जिन गहनों के लिए महिला का मर्डर, वो नकली निकले
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पंजाब के पठानकोट में बुजुर्ग महिला मोहन देयी (85) की हत्या जिन गहनों के लिए की गई वह नकली निकले। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि उनमें से एक बुजुर्ग महिला के घर पर प्लंबर का काम कर चुका है।
दोनों आरोपी जुआ खेलने के आदी हैं और जुए के पैसे जुटाने के लिए उन्होंने महिला की हत्या कर लूट की। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस का दावा है कि उनमें से एक बुजुर्ग महिला के घर पर प्लंबर का काम कर चुका है। जुआ खेलने को पैसे जुटाने के लिए उसने लूट की नीयत से साथी के साथ मिलकर वृद्धा की हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उनसे लूटे गए गहने भी बरामद कर लिए गए हैं।
एसएसपी राकेश कौशल ने पत्रकारवार्ता में बताया कि कबीर नगर खानपुर निवासी दिनेश कुमार और आनंदपुर मोहल्ला के मानव महाजन ने मिलकर बुजुर्ग महिला मोहन देयी की हत्या की थी। दोनों जुआ खेलने के आदी हैं और जुए में पैसे हारने के बाद दोनों ने लूट की योजना बनाई थी।
रस्सी से गला दबाकर बुजुर्ग महिला की हत्या कर दी
उन्होंने बताया कि दिनेश प्लंबर का काम करता है और कुछ दिन पहले मोहन देयी के घर पर काम करके गया था। उसे महिला के अकेले होने की जानकारी थी। इसका फायदा उठाकर उसने अपने साथी मानव महाजन के साथ मिलकर लूट करने की योजना बनाई।
इसी इरादे से दोनों 18 अप्रैल को दिन के समय बुजुर्ग महिला के घर में दाखिल हुए। महिला ने उन्हें देख लिया इसपर दोनों ने रस्सी से गला दबाकर बुजुर्ग महिला की हत्या कर दी और गहने लेकर फरार हो गए।
उन्होंने बताया कि डीएसपी सिटी मनोज कुमार, थाना डिवीजन नं.1 के एसएचओ सुखजिंद्र पाल सिंह और एएसआई गुलशन कुमार पर आधारित टीम ने जांच पड़ताल के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से महिला के जेवर भी बरामद कर लिए गए हैं। उन्होंने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि हत्या के बाद आरोपी गहने बेचने के लिए गए थे लेकिन उक्त गहने नकली निकले।
यह था मामला
18 अप्रैल को मकान में अकेले रह रहीं मोहन देयी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। लुटेरे उनके गहने व नकदी भी ले गए थे। शुरूआत में उन्हें खाना देने आए साथ ही अलग मकान में रहने वाले बेटे राकेश कुमार ने मोहन देयी को ब्रेन हैमरेज होने की वजह से मौत होने की आशंका जताई थी। बाद में उनके गले के पास निशान देखकर हत्या किए जाने की आशंका जताई गई थी।