथमिक जांच में सिक्योरिटी एजेंसी के कारिंदे पाक साफ निकले और अब वैन में मिला लाल मिर्च पाउडर ही मददगार साबित हो सकता है। एजेंसी के कारिंदों पर जो मिर्च पाउडर फेंका गया था, वह घटिया किस्म का पाउडर था।
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वैन में सवार चारों कारिंदों पर काफी पाउडर फेंका गया था, जो वैन की सीटों पर भी बिखरा मिला था। इतनी मात्रा में आंखों पर मिर्च पाउडर फेंके जाने के बावजूद इसका कोई खास असर नहीं दिखा।
सबकी आंखें ठीक हैं, जबकि आंखों में लाल मिर्च झोंकना काफी खतरनाक होता है। ऐसे में हो सकता है कि लुटेरों ने आसपास की किसी दुकान से पाउडर खरीदा हो?
हालांकि लुटेरे शातिर थे, क्योंकि मिर्च पाउडर बड़ी मात्रा में फेंकने के बाद भी मौके पर कोई खाली लिफाफा नहीं छोड़ा।
कार पर फर्जी नंबर लगाकर आए थे लुटेरे
जिस वेरना कार में लुटेरे आए थे, उसका नंबर 7812 की जांच करने पर पाया गया कि यह नंबर रोपड़ के एक व्यापारी की गाड़ी का है।
पिछले दिनों अमरावती में हुई लूट में भी इस्तेमाल गाड़ी का नंबर फर्जी था और वह जींद के व्यक्ति की गाड़ी का नंबर था। इससे पहले सेक्टर-14 में गोली मारकर हुई 17 लाख की लूट में भी जो गाड़ी इस्तेमाल हुई थी, उस पर भी लगा नंबर एक स्कूटर का था।